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पेयजल योजनाओं का संचालन भगवान भरोसे
ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2016 12:22 AM IST
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झांसी। प्रशासनिक सामंजस्य के अभाव में जिले की विभिन्न पेयजल योजनाएं लगभग ठप पड़ी हुई हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को निर्बाध रूप से पेयजल आपूर्ति नहीं मिल पा रही है।
जनपद में पाइप पेयजल योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में हुई जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में जिलाधिकारी अनुराग यादव ने निर्देश दिए थे कि सभी परियोजनाओं में संविदा पर पंप ऑपरेटर नियुक्त किए जाएं। लेकिन अभी तक कहीं भी पंप ऑपरेटर नियुक्त नहीं किए गए हैं।
इतना ही नहीं करोड़ों रुपये की लागत से जल निगम द्वारा बनाई गईं 59 पेयजल परियोजनाओं को ग्राम पंचायतों के हवाले नहीं किया गया, इस कारण इनके मेंटीनेंस का काम नहीं हो पा रहा है। अधिकांश योजनाएं आंशिक रूप से बंद हो गई हैं।
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ग्राम पंचायतों की 40 परियोजनाओं का संचालन भी रेंग रहा है। वहीं जल संस्थान द्वारा बनाई गईं 27 परियोजनाएं अन्य की अपेक्षाकृत सही चल रही हैं।
यह परियोजना नहीं दे पा रही हैं पानी
जल निगम की अक्सेव, मड़ोरी, शमशेरपुरा, बरौल पेयजल परियोजनाएं बंद पड़ी हैं। वहीं ग्राम पंचायतों की सिमरी, बराठा, लिधौरा, गेंदा कबूला पेयजल परियोजनाएं आंशिक रूप से बंद हैं।
खराबी के कारण पानी नहीं दे पा रहीं पेयजल परियोजनाओं की मरम्मत के लिए स्टीमेट बनाने के आदेश दे दिए गए हैं। जो परियोजनाएं आंशिक रूप से बंद हैं उनकी सूचनाएं भी तलब की गई हैं। अतिशीघ्र समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा।
प्रहलाद सिंह, प्रभारी डीडीओ
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जनपद में पाइप पेयजल योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में हुई जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक में जिलाधिकारी अनुराग यादव ने निर्देश दिए थे कि सभी परियोजनाओं में संविदा पर पंप ऑपरेटर नियुक्त किए जाएं। लेकिन अभी तक कहीं भी पंप ऑपरेटर नियुक्त नहीं किए गए हैं।
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इतना ही नहीं करोड़ों रुपये की लागत से जल निगम द्वारा बनाई गईं 59 पेयजल परियोजनाओं को ग्राम पंचायतों के हवाले नहीं किया गया, इस कारण इनके मेंटीनेंस का काम नहीं हो पा रहा है। अधिकांश योजनाएं आंशिक रूप से बंद हो गई हैं।
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ग्राम पंचायतों की 40 परियोजनाओं का संचालन भी रेंग रहा है। वहीं जल संस्थान द्वारा बनाई गईं 27 परियोजनाएं अन्य की अपेक्षाकृत सही चल रही हैं।
यह परियोजना नहीं दे पा रही हैं पानी
जल निगम की अक्सेव, मड़ोरी, शमशेरपुरा, बरौल पेयजल परियोजनाएं बंद पड़ी हैं। वहीं ग्राम पंचायतों की सिमरी, बराठा, लिधौरा, गेंदा कबूला पेयजल परियोजनाएं आंशिक रूप से बंद हैं।
खराबी के कारण पानी नहीं दे पा रहीं पेयजल परियोजनाओं की मरम्मत के लिए स्टीमेट बनाने के आदेश दे दिए गए हैं। जो परियोजनाएं आंशिक रूप से बंद हैं उनकी सूचनाएं भी तलब की गई हैं। अतिशीघ्र समस्याओं का समाधान करा दिया जाएगा।
प्रहलाद सिंह, प्रभारी डीडीओ