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Jhansi News: 500 बेड का अस्पताल 15 मई को सौंपने पर संशय
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मंडलायुक्त ने दूसरी बात तय की तिथि, बिल्डिंग तैयार, मगर सोमवार तक नहीं मिली फायर एनओसी
- जानकार बोले, 15 तो नहीं 20 मई तक बिल्डिंग सौंप दी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में 15600 वर्ग मीटर भूमि पर 174 करोड़ की लागत से 500 बेड का अस्पताल बन गया है। अत्याधुनिक आठ ऑपरेशन थियेटर, 13 एएचयू (ऑटोमेटिक एयर हैंडलिंग यूनिट) व फायर सिस्टम लग चुका है। मंडलायुक्त ने अस्पताल सौंपने की तारीख दूसरी बार 15 मई नियत की है। कार्यदायी संस्था का दावा है बिल्डिंग तैयार है। जितनी खामियां मेडिकल कॉलेज कमेटी ने बताई थी, उनको दूर कर दिया है। वहीं, सोमवार तक फायर एनओसी नहीं मिली। कमेटी की तरफ से बताई कई खामियां खत्म नहीं हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि 15 तो नहीं 20 मई तक बिल्डिंग सौंप दी जाएगी।
शासन-प्रशासन जल्द 500 बेड का अस्पताल शुरू करना चाहता है। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे लगातार प्रगति पर निगरानी रख रहे हैं और समय-समय पर निरीक्षण कर निर्देश भी दे रहे हैं। मंडलायुक्त बिल्डिंग सौंपने के लिए दो बार तारीख नियत कर चुके हैं। पहली तारीख फरवरी में तय की, मगर बिजली का कनेक्शन भी नहीं हुआ था। इसके बाद 15 मई की तारीख तय कर सख्त निर्देश दिए। कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम गुणवत्ता की जांच के लिए बनाई, जिसमें बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंदेल और जेई शामिल हैं। नौ मई को टीम ने खामियों की सूची थमाई। कार्यदायी संस्था का दावा है कि खामियां दूर कर ली हैं। वहीं, सूत्र बताते हैं कि कॉलेज प्रशासन कोई रिस्क लेना नहीं चाहता है, इसलिए हर कदम फूंक-फूंककर उठा रहा है।
0- 15 मई को आएंगे मंडलायुक्त, शुरू हो सकती है सौंपने की प्रक्रिया
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मंडलायुक्त 15 मई को बिल्डिंग सौंपने की तारीख पर 500 बेड अस्पताल पहुंचेंगे। बिल्डिंग सौंपने की प्रक्रिया चरणबद्ध भूतल, प्रथम, द्वितीय व तृतीय तल के हिसाब से शुरू हो सकती है।
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0- जनरल वार्ड होगा 12 या 13 बेड का
500 बेड का अस्पताल 10 वर्ष में बनकर तैयार हुआ है। ग्राउंड व तीन मंजिला बिल्डिंग में 12 या 13 बेड के जनरल वार्ड बनाए हैं। सेमी प्राइवेट वार्ड में 52 बेड व प्राइवेट 32 बेड के हैं।
0- भूतल पर ट्रॉमा व पहली मंजिल पर अन्य रोगी होंगे भर्ती
चार प्रवेश-निकास द्वार हैं। एंबुलेंस के लिए बड़ा रास्ता बनाया है, जो ट्रॉमा सेंटर के पोर्च में पहुंचता है। ट्रॉमा के मरीजों का उपचार भूतल पर होगा। हार्ट अटैक, बुखार, ब्रेन हैमरेज, विषाक्त पदार्थ के रोगी पहली मंजिल पर बनी इमरजेंसी में पहुंचेंगे। रोगियों के आवागमन के लिए सात लिफ्ट लगाई है।
0- खून-पेशाब की जांच होगी और ब्लड बैंक भी
इमरजेंसी रोगियों के खून-पेशाब की जांच, एक्सरे व सीटी स्कैन आदि इसी बिल्डिंग में होंगे। दूसरी मंजिल पर ब्लड बैंक बनेगी, जहां जरूरत पर रोगियों को खून उपलब्ध कराया जाएगा।
0- वार्डों की बिल्डिंग से जुड़ा है अस्पताल
500 बेड का अस्पताल वार्डों की बिल्डिंग से जुड़ा है ताकि बेड फुल होने पर रोगियों को आसानी से शिफ्ट किया जा सके। भूतल को वार्ड नंबर 10 के पास जोड़ा गया है, जहां से आसानी से रोगियों का आवागमन हो सकेगा।
0- 137 करोड़ से लागत पहुंची 147 करोड़
10 साल पहले अस्पताल निर्माण का बजट 137 करोड़ था। कुछ समय बाद अस्पताल वातानुकूलित करने और धनराशि मिलने में देरी से बजट 147 करोड़ पहुंच गया। वर्ष 2016 से बजट नहीं मिलने से निर्माण छह साल तक बंद रहा। मई 2023 में बजट जारी हुआ तब निर्माण तेजी से शुरू हुआ।
0- 28 करोड़ के उपकरण खरीदेगा कॉलेज
कॉलेज प्रशासन 28 करोड़ रुपये में जीवनरक्षक उपकरण खरीदेगा। सूत्रों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान टेक्निकल बिड खुल चुकी है। शासन से बजट मिलते ही उपकरण खरीदना शुरू हो जाएगा।
0- ये कहना है जिम्मेदारों का
बिल्डिंग सौंपने के लिए तैयार है। हां, फायर एनओसी नहीं है, वह भी 15 मई तक मिल जाएगी।
- एसके अग्निहोत्री, प्रोजेक्ट मैनेजर निर्माण निगम
बिल्डिंग तैयार होगी तो सौंपी जाएगी। टीम लगातार खामियां दूर कराने में जुटी है। डॉ. मयंक सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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- जानकार बोले, 15 तो नहीं 20 मई तक बिल्डिंग सौंप दी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मेडिकल कॉलेज में 15600 वर्ग मीटर भूमि पर 174 करोड़ की लागत से 500 बेड का अस्पताल बन गया है। अत्याधुनिक आठ ऑपरेशन थियेटर, 13 एएचयू (ऑटोमेटिक एयर हैंडलिंग यूनिट) व फायर सिस्टम लग चुका है। मंडलायुक्त ने अस्पताल सौंपने की तारीख दूसरी बार 15 मई नियत की है। कार्यदायी संस्था का दावा है बिल्डिंग तैयार है। जितनी खामियां मेडिकल कॉलेज कमेटी ने बताई थी, उनको दूर कर दिया है। वहीं, सोमवार तक फायर एनओसी नहीं मिली। कमेटी की तरफ से बताई कई खामियां खत्म नहीं हुई हैं। सूत्रों का कहना है कि 15 तो नहीं 20 मई तक बिल्डिंग सौंप दी जाएगी।
शासन-प्रशासन जल्द 500 बेड का अस्पताल शुरू करना चाहता है। मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे लगातार प्रगति पर निगरानी रख रहे हैं और समय-समय पर निरीक्षण कर निर्देश भी दे रहे हैं। मंडलायुक्त बिल्डिंग सौंपने के लिए दो बार तारीख नियत कर चुके हैं। पहली तारीख फरवरी में तय की, मगर बिजली का कनेक्शन भी नहीं हुआ था। इसके बाद 15 मई की तारीख तय कर सख्त निर्देश दिए। कॉलेज प्रशासन ने तीन सदस्यीय टीम गुणवत्ता की जांच के लिए बनाई, जिसमें बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप चंदेल और जेई शामिल हैं। नौ मई को टीम ने खामियों की सूची थमाई। कार्यदायी संस्था का दावा है कि खामियां दूर कर ली हैं। वहीं, सूत्र बताते हैं कि कॉलेज प्रशासन कोई रिस्क लेना नहीं चाहता है, इसलिए हर कदम फूंक-फूंककर उठा रहा है।
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0- 15 मई को आएंगे मंडलायुक्त, शुरू हो सकती है सौंपने की प्रक्रिया
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि मंडलायुक्त 15 मई को बिल्डिंग सौंपने की तारीख पर 500 बेड अस्पताल पहुंचेंगे। बिल्डिंग सौंपने की प्रक्रिया चरणबद्ध भूतल, प्रथम, द्वितीय व तृतीय तल के हिसाब से शुरू हो सकती है।
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0- जनरल वार्ड होगा 12 या 13 बेड का
500 बेड का अस्पताल 10 वर्ष में बनकर तैयार हुआ है। ग्राउंड व तीन मंजिला बिल्डिंग में 12 या 13 बेड के जनरल वार्ड बनाए हैं। सेमी प्राइवेट वार्ड में 52 बेड व प्राइवेट 32 बेड के हैं।
0- भूतल पर ट्रॉमा व पहली मंजिल पर अन्य रोगी होंगे भर्ती
चार प्रवेश-निकास द्वार हैं। एंबुलेंस के लिए बड़ा रास्ता बनाया है, जो ट्रॉमा सेंटर के पोर्च में पहुंचता है। ट्रॉमा के मरीजों का उपचार भूतल पर होगा। हार्ट अटैक, बुखार, ब्रेन हैमरेज, विषाक्त पदार्थ के रोगी पहली मंजिल पर बनी इमरजेंसी में पहुंचेंगे। रोगियों के आवागमन के लिए सात लिफ्ट लगाई है।
0- खून-पेशाब की जांच होगी और ब्लड बैंक भी
इमरजेंसी रोगियों के खून-पेशाब की जांच, एक्सरे व सीटी स्कैन आदि इसी बिल्डिंग में होंगे। दूसरी मंजिल पर ब्लड बैंक बनेगी, जहां जरूरत पर रोगियों को खून उपलब्ध कराया जाएगा।
0- वार्डों की बिल्डिंग से जुड़ा है अस्पताल
500 बेड का अस्पताल वार्डों की बिल्डिंग से जुड़ा है ताकि बेड फुल होने पर रोगियों को आसानी से शिफ्ट किया जा सके। भूतल को वार्ड नंबर 10 के पास जोड़ा गया है, जहां से आसानी से रोगियों का आवागमन हो सकेगा।
0- 137 करोड़ से लागत पहुंची 147 करोड़
10 साल पहले अस्पताल निर्माण का बजट 137 करोड़ था। कुछ समय बाद अस्पताल वातानुकूलित करने और धनराशि मिलने में देरी से बजट 147 करोड़ पहुंच गया। वर्ष 2016 से बजट नहीं मिलने से निर्माण छह साल तक बंद रहा। मई 2023 में बजट जारी हुआ तब निर्माण तेजी से शुरू हुआ।
0- 28 करोड़ के उपकरण खरीदेगा कॉलेज
कॉलेज प्रशासन 28 करोड़ रुपये में जीवनरक्षक उपकरण खरीदेगा। सूत्रों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान टेक्निकल बिड खुल चुकी है। शासन से बजट मिलते ही उपकरण खरीदना शुरू हो जाएगा।
0- ये कहना है जिम्मेदारों का
बिल्डिंग सौंपने के लिए तैयार है। हां, फायर एनओसी नहीं है, वह भी 15 मई तक मिल जाएगी।
- एसके अग्निहोत्री, प्रोजेक्ट मैनेजर निर्माण निगम
बिल्डिंग तैयार होगी तो सौंपी जाएगी। टीम लगातार खामियां दूर कराने में जुटी है। डॉ. मयंक सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज