फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Doctor strike not see paisent in hospital

हड़ताल पर रहे इंडियन मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े डॉक्टर, नहीं देखे मरीज

Sat, 12 Dec 2020 12:38 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2020 12:38 AM IST
विज्ञापन
Doctor strike not see paisent in hospital
झांसी। आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी करने की अनुमति देने के विरोध में शुक्रवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के बैनर तले डॉक्टर हड़ताल पर रहे। चिकित्सकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर विरोध जताया। इस दौरान उन्होंने कहा सरकार के इस फैसले से इलाज की गुणवत्ता व चिकित्सा का स्तर गिरेगा। हड़ताल से निजी अस्पतालों में मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। उधर, नए कानून के समर्थन में नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) से जुड़े डॉक्टरों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार के फैसले को सही ठहराया।
विज्ञापन

हड़ताल के चलते प्राइवेट चिकित्सक सुबह से ही स्वास्थ्य सेवाएं से दूर रहे। इससे सबसे ज्यादा परेशानी निजी अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों को उठानी पड़ी। मरीजों को बगैर परामर्श लिए ही वापस लौटना पड़ा। हालांकि, निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों का इलाज जारी रहा। इस दरम्यान चिकित्सकों का एक प्रतिनिधिमंडल कलक्ट्रेट पहुंचा। यहां चिकित्सकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसमें बताया कि सरकार के नए कानून के अनुसार किसी भी तरह के आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सर्जरी करने की अनुमति दी जा रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश में चिकित्सकों की संख्या दिखाई जा सके। लेकिन, इससे मरीजों को भारी नुकसान होगा। एमबीबीएस और आयुष चिकित्सकों में भेद करना मुश्किल होगा। उन्होंने इस नियम को वापस लेने की मांग की।
विज्ञापन

इस मौके पर आईएमए अध्यक्ष डॉ. प्रदीप पांडेय, सचिव डॉ. अनु निगम, डॉ. आरआर सिंह, डॉ. मृगेंद्र राजपूत, डॉ. रोबिन श्रीवास्तव, डॉ. हरदीप सिंह, डॉ. आशीष कनौजिया, डॉ. अरनव चौहान, डॉ. आदिल, डॉ. इमरोज अंसारी, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. अरविंद कनकने, डॉ. पुष्पेंद्र कुमार, डॉ. रवि कुमार, डॉ. रमाकांत, डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, डॉ. अनुपमा प्रकाश, डॉ. मयंक गोयल, डॉ. पंकज गुप्ता, डॉ. कामद दीक्षित आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

नए कानून के समर्थन में उतरे नीमा चिकित्सक
- प्रदर्शन कर सरकार का आभार जताया
झांसी। नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) से जुड़े चिकित्सकों ने नए कानून का समर्थन किया। सभी चिकित्सकों ने अपने क्लिनिक खुले रखे व मरीजों का इलाज किया। इस दौरान नीमा चिकित्सकों ने नए कानून के समर्थन में प्रदर्शन भी किया।
शाम को नीमा के बैनर तले चिकित्सक गांधी प्रतिमा के समक्ष इकट्ठा हुए। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. अतुल प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार ने सर्जरी का अधिकार छह माह के डिप्लोमा धारक को नहीं, बल्कि साढ़े चार साल की बीएएमएस डिग्री धारक को दिया हे। इसके लिए आयुष चिकित्सक केंद्र सरकार व आयुष मंत्रालय के आभारी हैं। इस अवसर पर नीमा अध्यक्ष डॉ. प्रतिमा भार्गव, डॉ. महेंद्र शर्मा, डॉ. केएन मिश्रा, डॉ. पी सिंह, डॉ. जिनेंद्र जैन, डॉ. अनिल सोनी, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. शरण द्विवेदी, डॉ. अमित बरसैंया, डॉ. गौरव बाजपेई, डॉ. विकास श्रीवास्तव, डॉ. अमित राय, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. देवेश रावत, डॉ. शशांक कोटिया आदि मौजूद रहे।

सरकार वापस ले अपना फैसला
झांसी। रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने नए कानून के विरोध में विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा, जिसके माध्यम से चिकित्सकों ने कहा कि एलोपैथी में पेट, आंख, कान आदि के अलग-अलग चिकित्सक होते हैं। लेकिन, दूसरी पद्धतियों में ऐसा नहीं है। आयुष चिकित्सकों को सर्जरी करने की अनुमति दिए जाने से चिकित्सा का स्तर गिरने की संभावना है। मरीज के इलाज की गुणवत्ता भी प्रभावित होगी। रेजीडेंट डाक्टरों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. हरदीप जोगी, डॉ. आशीष कनोजिया समेत अन्य चिकित्सक मौजूद रहे। वहीं, इंडियन डेंटल एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने भी जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर सरकारी फैसले का विरोध किया। इस मौके पर अध्यक्ष डॉ. राजकमल श्रीवास्तव, सचिव धीरज प्रकाश, डॉ. विजय भारद्वाज, डॉ. शिवाशीष खरे आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed