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90 करोड़ के पेंच में फंसा दो लाख किसानों का बीमा

Fri, 06 Mar 2020 01:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 06 Mar 2020 01:54 AM IST
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crop loss
झांसी। खरीफ की फसल को हुए नुकसान का बीमा अब तक किसानों को नहीं मिल सका है। बीमा राशि में 90 करोड़ रुपये का इजाफा हो जाने से इसके वितरण में पेंच फंस गया है। यह पैसा कब तक किसानों तक पहुंचेगा, इसको लेकर कृषि अफसरों ने भी चुप्पी साध रखी है।
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प्रधानमंत्री बीमा योजना के जरिए झांसी में 2.05 लाख किसानों ने खरीफ फसल के लिए बीमा कराया था। पिछले वर्ष सितंबर माह में अचानक जलवृष्टि शुरू होने से खरीफ की फसल को काफी नुकसान पहुंचा। कृषि विभाग के आंकड़ों में मूंग 100 फीसदी, उर्द 90 फीसदी, तिल 90 फीसदी, मूंगफली 40 फीसदी एवं धान में पांच फीसदी नुकसान होने की बात मानी गई। लंबे परीक्षण के बाद जनवरी माह में इन किसानों के लिए कुल 119 करोड़ रुपये की बीमा राशि तय हुई। फरवरी तक किसानों के बीच रकम बांटी जानी थी लेकिन जब जांच पड़ताल शुरू हुई तब कृषि अफसरों की लापरवाही के चलते इसमें मूंगफली किसानों को शामिल ही नहीं किया गया था।
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हंगामा होने के बाद मूंगफली किसानों के लिए 40 करोड़ रुपये जोड़े गए। इसी तरह पांच वर्ष में हुई फसल के उच्चतम स्तर को आधार बनाकर बीमा राशि तय की गई, तब बीमा राशि में 90 करोड़ का इजाफा हो गया। यह राशि बढ़कर अब करीब 209 करोड़ तक पहुंच गई लेकिन अभी तक इसके बंटवारे की कोई समयसीमा तय नहीं हो सकी है। कृषि अफसरों के मुताबिक पैसों की मंजूरी के लिए फाइल बीमा कंपनी के कोलकता स्थित मुख्यालय भेजी गई है लेकिन समयसीमा के बारे में वे कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। डीडी कृषि कमल कटियार ने भी किसानों तक मुआवजा पहुंचने की समयसीमा को लेकर चुप्पी साध रखी है।
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बीमा कंपनी को हासिल हुआ 115.2 करोड़ का प्रीमियम
खरीफ की फसल के बीमा का काम राष्ट्रीय बीमा कंपनी नेशनल इंश्योेरेंस कंपनी के हवाले था। उसने कुल 2.05 लाख किसानों का बीमा किया। इस तरह उसे कुल 115.2 करोड़ रुपये प्रीमियम के तौर पर हासिल हुए लेकिन, मुआवजा बांटने के बाद उसे 90 करोड़ रुपये का भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ रहा है। सूत्रों का कहना है मुआवजा बांटने में हुए नुकसान की वजह से कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई हुई है।
एक नजर में आंकड़े
बीमित किसानों की संख्या 205215
ऋणी किसान 203856
गैर ऋणी किसान 1359
कुल बीमित फसल का क्षेत्रफल 165561.88 हेक्टेयर
प्रीमियम में कृषक अंश 9.85 करोड़
प्रीमियम में सरकार का अंश 104 .34 करोड़
वितरित होने बीमा 209 करोड़
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