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क्राप कटिंग के आंकड़ों से तय होगा बुंदेलखंड का सूखा
ब्यूरो
Updated Wed, 04 Nov 2015 01:21 AM IST
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झांसी। प्रदेश के कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार ने कहा कि किसानों का बीजों का अनुदान देने में उत्पीड़न न किया जाए। ऐसी शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी। बुंदेलखंड की भौगोलिक स्थिति अन्य क्षेत्रों से भिन्न है। पानी की कमी से यहां खेती चुनौती है। मुख्यमंत्री भी इस क्षेत्र को लेकर विशेष चिंतित हैं। यह बात उन्होंने मंगलवार को मंडलीय रबी उत्पादकता गोष्ठी में कही।
मेडिकल कॉलेज के ऑडीटोरियम में आयोजित गोष्ठी में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि कम वर्षा से बुंदेलखंड में कृषि कार्य प्रभावित है। संभावित सूखे को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा बैठक कर ली गई है। क्राप कटिंग के आंकड़े प्राप्त होते ही निर्णय ले लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानी के चुनाव की आचार संहिता लगने से पूर्व मनरेगा के तहत अधिक से अधिक काम टेकअप किए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को रोजगार प्राप्त हो सके। नहरों का संचालन रोस्टर के अनुसार हो, इसमें शिथिलता पर कार्रवाई होगी। यहां भूमि ऊंची - नीची होने से सिंचाई नहीं हो पाती है। अत: किसान ड्रिप एरीगेशन, माइक्रो एरीगेशन व स्प्रिंकलर से सिंचाई कार्य करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चारे, बीज व उर्वरक की कोई कमी नहीं है।
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गोष्ठी में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव दीपक त्रिवेदी ने कहा कि मनरेगा कार्य में तेजी लाएं व समय से भुगतान किया जाए। फसल प्रभावित किसानों को मनरेगा में काम दिलाने का प्रयास हो। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि डीएम कृषि यंत्रीकरण योजना की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करें। जनपद में संवेदना समिति बनाई जाए, जो आपदा पीड़ित किसानों से बात करे। प्रमुख सचिव सहकारिता किशन सिंह इटोरिया ने उर्वरक की समुचित मात्रा में उपलब्धता की जानकारी दी।
मंडलायुक्त के राम मोहन राव ने आच्छादन व सिंचित क्षेत्र की जानकारी दी। चित्रकूट के मंडलायुक्त वेंकटेश्वर लू ने कहा कि कम बारिश से मंडल में फसलें प्रभावित हुई हैं। वैज्ञानिक डा. वी के सिंह ने कम पानी वाली फसलों की जानकारी दी। इस दौरान उद्यान निदेशक एस पी जोशी, निदेशक पशु पालन डा. राजेश वार्ष्णेय आदि ने भी जानकारियां दीं। संचालन संयुक्त कृषि निदेशक एस के अग्निहोत्री व उप कृषि निदेशक डा. यू पी सिंह ने किया।
पोषण वाटिका बनेगी वरदान
झांसी। गोष्ठी में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसानों के लिए उद्यान विभाग की पोषण वाटिका योजना वरदान साबित होगी। किसान इस योजना से उद्यान लगाएं और अनुदान पाएं। जैसे - जैसे उद्यान बढ़ेगा, अनुदान प्राप्त होता रहेगा। किसान आय बढ़ाने को नई प्रजाति के बेर का उत्पादन करें। साथ ही फूलों की खेती से भी किसान लाभ प्राप्त करें।
सूखाग्रस्त घोषित किया जाए बुंदेलखंड
झांसी। कृषि उत्पादन आयुक्त के समक्ष बुंदेलखंड के विभिन्न जनपदों से आए किसानों ने कई मांगें रखीं।
झांसी के किसान कमलेश लंबरदार ने बीज की गुणवत्ता बनाए रखने, अवधेश प्रताप सिंह ने किसानों को योजनाओं का लाभ खेत पर दिए जाने व जवाहर लाल राजपूत ने क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग की। जालौन के राजवीर सिंह ने किसानों को बीमा देने, ललितपुर के राजपाल यादव ने उन्नतशील व प्रमाणित बीज देने, हमीरपुर के बलराम सिंह ने भूमि सेना योजना को बहाल करने, महोबा के राजेश कुमार चौबे ने बंधियों के क्षतिग्रस्त होने की समस्या बताई व बांदा के प्रेम सिंह ने अन्ना प्रथा पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।
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मेडिकल कॉलेज के ऑडीटोरियम में आयोजित गोष्ठी में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि कम वर्षा से बुंदेलखंड में कृषि कार्य प्रभावित है। संभावित सूखे को दृष्टिगत रखते हुए मुख्यमंत्री द्वारा बैठक कर ली गई है। क्राप कटिंग के आंकड़े प्राप्त होते ही निर्णय ले लिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि प्रधानी के चुनाव की आचार संहिता लगने से पूर्व मनरेगा के तहत अधिक से अधिक काम टेकअप किए जाएं, ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को रोजगार प्राप्त हो सके। नहरों का संचालन रोस्टर के अनुसार हो, इसमें शिथिलता पर कार्रवाई होगी। यहां भूमि ऊंची - नीची होने से सिंचाई नहीं हो पाती है। अत: किसान ड्रिप एरीगेशन, माइक्रो एरीगेशन व स्प्रिंकलर से सिंचाई कार्य करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चारे, बीज व उर्वरक की कोई कमी नहीं है।
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गोष्ठी में ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव दीपक त्रिवेदी ने कहा कि मनरेगा कार्य में तेजी लाएं व समय से भुगतान किया जाए। फसल प्रभावित किसानों को मनरेगा में काम दिलाने का प्रयास हो। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने कहा कि डीएम कृषि यंत्रीकरण योजना की प्रत्येक सप्ताह समीक्षा करें। जनपद में संवेदना समिति बनाई जाए, जो आपदा पीड़ित किसानों से बात करे। प्रमुख सचिव सहकारिता किशन सिंह इटोरिया ने उर्वरक की समुचित मात्रा में उपलब्धता की जानकारी दी।
मंडलायुक्त के राम मोहन राव ने आच्छादन व सिंचित क्षेत्र की जानकारी दी। चित्रकूट के मंडलायुक्त वेंकटेश्वर लू ने कहा कि कम बारिश से मंडल में फसलें प्रभावित हुई हैं। वैज्ञानिक डा. वी के सिंह ने कम पानी वाली फसलों की जानकारी दी। इस दौरान उद्यान निदेशक एस पी जोशी, निदेशक पशु पालन डा. राजेश वार्ष्णेय आदि ने भी जानकारियां दीं। संचालन संयुक्त कृषि निदेशक एस के अग्निहोत्री व उप कृषि निदेशक डा. यू पी सिंह ने किया।
पोषण वाटिका बनेगी वरदान
झांसी। गोष्ठी में कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि किसानों के लिए उद्यान विभाग की पोषण वाटिका योजना वरदान साबित होगी। किसान इस योजना से उद्यान लगाएं और अनुदान पाएं। जैसे - जैसे उद्यान बढ़ेगा, अनुदान प्राप्त होता रहेगा। किसान आय बढ़ाने को नई प्रजाति के बेर का उत्पादन करें। साथ ही फूलों की खेती से भी किसान लाभ प्राप्त करें।
सूखाग्रस्त घोषित किया जाए बुंदेलखंड
झांसी। कृषि उत्पादन आयुक्त के समक्ष बुंदेलखंड के विभिन्न जनपदों से आए किसानों ने कई मांगें रखीं।
झांसी के किसान कमलेश लंबरदार ने बीज की गुणवत्ता बनाए रखने, अवधेश प्रताप सिंह ने किसानों को योजनाओं का लाभ खेत पर दिए जाने व जवाहर लाल राजपूत ने क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने की मांग की। जालौन के राजवीर सिंह ने किसानों को बीमा देने, ललितपुर के राजपाल यादव ने उन्नतशील व प्रमाणित बीज देने, हमीरपुर के बलराम सिंह ने भूमि सेना योजना को बहाल करने, महोबा के राजेश कुमार चौबे ने बंधियों के क्षतिग्रस्त होने की समस्या बताई व बांदा के प्रेम सिंह ने अन्ना प्रथा पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की।