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चढ़े तापमान में पटरी ने छोड़ा साथ, सात गैंगमैन घायल

Sun, 08 May 2016 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 08 May 2016 01:11 AM IST
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With track temperatures climbed abandoned , injured seven gangmen
railway line, jhansi news - फोटो : demo
झांसी। रेल मंडल के ललितपुर - जीरौन स्टेशनों के मध्य डाउन मार्ग की पटरी पर चल रहे डीस्ट्रेसिंग (गर्मी में फैलने वाली पटरी को काटने का काम) कार्य के दौरान शनिवार को पटरी एक हिस्सा फैलकर टेढ़ा गया। इसकी चपेट में आने से सात गैंगमैन घायल हो गए। घायल गैंगमैनों को उपचार के लिए रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे का कारण अधिक तापमान पर कार्य करना बताया जा रहा है।
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शनिवार को दोपहर करीब दो बजे ललितपुर व जीरौन स्टेशनों के मध्य बम्हौरी कला गेट नंबर 28 के निकट ब्लाक लेकर डीस्ट्रेसिंग का कार्य किया जा रहा था। रेल पथ निरीक्षक संदीप द्विवेदी की देखरेख में जाखलौन की गैंग नंबर छह, जीरौन की गैंग नंबर सात व ललितपुर की गैंग नंबर आठ के कर्मचारी डाउन रेल मार्ग की पटरी पर काम कर रहे थे। इसी गैंगमैनों की संख्या करीब सत्तर होगी। दोनों तरफ पटरी को काटने के बाद गैंगमैन पटरी की चाबियां खोल रहे थे।
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इस बीच अधिक तापमान होने के कारण चाबियां खुलते ही पटरी का एक झटके से फैल गई, इसकी चपेट में आने से सात गैंगमैनों के पैर जख्मी हो गए। हादसे के बाद घायल गैंगमैनों में चीख पुकार मच गई। यह देख अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
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हादसे में जाखलौन निवासी सोहन सिंह (27) पुत्र मलधुराम, जानकी (59) पुत्र मुलायम सिंह यादव, कृष्ण पाल सिंह (27) पुत्र घनश्याम, मुकेश (21) पुत्र श्याम लाल, ललितपुर निवासी जीवन लाल (58) पुत्र पुनू, बृजेंद्र सिंह (23) पुत्र रतन सिंह व जीरौन निवासी जितेंद्र (20) पुत्र जगदीश घायल हो गए। बाद में सभी घायलों को उपचार के लिए रेलवे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, कर्मचारियों के अस्पताल में भर्ती होने के बाद यूनियन नेताओं के अलावा कोई भी रेल अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा।

यह होता है डीस्ट्रेसिंग
गर्मी में रेल पटरियां फैलती हैं। इस दौरान रेल को मानक के हिसाब से बनाए रखने के लिए पांच सौ मीटर से एक किलोमीटर के फासले पर पटरी का दोनों तरफ काट दिया जाता है। इसके बाद बीच की पटरियों की चाबियां खोल दी जाती हैं। इसके बाद जो गर्मी से पटरी की लंबाई में जो फैलाव आता है, उस हिस्से को काट दिया जाता है। यह काम सुबह व शाम के समय कम तापमान में ही होना चाहिए। इस पूरी व्यवस्था को डीस्ट्रेसिंग कहते है।


लंच में कराया जा रहा था काम
घायल कर्मचारियों ने बताया कि उनसे लंच के दौरान काम कराया जा रहा था। उन्होंने बताया कि अक्सर उनके अधिकारी उन्हें लंच से वंचित कर देते हैं। उनसे सुबह से लेकर शाम तक काम कराया जाता है।
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