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गले नहीं उतर रही है पुलिस की कहानी, डील की चर्चा
amarujala
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:15 AM IST
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police jhansi news
- फोटो : demo
झांसी। अगवा सराफा कारोबारियों को मुक्त कराने में पुलिस की कहानी आसानी से लोगों को पच नहीं रही है। चर्चा है कि कारोबारियों को फिरौती देने के बाद छोड़ा गया है। लोग कारोबारियों के मुक्त होने के घटनाक्रम को पुलिस की रटी रटाई कहानी बता रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने फिरौती देकर छोड़े जाने से साफ इंकार किया।
शहर में पिछले चार - पांच दिन से चर्चा थी कि अगवा कारोबारियों को छोड़ने के बदले में राजू कमरया के परिजनों से दस करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। हालांकि, पुलिस इससे शुरू से ही इंकार कर रही थी और परिजन भी इसकी पुष्टि नहीं की। अपह्त राजू कमरया और राहुल अग्रवाल के मंगलवार की रात आगरा में बरामद होने पर फिरौती देकर मुक्त करने की चर्चा तेज हो गई। लोगों का कहना रहा कि बगैर किसी बदमाश को पकड़े अपह्तों के छूटने की पुलिस की कहानी पुरानी है। इस पर आसानी से विश्वास नहीं किया जा सकता। इसके पीछे कोई ‘डील’ हुई है। जबकि, पुलिस ने बताया कि एसटीएफ से मुठभेड़ होने के बाद बदमाश कारोबारियों को छोड़कर भाग गए। पुलिस ने फिरौती देकर पकड़ छूटने से इंकार किया।
अपहरण का यह था घटनाक्रम
बारह जुलाई की रात साढ़े ग्यारह बजे सराफा कारोबारी राजू कमरया ग्वालियर रोड स्थित अपने प्लाट से डरु भौंडेला स्थित अपने घर जा रहे थे। उनके साथ राहुल अग्रवाल भी थे। दोनों स्कूटर से ग्वालियर रोड से आंतिया ताल जाने वाली रोड से गुजरे। इसी दौरान उन पर पुलिस की वर्दी में एक बदमाश ने लाठी से हमला बोल दिया था। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते उन्हें एक कार में डालकर ग्वालियर रोड की ओर ले जाया गया था। अगले दिन सुबह आठ बजे परिजनों को अपहरण की जानकारी हुई थी। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहुंचने पर पुलिस, एसटीफ सक्रिय हो गईं थीं। एडीजीपी खुद घटनास्थल पर पहुंचे थे। चार दिन पहले पुलिस को दोनों कारोबारियों के आगरा में होने की सूचना मिली थी। आगरा में एसटीएफ और पुलिस ने शिकंजा कस दिया था। मंगलवार को सफलता मिल गई।
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पुलिस की बड़ी सफलता
अगवा कारोबारियों की सकुशल वापसी पुलिस की बड़ी सफलता है। इस घटना में पुलिस और एटीएस पहले दिन से ही खामोशी के साथ सक्रिय थी। रोज पुलिस का हर कदम सफलता की ओर बढ़ रहा था। इसकी का नतीजा रहा है कि दोनों की आगरा में सकुशल मुक्त हो गए। इसमें पुलिस को व्यापारियों और जनमानस का भी भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने पुलिस को पूरा सहयोग दिया।
- जेके शुक्ला, एसएसपी
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शहर में पिछले चार - पांच दिन से चर्चा थी कि अगवा कारोबारियों को छोड़ने के बदले में राजू कमरया के परिजनों से दस करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई। हालांकि, पुलिस इससे शुरू से ही इंकार कर रही थी और परिजन भी इसकी पुष्टि नहीं की। अपह्त राजू कमरया और राहुल अग्रवाल के मंगलवार की रात आगरा में बरामद होने पर फिरौती देकर मुक्त करने की चर्चा तेज हो गई। लोगों का कहना रहा कि बगैर किसी बदमाश को पकड़े अपह्तों के छूटने की पुलिस की कहानी पुरानी है। इस पर आसानी से विश्वास नहीं किया जा सकता। इसके पीछे कोई ‘डील’ हुई है। जबकि, पुलिस ने बताया कि एसटीएफ से मुठभेड़ होने के बाद बदमाश कारोबारियों को छोड़कर भाग गए। पुलिस ने फिरौती देकर पकड़ छूटने से इंकार किया।
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अपहरण का यह था घटनाक्रम
बारह जुलाई की रात साढ़े ग्यारह बजे सराफा कारोबारी राजू कमरया ग्वालियर रोड स्थित अपने प्लाट से डरु भौंडेला स्थित अपने घर जा रहे थे। उनके साथ राहुल अग्रवाल भी थे। दोनों स्कूटर से ग्वालियर रोड से आंतिया ताल जाने वाली रोड से गुजरे। इसी दौरान उन पर पुलिस की वर्दी में एक बदमाश ने लाठी से हमला बोल दिया था। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाते उन्हें एक कार में डालकर ग्वालियर रोड की ओर ले जाया गया था। अगले दिन सुबह आठ बजे परिजनों को अपहरण की जानकारी हुई थी। मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहुंचने पर पुलिस, एसटीफ सक्रिय हो गईं थीं। एडीजीपी खुद घटनास्थल पर पहुंचे थे। चार दिन पहले पुलिस को दोनों कारोबारियों के आगरा में होने की सूचना मिली थी। आगरा में एसटीएफ और पुलिस ने शिकंजा कस दिया था। मंगलवार को सफलता मिल गई।
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पुलिस की बड़ी सफलता
अगवा कारोबारियों की सकुशल वापसी पुलिस की बड़ी सफलता है। इस घटना में पुलिस और एटीएस पहले दिन से ही खामोशी के साथ सक्रिय थी। रोज पुलिस का हर कदम सफलता की ओर बढ़ रहा था। इसकी का नतीजा रहा है कि दोनों की आगरा में सकुशल मुक्त हो गए। इसमें पुलिस को व्यापारियों और जनमानस का भी भरपूर सहयोग मिला। उन्होंने पुलिस को पूरा सहयोग दिया।
- जेके शुक्ला, एसएसपी