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कोई रिश्वत मांगे, तो भेजें ऑडियो-वीडियो
amarujala
Updated Mon, 06 Aug 2018 01:09 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
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भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए सरकार ने समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) में एंटी करप्शन पोर्टल भी शुरू किया है। इसमें अब भ्रष्टाचार से संबंधित ऑडियो और वीडियो भी पोर्टल पर अपलोड करने की व्यवस्था की गई है। जांच में ऑडियो-वीडियो सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
नगर निगम के कर्मचारी सफाई नहीं कर रहे हैं या पुलिस किसी मामले की सुनवाई नहीं कर रही है, किसी भी विभाग की समस्या से संबंधित शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जाता है, परंतु इसकी निगरानी शासन स्तर से होती है। हाल ही में सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए आईजीआरएस में एंटी करप्शन पोर्टल भी शुरू किया है। इस पोर्टल में एक नई व्यवस्था भी जोड़ी गई है, जिसके तहत किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने से संबंधित वीडियो या ऑडियो इस पर अपलोड किया जा सकता है। अधिकतम चार एमबी का वीडियो-ऑडियो ही इस पर अपलोड किया जा सकता है। इस पर तुरंत शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शिकायत पर होने वाली जांच और रिपोर्ट का स्टेटस भी पीड़ित व्यक्ति को दिया जाएगा।
30 दिन में होता है शिकायत का निस्तारण
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली शिकायतों को अलग-अलग श्रेणी में रखा जाता है। शिकायतों का निस्तारण 15 से 30 दिन की अवधि में किया जाता है। उल्लेखनीय है कि जिले की हर माह लगभग डेढ़ हजार शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल पर पहुंचती हैं। इनमें सर्वाधिक सफाई, पानी और बिजली से जुड़ी होती हैं। शिकायतों के निस्तारण में हाल ही में अभी जिले का प्रदेश में पहला स्थान रहा है।
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ऐसे दर्ज करें शिकायत
आईजीआरएस पर शिकायत टोल फ्री नंबर 1077, 05102371100, 2371199 पर दर्ज की जा सकती हैं। शिकायत संख्या एसएमएस के जरिये मिलेगी। साथ ही शिकायत पर हो रही कार्यवाही का ऑनलाइन स्टेटस भी देख सकते हैं। इसके अलावा आईजीआरएस एप डाउनलोड कर शिकायत निस्तारण की स्थिति देखी जा सकती है।
शासन लेता है संज्ञान
आईजीआरएस पर दर्ज होने होने वाली शिकायतों का सीधे शासन संज्ञान लेता है। शासन के सचिव शिकायतों को जांच के लिए डीएम और एसएसपी के पास भेजते हैं, जिसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी जांच कर रिपोर्ट भेजते हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रत्येक तीन घंटे में शिकायतों की स्थिति जांचते हैं।
भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश
भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए आईजीआरएस के तहत नई व्यवस्था की गई है। इसमें दर्ज होने वाली शिकायतों को सीधे शासन स्तर पर संज्ञान लिया जाता है। तय अवधि में समस्याओं का शत प्रतिशत निस्तारण किया जाता है।
- आकाश रंजन श्रीवास्तव, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर
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नगर निगम के कर्मचारी सफाई नहीं कर रहे हैं या पुलिस किसी मामले की सुनवाई नहीं कर रही है, किसी भी विभाग की समस्या से संबंधित शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज की जा सकती है। समस्या का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जाता है, परंतु इसकी निगरानी शासन स्तर से होती है। हाल ही में सरकार ने भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए आईजीआरएस में एंटी करप्शन पोर्टल भी शुरू किया है। इस पोर्टल में एक नई व्यवस्था भी जोड़ी गई है, जिसके तहत किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगे जाने से संबंधित वीडियो या ऑडियो इस पर अपलोड किया जा सकता है। अधिकतम चार एमबी का वीडियो-ऑडियो ही इस पर अपलोड किया जा सकता है। इस पर तुरंत शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। शिकायत पर होने वाली जांच और रिपोर्ट का स्टेटस भी पीड़ित व्यक्ति को दिया जाएगा।
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30 दिन में होता है शिकायत का निस्तारण
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज की जाने वाली शिकायतों को अलग-अलग श्रेणी में रखा जाता है। शिकायतों का निस्तारण 15 से 30 दिन की अवधि में किया जाता है। उल्लेखनीय है कि जिले की हर माह लगभग डेढ़ हजार शिकायतें आईजीआरएस पोर्टल पर पहुंचती हैं। इनमें सर्वाधिक सफाई, पानी और बिजली से जुड़ी होती हैं। शिकायतों के निस्तारण में हाल ही में अभी जिले का प्रदेश में पहला स्थान रहा है।
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ऐसे दर्ज करें शिकायत
आईजीआरएस पर शिकायत टोल फ्री नंबर 1077, 05102371100, 2371199 पर दर्ज की जा सकती हैं। शिकायत संख्या एसएमएस के जरिये मिलेगी। साथ ही शिकायत पर हो रही कार्यवाही का ऑनलाइन स्टेटस भी देख सकते हैं। इसके अलावा आईजीआरएस एप डाउनलोड कर शिकायत निस्तारण की स्थिति देखी जा सकती है।
शासन लेता है संज्ञान
आईजीआरएस पर दर्ज होने होने वाली शिकायतों का सीधे शासन संज्ञान लेता है। शासन के सचिव शिकायतों को जांच के लिए डीएम और एसएसपी के पास भेजते हैं, जिसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारी जांच कर रिपोर्ट भेजते हैं। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रत्येक तीन घंटे में शिकायतों की स्थिति जांचते हैं।
भ्रष्टाचार पर लगेगा अंकुश
भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए आईजीआरएस के तहत नई व्यवस्था की गई है। इसमें दर्ज होने वाली शिकायतों को सीधे शासन स्तर पर संज्ञान लिया जाता है। तय अवधि में समस्याओं का शत प्रतिशत निस्तारण किया जाता है।
- आकाश रंजन श्रीवास्तव, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर