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कोरोना का डर और महंगा किराया जायरीनों की हज यात्रा में बना ‘अड़ंगा’
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हज यात्रा के लिए इस साल किराये में बढ़ोतरी हुई है।
- फोटो : ???? ????
कोरोना का डर और महंगा किराया जायरीनों की हज यात्रा में बना ‘अड़ंगा’
जावेद असलम
झांसी। साल 2021 में हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों को कोरोना की वजह से कई कडे़ नियमों का सामना कर करना पड़ा है। साथ ही किराये में करीब एक लाख रुपये की बढ़ोतरी के चलते जायरीनों ने हज पर जाने के लिए अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 10 दिसंबर हैं। ऐसे में अब तक 25 आवेदन ही हुए हैं।
कोरोना काल ने हज यात्रा पर काफी असर डाला है। इस साल की भी हज यात्रा कोरोना की भेंट चढ़ गई थी। एन वक्त पर हज यात्रा स्थगित होेने के चलते जायरीन काफी मायूस हुए थे। साल 2021 की हज यात्रा के लिए 7 नवंबर से नए सिर से आवेदन मांगे गए हैं। अंतिम तिथि 10 दिसंबर हैं। ऐसे में करीब 13 दिन बीतने के बाद केवल 25 लोगों ने ही आवेदन किए है। जबकि, पिछले सालों में आवेदन के समय मारामारी रही है। हर साल लॉटरी निकालकर चयन किया जाता रहा। लेकिन इस साल नियमों में बदलाव और किराये में करीब एक लाख रुपये की बढ़ोतरी के कारण जायरीन हज पर जाने के लिए मन नहीं बना पा रहे है।
इस साल हज यात्रा के लिए यात्रियों को अजीजिया वर्ग में 3 लाख 70 हजार रुपये और एनसीएनटीजेट वर्ग वालों को 5 लाख 25 हजार रुपये तक खर्च करने होंगे। इतना महंगा सफर होने के पीछे कोरोना को ही माना जा रहा है।
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यह हुआ बदलाव
- 18 से 65 साल की उम्र वालों को मिलेगी इजाजत।
- हज यात्रा पर जाने से पहले तीन दिन होगी कोरोना की जांच।
- 30 से 35 दिन की होगी यात्रा, सोशल डिस्टेंसिंग होगी जरूरी।
- पासपोर्ट की वैलिडिटी 10 जनवरी या उससे ज्यादा होना चाहिए।
इस बार 30 से 35 दिन की होगी हज यात्रा
साल 2021 की हज यात्रा छोटी रहेगी। 2019 तक 40 से 45 दिन तक हज की यात्रा होती थी। नई गाइडलाइन के अनुसार अब 30 से 35 दिन की ही यात्रा होगी। इस बार हज सफर से 72 घंटे पहले कोरोना टेस्ट करवाना होगा और रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही सफर की अनुमति दी जाएगी। गाइडलाइन के मुताबिक आगामी वर्ष केवल 18 से 65 साल की आयु के ही आजमीने हज के लिए जा सकेंगे।
तीन-तीन के ग्रुप में रवाना होंगी महिलाएं
बिना मेहरम (पुरुष रिश्तेदार) के हज यात्रा पर सऊदी अरब जाने वाली महिलाओं के लिए इस बार 500 सीटें ही आरक्षित की गई हैं। बताया गया कि बिना मेहरम श्रेणी में हज यात्रा पर जाने वाली महिलाओं को तीन-तीन के ग्रुप में रवाना किया जाएगा। जबकि पहले महिलाएं चार-चार के ग्रुप में रवाना होती थी। इसलिए ग्रुप के सदस्यों के मुताबिक ही महिलाओं को आवेदन करना होगा।
इस साल की हज यात्रा महंगी होगी। सरकार से अपील हैं कि हज यात्रा को सस्ता किया जाए। इससे मध्यम वर्ग के आजमीन भी हज यात्रा पर जा सकें। मुफ्ती साबिर कासमी, सदस्य - जिला हज कमेटी
हज यात्रा महंगी नहीं होनी चाहिए। सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर हज यात्रा सस्ती कराना चाहिए। महंगी यात्रा होने से मध्यम वर्ग के लोग मायूस होंगे। मोहम्मद हाशिम, पेश इमाम, जामा मस्जिद
पहले से ही सब्सिडी को खत्म कर दिया गया है। अब हज यात्रा महंगी होना, यह गलत है। हज यात्रा हर हालत में सस्ती होनी चाहिए। हाजी कदीर खान, कारोबारी
हर मुसलमान की तमन्ना होती हैं कि वह हज का फर्ज अदा करे। मगर, जब हज यात्रा इतनी अधिक महंगी होगी तो कम पूंजी के लोग फर्ज अदा कैसे करेंगे। मुफ्ती इमरान नदवी
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जावेद असलम
झांसी। साल 2021 में हज यात्रा पर जाने वाले जायरीनों को कोरोना की वजह से कई कडे़ नियमों का सामना कर करना पड़ा है। साथ ही किराये में करीब एक लाख रुपये की बढ़ोतरी के चलते जायरीनों ने हज पर जाने के लिए अपने कदम पीछे खींच लिए हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 10 दिसंबर हैं। ऐसे में अब तक 25 आवेदन ही हुए हैं।
कोरोना काल ने हज यात्रा पर काफी असर डाला है। इस साल की भी हज यात्रा कोरोना की भेंट चढ़ गई थी। एन वक्त पर हज यात्रा स्थगित होेने के चलते जायरीन काफी मायूस हुए थे। साल 2021 की हज यात्रा के लिए 7 नवंबर से नए सिर से आवेदन मांगे गए हैं। अंतिम तिथि 10 दिसंबर हैं। ऐसे में करीब 13 दिन बीतने के बाद केवल 25 लोगों ने ही आवेदन किए है। जबकि, पिछले सालों में आवेदन के समय मारामारी रही है। हर साल लॉटरी निकालकर चयन किया जाता रहा। लेकिन इस साल नियमों में बदलाव और किराये में करीब एक लाख रुपये की बढ़ोतरी के कारण जायरीन हज पर जाने के लिए मन नहीं बना पा रहे है।
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इस साल हज यात्रा के लिए यात्रियों को अजीजिया वर्ग में 3 लाख 70 हजार रुपये और एनसीएनटीजेट वर्ग वालों को 5 लाख 25 हजार रुपये तक खर्च करने होंगे। इतना महंगा सफर होने के पीछे कोरोना को ही माना जा रहा है।
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यह हुआ बदलाव
- 18 से 65 साल की उम्र वालों को मिलेगी इजाजत।
- हज यात्रा पर जाने से पहले तीन दिन होगी कोरोना की जांच।
- 30 से 35 दिन की होगी यात्रा, सोशल डिस्टेंसिंग होगी जरूरी।
- पासपोर्ट की वैलिडिटी 10 जनवरी या उससे ज्यादा होना चाहिए।
इस बार 30 से 35 दिन की होगी हज यात्रा
साल 2021 की हज यात्रा छोटी रहेगी। 2019 तक 40 से 45 दिन तक हज की यात्रा होती थी। नई गाइडलाइन के अनुसार अब 30 से 35 दिन की ही यात्रा होगी। इस बार हज सफर से 72 घंटे पहले कोरोना टेस्ट करवाना होगा और रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही सफर की अनुमति दी जाएगी। गाइडलाइन के मुताबिक आगामी वर्ष केवल 18 से 65 साल की आयु के ही आजमीने हज के लिए जा सकेंगे।
तीन-तीन के ग्रुप में रवाना होंगी महिलाएं
बिना मेहरम (पुरुष रिश्तेदार) के हज यात्रा पर सऊदी अरब जाने वाली महिलाओं के लिए इस बार 500 सीटें ही आरक्षित की गई हैं। बताया गया कि बिना मेहरम श्रेणी में हज यात्रा पर जाने वाली महिलाओं को तीन-तीन के ग्रुप में रवाना किया जाएगा। जबकि पहले महिलाएं चार-चार के ग्रुप में रवाना होती थी। इसलिए ग्रुप के सदस्यों के मुताबिक ही महिलाओं को आवेदन करना होगा।
इस साल की हज यात्रा महंगी होगी। सरकार से अपील हैं कि हज यात्रा को सस्ता किया जाए। इससे मध्यम वर्ग के आजमीन भी हज यात्रा पर जा सकें। मुफ्ती साबिर कासमी, सदस्य - जिला हज कमेटी
हज यात्रा महंगी नहीं होनी चाहिए। सरकार को तुरंत हस्तक्षेप कर हज यात्रा सस्ती कराना चाहिए। महंगी यात्रा होने से मध्यम वर्ग के लोग मायूस होंगे। मोहम्मद हाशिम, पेश इमाम, जामा मस्जिद
पहले से ही सब्सिडी को खत्म कर दिया गया है। अब हज यात्रा महंगी होना, यह गलत है। हज यात्रा हर हालत में सस्ती होनी चाहिए। हाजी कदीर खान, कारोबारी
हर मुसलमान की तमन्ना होती हैं कि वह हज का फर्ज अदा करे। मगर, जब हज यात्रा इतनी अधिक महंगी होगी तो कम पूंजी के लोग फर्ज अदा कैसे करेंगे। मुफ्ती इमरान नदवी