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कांग्रेसियों ने पांच घटे तक मुख्य अभियंता को घेरा
झांसी / ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jun 2015 01:03 AM IST
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समस्या को लेकर पूर्व केेंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन के नेतृत्व में सोमवार
को कांग्रेसियों ने मुख्य अभियंता (वितरण) के के शर्मा का घेराव किया। इस
दौरान साढ़े पांच घंटे तक कांग्रेसी मुख्य अभियंता के कक्ष में जमे रहे। इस
बीच पूर्व केंद्रीय मंत्री ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध
निदेशक से दूरभाष पर व्यवस्था को सुधारने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम
दिया। बाद में मुख्य अभियंता द्वारा मंदिरों में आरती व रोजों में सहरी और
इफ्तार के समय बिजली कटौती न किए जाने का आश्वासन दिए जाने पर घेराव खत्म
कर दिया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री व प्रबंध निदेशक को संबोधित ज्ञापन में अवगत कराया कि विद्युत कटौती चरम सीमा पर है, जिससे जनता बुरी तरह त्रस्त है। उन्होंने झांसी को कटौती मुक्त किए जाने तथा बबीना, रानीपुर, मऊरानीपुर, बरुआसागर, चिरगांव आदि क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। उन्होंने ललितपुर में स्थापित बजाज पावर प्लांट में शर्तों के विपरीत सजनम नदी से पानी लिए जाने तथा उदयपुरा से सड़क मार्ग से कोयला ले जाए जाने के कारण फैल रहे प्रदूषण की समस्या रखी तथा ललितपुर में स्थापित सोलर पावर प्लांट से उत्पादित बिजली ललितपुर व महरौनी को दिए जाने की मांग की। उन्होंने नगर में व्यवसायिक संयोजनों को बिना सुविधा शुल्क लिए न दिए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कई उदाहरण गिनाए। इस पर अफसर बंगलें झांकने लगे। उन्होंने विद्युत ट्रांसफार्मर बदलने, अधिभार एवं चेकिंग के नाम पर किए जा रहे उत्पीड़न के मामलों को भी उठाया। कांग्रेसियों के बढ़ते दबाव के चलते मुख्य अभियंता को झांसी को कटौती मुक्त किए जाने के लिए प्रबंध निदेशक को आग्रह पत्र लिखना पड़ा। मुख्य अभियंता ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर चंद्रशेखर तिवारी, इम्तियाज हुसैन, राजेंद्र रेजा, डा सुनील तिवारी, रामकुमार शुक्ला, अनिल बट्टा, मुकुल वर्मा, हरीश लाला, अनिल झा, मनीराम कुशवाहा, प्रकाश चंद्र जैन, राहुल रिछारिया, चौधरी माबूद, अमीर चंद्र आर्य आदि मौजूद रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री व प्रबंध निदेशक को संबोधित ज्ञापन में अवगत कराया कि विद्युत कटौती चरम सीमा पर है, जिससे जनता बुरी तरह त्रस्त है। उन्होंने झांसी को कटौती मुक्त किए जाने तथा बबीना, रानीपुर, मऊरानीपुर, बरुआसागर, चिरगांव आदि क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। उन्होंने ललितपुर में स्थापित बजाज पावर प्लांट में शर्तों के विपरीत सजनम नदी से पानी लिए जाने तथा उदयपुरा से सड़क मार्ग से कोयला ले जाए जाने के कारण फैल रहे प्रदूषण की समस्या रखी तथा ललितपुर में स्थापित सोलर पावर प्लांट से उत्पादित बिजली ललितपुर व महरौनी को दिए जाने की मांग की। उन्होंने नगर में व्यवसायिक संयोजनों को बिना सुविधा शुल्क लिए न दिए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कई उदाहरण गिनाए। इस पर अफसर बंगलें झांकने लगे। उन्होंने विद्युत ट्रांसफार्मर बदलने, अधिभार एवं चेकिंग के नाम पर किए जा रहे उत्पीड़न के मामलों को भी उठाया। कांग्रेसियों के बढ़ते दबाव के चलते मुख्य अभियंता को झांसी को कटौती मुक्त किए जाने के लिए प्रबंध निदेशक को आग्रह पत्र लिखना पड़ा। मुख्य अभियंता ने विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को रोकने के लिए भी ठोस कदम उठाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर चंद्रशेखर तिवारी, इम्तियाज हुसैन, राजेंद्र रेजा, डा सुनील तिवारी, रामकुमार शुक्ला, अनिल बट्टा, मुकुल वर्मा, हरीश लाला, अनिल झा, मनीराम कुशवाहा, प्रकाश चंद्र जैन, राहुल रिछारिया, चौधरी माबूद, अमीर चंद्र आर्य आदि मौजूद रहे।