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सहकारी बैंक बढ़ाएं अपना दायरा: मुकुट बिहारी

Sun, 21 Feb 2021 01:26 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 21 Feb 2021 01:26 AM IST
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Co operative bank increase his space
झांसी। सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा ने सहकारी बैंकों को अपना दायरा बढ़ाने को कहा है। उन्होंने कहा, किसानों की दशा सुधारने में सहकारी बैंकों का रोल अहम है। बैंक की जिम्मेदारी है कि वह अपने सदस्यों की संख्या में इजाफा करें, जिससे लाभांश में उनको हिस्सेदारी दी जा सके।
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शनिवार को महारानी लक्ष्मीबाई राजकीय पैरामेडीकल ऑडिटोरियम में जिला सहकारी बैंक की 53 वीं एजीएम (सामान्य निकाय) की बैठक का उद्घाटन करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा बैंक के सामने विश्वास बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। आम आदमी को समय पर उसकी पूंजी का न मिलना विश्वासघात है। कहा, 2017 में 16 बैंक बेहद कमजोर थे लेकिन, आज एक बैंक कमजोर रह गया।
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विधायक रवि शर्मा ने सहकारी बैंकों को आगे बढ़ाने की बात कही। विधायक राजीव सिंह पारीछा ने पूर्व सरकारों में सहकारिता का चीरहरण हुआ। इसमें झांसी भी शामिल रहा। अब दशा में सुधार हुआ। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने कहा समितियों को कब्जे से मुक्त कराया गया। विधायक मऊरानीपुर बिहारी लाल आर्य ने सहकारिता से गांव, गरीब एवं किसान के विकास होने की बात कही।
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जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बैंक का लेखा-जोखा पेश किया। इस दौरान अच्छे कार्य पर उपमहाप्रबंधक समेत अनुभाग अधिकारी, प्रशासन, लेखा आदि से जुड़े कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान सीडीओ शैलेष कुमार, डायरेक्टर पुरुषोत्तम स्वामी, जितेंद्र दीक्षित, आशीष उपाध्याय, विभा तिवारी, राघवेंद्र शर्मा, देवेश शर्मा, डॉ. अनिरुद्ध रावत, डॉ. बृजेश दीक्षित, सुमेध पटेल समेत अन्य उपस्थित रहे।
48 साल पुराने कानून में बदलाव की जरूरत : सभापति
जिला सहकारी बैंक के सभापति जयदेव पुरोहित ने बैंकों की कार्यशैली में गुणवत्ता लाने के लिए पुराने कानूनों में बदलाव की वकालत की। कहा, सहकारी बैंक 1972 एवं 84 के नियमों से संचालित होते हैं। इनके तमाम प्रावधान समय को देखते हुए अप्रासंगिक हो चुके। इनको बदले जाने की जरूरत है। सभापति ने एजीएम के दौरान बताया कि वर्ष 1932 में बैंक की स्थापना हुई। वर्ष 2018 में 26 करोड़ एनपीए था उसमें 5 करोड़ वसूल कर लिए गए। शेष की वसूली हो रही है। उन्होंने सीसी लिमिट, कर्मचारियों के होमलोन को बढ़ाने की भी जरूरत बताई।

सहकारिता मंत्री ने नकारा किसान आंदोलन
सहकारित मंत्री ने देश में चल रहे किसान आंदोलन को नकाराते हुए कहा कि इन दिनों खेत में रबी की फसल के लिए सारे किसान खेतों में हैं। राजनीति करने वाले ही वहां पर हैं। किसान अपने खेत एवं खलिहानों में हैं। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि नए कृषि कानून में विसंगतियों के बारे में कोई बता नहीं रहा, ऐसे में इसे गलत कैसे कहा जा सकता है। लगातार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने की वजह पूछने पर वह जवाब गोल कर गए।
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