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नगर निगम से उठा विश्वास, चंदा कर ठीक करा रहे नाला
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अपने पैसों से नाला साफ कराते सैय्यद नगर के लोग। अमर उजाला
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झांसी। पिछले साल बारिश में घरों में भरे पानी से सहमे आवास विकास के केके पुरी और सैयद नगर के सैकड़ों लोगों को नगर निगम पर विश्वास नहीं रहा है। साल भर बाद भी नगर निगम वहां नाले को ठीक नहीं करा सका है। ऐसे हालातों में क्षेत्र के लोगों ने चंदा करके नाला ठीक कराना शुरू कर दिया है। स्थायी समाधान के लिए वे और चंदा इकट्ठा कर रहे हैँ। वहीं, कई लोगों ने बारिश में फिर वही स्थिति न बने इसलिए दूसरे ठिकाने तलाशने शुरू कर दिए हैं।
पुराना भुसारी फार्म हाउस के पीछे से निकला नाला लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि आफत बन गया है। पिछले साल इन इलाकों में बारिश के दौरान घरों में पानी भर गया था, जिससे लोगों का हजारों रुपये का नुकसान हो गया था। रात में घरों मेँ अचानक पानी भरने से लोगों को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद क्षेत्र की इस समस्या का कारण तलाशा गया। पाया गया कि नाले की ढाल उल्टी होने के कारण पानी भरा। इसके बाद क्षेत्र के लोग एक साल से नाले का ढाल ठीक कराने के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल के अलावा जिला प्रशासन और नगर निगम सहित कई विभागों में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या अब भी जस की तस है। शिकायतों पर नगर निगम ने नाले में थोड़ा बहुत काम जरूर कराया लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया। बारिश सिर पर है। क्षेत्र के लोगों में डर समाया हुआ है।
केके पुरी के संतोष ठेकेदार ने बताया कि लोगों का सहमना लाजमी है क्योंकि पिछले साल रात में एकाएक घरों के अंदर पानी घुसना शुरू हो गया था। लोगों ने छत पर चढ़ कर जान बचाई थी। कई परिवार फंस गए थे उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बचाया गया था। उस मंजर को याद कर आज भी लोग दहशत में आ जाते हैं। यही कारण है कि कुछ लोग ने अभी से पलायन शुरू कर दिया तो कई लोग चंदा कर नाले को ठीक करा रहे हैं।
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नाले को मजदूरों से कराया ठीक
सैय्यद नगर के रहने वाले वकार अली ने बताया कि कुछ दिन पूर्व हुई बारिश में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसकी शिकायत उन्होंने क्षेत्र के पार्षद से की थी। पार्षद ने उस दिन दो मजदूरों को भेजकर थोड़ी बहुत काम कराया और अगले दिन काम करने की बात कहकर चले गए थे। दो दिन इंतजार करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो उन्होंने 15 हजार रुपये खुद खर्च कर मजदूरों को नाले में उतारकर साफ कराया तथा टूट चुकी नाले की दीवार का भी निर्माण कराया।
चंदा इकट्ठा करेगी जनता
केके पुरी निवासी शंकर पटैरिया ने बताया कि कुछ दिन पहले हुई बरसात में नाले का पानी घरों में भरना शुरू हो गया था। नगर निगम का एक भी कर्मचारी न पहुंचने पर उन्होंने चंदा एकत्र कर जेसीबी लगाकर नाले के कुछ हिस्से को साफ कराया था। उन्होंने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों के आश्वासन पर अब उन्हें भरोसा नहीं है। इसलिए, केके पुरी के बाशिंदे अब चंदा एकत्र कर नाले की उल्टी ढाल को ठीक कराने का काम खुद करेंगे।
साइफन में फंसा है कचरा
नालों की सफाई का दावा नगर निगम कर रहा है पर आवास विकास के रहने वाले लोगों की माने तो जिस क्षेत्र में जलभराव का खतरा है। वहां पर अब तक सफाई अभियान शुरू नहीं कराया गया है। आलम यह है कि नहर के ऊपर लगे साइफन (सीमेंट के पाइप) में कचरा फंसा हुआ है, जिससे नाले के पानी की निकासी नहीं हो रही है। आसपास के लोगों का कहना है कि यदि साइफन को हटाकर सीधी पुलिया बना दी जाए तो समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है।
पिछले साल बारिश में जलभराव से कई मकान जलमग्न हो गए थे और लाखों रुपये का नुकसान एक घर में हुआ था। आज भी वह हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर पाए हैं। - खैरुन निसा, गृहणी
नाले की ढाल को ठीक कराने के लिए एक साल से चक्कर लगा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी शिकायत पर थोड़ा बहुत काम करा देते हैं और कह देते हैं कि ढाल ठीक हो गया। - अतुल पस्तोर, शिक्षक
मैं खुद ठेकेदार हूं, इसलिए जानता हूं कि नाले की ढाल अब भी ठीक नहीं है। इसलिए अपने घर के पास के हिस्से में नाले का ढाल ठीक कराया है और चहारदीवारी बनवाई है। - वकार अली, ठेकेदार
पिछले साल एकाएक घरों में पानी घुस गया था। छत पर चढ़कर जान बचाई थी। लाखों रुपये का नुकसान नुकसान हुआ था। इस बार दोबारा जलभराव की पूरी संभावना है।- विनीत निगम, ताराग्राम कर्मचारी
नाले का अधिकांश हिस्सा ठीक कराया जा चुका है। थोड़ा बहुत काम बाकी है, जिसे बरसात के पहले पूरा करा लिया जाएगा। - अशोक, जेई
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पुराना भुसारी फार्म हाउस के पीछे से निकला नाला लोगों के लिए राहत नहीं बल्कि आफत बन गया है। पिछले साल इन इलाकों में बारिश के दौरान घरों में पानी भर गया था, जिससे लोगों का हजारों रुपये का नुकसान हो गया था। रात में घरों मेँ अचानक पानी भरने से लोगों को भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद क्षेत्र की इस समस्या का कारण तलाशा गया। पाया गया कि नाले की ढाल उल्टी होने के कारण पानी भरा। इसके बाद क्षेत्र के लोग एक साल से नाले का ढाल ठीक कराने के लिए मुख्यमंत्री पोर्टल के अलावा जिला प्रशासन और नगर निगम सहित कई विभागों में शिकायत कर चुके हैं, लेकिन समस्या अब भी जस की तस है। शिकायतों पर नगर निगम ने नाले में थोड़ा बहुत काम जरूर कराया लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया। बारिश सिर पर है। क्षेत्र के लोगों में डर समाया हुआ है।
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केके पुरी के संतोष ठेकेदार ने बताया कि लोगों का सहमना लाजमी है क्योंकि पिछले साल रात में एकाएक घरों के अंदर पानी घुसना शुरू हो गया था। लोगों ने छत पर चढ़ कर जान बचाई थी। कई परिवार फंस गए थे उन्हें स्थानीय लोगों की मदद से बचाया गया था। उस मंजर को याद कर आज भी लोग दहशत में आ जाते हैं। यही कारण है कि कुछ लोग ने अभी से पलायन शुरू कर दिया तो कई लोग चंदा कर नाले को ठीक करा रहे हैं।
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नाले को मजदूरों से कराया ठीक
सैय्यद नगर के रहने वाले वकार अली ने बताया कि कुछ दिन पूर्व हुई बारिश में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई थी। इसकी शिकायत उन्होंने क्षेत्र के पार्षद से की थी। पार्षद ने उस दिन दो मजदूरों को भेजकर थोड़ी बहुत काम कराया और अगले दिन काम करने की बात कहकर चले गए थे। दो दिन इंतजार करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ तो उन्होंने 15 हजार रुपये खुद खर्च कर मजदूरों को नाले में उतारकर साफ कराया तथा टूट चुकी नाले की दीवार का भी निर्माण कराया।
चंदा इकट्ठा करेगी जनता
केके पुरी निवासी शंकर पटैरिया ने बताया कि कुछ दिन पहले हुई बरसात में नाले का पानी घरों में भरना शुरू हो गया था। नगर निगम का एक भी कर्मचारी न पहुंचने पर उन्होंने चंदा एकत्र कर जेसीबी लगाकर नाले के कुछ हिस्से को साफ कराया था। उन्होंने बताया कि नगर निगम के अधिकारियों के आश्वासन पर अब उन्हें भरोसा नहीं है। इसलिए, केके पुरी के बाशिंदे अब चंदा एकत्र कर नाले की उल्टी ढाल को ठीक कराने का काम खुद करेंगे।
साइफन में फंसा है कचरा
नालों की सफाई का दावा नगर निगम कर रहा है पर आवास विकास के रहने वाले लोगों की माने तो जिस क्षेत्र में जलभराव का खतरा है। वहां पर अब तक सफाई अभियान शुरू नहीं कराया गया है। आलम यह है कि नहर के ऊपर लगे साइफन (सीमेंट के पाइप) में कचरा फंसा हुआ है, जिससे नाले के पानी की निकासी नहीं हो रही है। आसपास के लोगों का कहना है कि यदि साइफन को हटाकर सीधी पुलिया बना दी जाए तो समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है।
पिछले साल बारिश में जलभराव से कई मकान जलमग्न हो गए थे और लाखों रुपये का नुकसान एक घर में हुआ था। आज भी वह हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर पाए हैं। - खैरुन निसा, गृहणी
नाले की ढाल को ठीक कराने के लिए एक साल से चक्कर लगा रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी शिकायत पर थोड़ा बहुत काम करा देते हैं और कह देते हैं कि ढाल ठीक हो गया। - अतुल पस्तोर, शिक्षक
मैं खुद ठेकेदार हूं, इसलिए जानता हूं कि नाले की ढाल अब भी ठीक नहीं है। इसलिए अपने घर के पास के हिस्से में नाले का ढाल ठीक कराया है और चहारदीवारी बनवाई है। - वकार अली, ठेकेदार
पिछले साल एकाएक घरों में पानी घुस गया था। छत पर चढ़कर जान बचाई थी। लाखों रुपये का नुकसान नुकसान हुआ था। इस बार दोबारा जलभराव की पूरी संभावना है।- विनीत निगम, ताराग्राम कर्मचारी
नाले का अधिकांश हिस्सा ठीक कराया जा चुका है। थोड़ा बहुत काम बाकी है, जिसे बरसात के पहले पूरा करा लिया जाएगा। - अशोक, जेई