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बिना एयरपोर्ट कैसे ‘स्मार्ट’ होगी ‘सिटी’
ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2015 01:05 AM IST
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झांसी। शहर को स्मार्ट बनाने के लिए लोगों में जागरूकता आने लगी है। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल ने नगर आयुक्त को पत्र भेज कर कई सुझाव दिए हैैं। व्यापार मंडल ने स्मार्ट सिटी के लिए एयरपोर्ट होना बेहद जरूरी बताया है।
नगर आयुक्त ने विभिन्न संस्थाओं को पत्र भेज कर स्मार्ट सिटी के लिए सुझाव मांगे थे। नगर आयुक्त का पत्र मिलने के बाद उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल ने इस पर मंथन किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय पटवारी ने बताया कि व्यापारियों का मानना है कि किसी भी शहर के स्मार्ट होने के लिए सबसे जरूरी संसाधन है यातायात। झांसी में रेल और बस सेवा की तो अच्छी व्यवस्था है, लेकिन हवाई जहाज न उतरने के कारण झांसी की छवि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नहीं बन पा रही है।
उन्होंने मानिक चौक, बड़ाबाजार, सर्राफा बाजार, सुभाषगंज, गांधी रोड, रानीमहल, मिनर्वा आदि क्षेत्रों का विकास पुन:संयोजन योजना के तहत करने का सुझाव दिया, जबकि प्रमुख बाजारों को ध्वस्त कर नये सिरे से विकसित करने के सुझाव को नकार दिया। उन्होंने गुमनावारा, खालसा स्कूल के पास, शिवपुरी रोड पर करौंदी माता मंदिर के पास आधुनिक बाजार विकसित करने का सुझाव दिया है। ग्वालियर रोड पर कांशीराम आवास व बीएचईएल के पास हरित क्षेत्र विकास करने का सुझाव दिया है।
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व्यापार मंडल ने झांसी को ट्रांसपोर्ट हब, आईटी सिटी के रूप में विकसित करने की बात कही है, साथ ही ट्रेड सेंटर, फूड प्रोसेसिंग प्लांट, मेगा फूड पार्क आदि बनवाने की मांग की है। पत्र में सर्वाधिक महत्वपूर्ण सुझाव शहर के पर्यटन विकास का है। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पास कैमासन पहाड़ी पर स्थित मां कामाख्या मंदिर पर रोप-वे बनवाने, रानी लक्ष्मीबाई पार्क, मैथली शरण गुप्त पार्क अथवा वृंदावन लाल वर्मा पार्क में से किसी एक में म्युजिकल फाउंटेन, कैफेट ऐरिया व चिड़ियाघर बनवाने का भी सुझाव दिया है।
अमर उजाला के साथ मिल कर बनाएं स्मार्ट सिटी
शहर हमारा है, इसे स्मार्ट बनाने की जिम्मेदारी हमारी है। यदि आपके मन में शहर को स्मार्ट बनाने का कोई सुझाव है तो उसे अमर उजाला के साथ साझा करें। हम आपके सुझाव को नगर निगम प्रशासन के पास पहुंचाएंगे। अपने सुझाव आप लिखित रूप से अमर उजाला कार्यालय में अथवा Jhs-cityreporter@jhs.amarujala.com पर ईमेल कर हम तक पहुंचा सकते हैं।
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नगर आयुक्त ने विभिन्न संस्थाओं को पत्र भेज कर स्मार्ट सिटी के लिए सुझाव मांगे थे। नगर आयुक्त का पत्र मिलने के बाद उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल ने इस पर मंथन किया। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष संजय पटवारी ने बताया कि व्यापारियों का मानना है कि किसी भी शहर के स्मार्ट होने के लिए सबसे जरूरी संसाधन है यातायात। झांसी में रेल और बस सेवा की तो अच्छी व्यवस्था है, लेकिन हवाई जहाज न उतरने के कारण झांसी की छवि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की नहीं बन पा रही है।
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उन्होंने मानिक चौक, बड़ाबाजार, सर्राफा बाजार, सुभाषगंज, गांधी रोड, रानीमहल, मिनर्वा आदि क्षेत्रों का विकास पुन:संयोजन योजना के तहत करने का सुझाव दिया, जबकि प्रमुख बाजारों को ध्वस्त कर नये सिरे से विकसित करने के सुझाव को नकार दिया। उन्होंने गुमनावारा, खालसा स्कूल के पास, शिवपुरी रोड पर करौंदी माता मंदिर के पास आधुनिक बाजार विकसित करने का सुझाव दिया है। ग्वालियर रोड पर कांशीराम आवास व बीएचईएल के पास हरित क्षेत्र विकास करने का सुझाव दिया है।
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व्यापार मंडल ने झांसी को ट्रांसपोर्ट हब, आईटी सिटी के रूप में विकसित करने की बात कही है, साथ ही ट्रेड सेंटर, फूड प्रोसेसिंग प्लांट, मेगा फूड पार्क आदि बनवाने की मांग की है। पत्र में सर्वाधिक महत्वपूर्ण सुझाव शहर के पर्यटन विकास का है। उन्होंने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पास कैमासन पहाड़ी पर स्थित मां कामाख्या मंदिर पर रोप-वे बनवाने, रानी लक्ष्मीबाई पार्क, मैथली शरण गुप्त पार्क अथवा वृंदावन लाल वर्मा पार्क में से किसी एक में म्युजिकल फाउंटेन, कैफेट ऐरिया व चिड़ियाघर बनवाने का भी सुझाव दिया है।
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