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UP: ऑपरेशन सिंदूर के बाद बबीना पहुंचे थल सेनाध्यक्ष, ड्रोन प्रणालियों का किया निरीक्षण; आत्मनिर्भरता पर जोर

Wed, 28 May 2025 07:12 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला ब्यूरो, झांसी
अमर उजाला ब्यूरो, झांसी Published by: श्याम जी. Updated Wed, 28 May 2025 07:12 PM IST
सार

थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में स्वदेशी मानव रहित विमान और लुटरिंग म्यूनिशंस प्रणाली का निरीक्षण किया। उन्होंने इन प्रणालियों की युद्ध क्षमता और आत्मनिर्भर भारत की रक्षा ताकत बढ़ाने की सराहना की।

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Chief of Army Staff inspects indigenous drone systems at Babina
थल सेनाध्यक्ष ने बबीना में स्वदेशी ड्रोन प्रणालियों का निरीक्षण किया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बबीना फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचे। यहां उन्होंने स्वदेशी तकनीक से विकसित मानव रहित विमान प्रणाली (यूएसएस) और लुटरिंग म्यूनिशंस प्रणाली का गहन निरीक्षण किया।

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Chief of Army Staff inspects indigenous drone systems at Babina
ऑपरेशन सिंदूर में पहली बार भारत में निर्मित लुटरिंग म्यूनिशंस ड्रोन का प्रयोग हुआ था। भारतीय सेना के - फोटो : अमर उजाला

ऑपरेशन सिंदूर में पहली बार भारत में निर्मित लुटरिंग म्यूनिशंस ड्रोन का प्रयोग हुआ था। भारतीय सेना के इस आधुनिक एवं आत्मघाती ड्रोन की मदद से कई सेक्टरों में एक साथ हमले किए थे। इन ड्रोन हमलों से दुश्मन की सेना को काफी नुकसान हुआ। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी मंगलवार को बबीना फील्ड फायरिंग रेंज पहुंचे।

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थल सेनाध्यक्ष ने बबीना में स्वदेशी ड्रोन प्रणालियों का निरीक्षण किया - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने मानव रहित विमानों के प्रदर्शन को देखा। इस मौके पर रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीपीडीओ) और भारतीय रक्षा उद्योग से जुड़ी कंपनियों से विकसित स्वदेशी तकनीकों का प्रदर्शन किया। इन प्रणालियों को सेना की युद्ध क्षमता बढा़ने समेत लक्ष्य पर सटीक हमले के लिए डिजाइन किया गया है। खास तौर से इनका इस्तेमाल पर्वतीय, रेगिस्तानी एवं जंगल जैसे विविध क्षेत्रों में किया जा सकता है। थल सेनाध्यक्ष ने इस स्वदेशी प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि स्वदेशी प्रणाली भारत की आत्मनिर्भर रक्षा क्षमताओं में मजबूत करेगा।

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