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सावधान! दस गुना बढ़ेगा हाउस टैक्स
ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2015 12:33 AM IST
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झांसी। महंगाई से जूझ रहे महानगर वासियों के लिए एक और बुरी खबर है। नगर निगम शीघ्र ही उनकी जेब पर बोझ बढ़ाने जा रहा है। शीघ्र ही हाउस टैक्स की दरों में वृद्धि होने वाली है। नई दरों में हाउस टैक्स दस गुना तक बढ़ जाएगा।
झांसी को वर्ष 2002 में नगर निगम का दर्जा मिला था। तब से अब तक महानगर वासियों से नगर पालिका के हिसाब से ही हाउस टैक्स वसूला जा रहा है।
निगम की आय बढ़ाने के लिए शासन ने गत वर्ष हाउस टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया था। शासन ने स्वकर प्रणाली लागू करते हुए लोगों को अपने टैक्स का निर्धारण स्वयं करने का मौका दिया था। करीब एक वर्ष की मशक्कत के बाद भी नगर निगम में स्वकर के तहत एक भी आवेदन टैक्स रिवाइस करने के लिए नहीं आया। ऐसे में नगर निगम ने अपने कर्मचारियों के माध्यम से महानगर में सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। नगर निगम के 25 बिल कलेक्टर व बाबू सर्वे के कार्य में लगे हुए हैं, जो सत्तर फीसदी पूरा हो गया है। शीघ्र ही सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
टैक्स लागू होने के बाद लोगों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद नया टैक्स लागू हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष के अंत तक बढ़े हुए हाउस टैक्स का बोझ महानगर वासियों के जेब पर पड़ जाएगा।
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यह रहेंगी दरें
महानगर में एक रुपये प्रति वर्ग फीट से लेकर 1.90 रुपये वर्ग फीट प्रतिमाह की दर से हाउस टैक्स वसूला जाएगा। यदि आपका मकान 1000 वर्ग फीट में बना है तो आपका हाउस टैक्स कम से कम एक हजार रुपये प्रतिमाह व 12000 रुपये प्रति वर्ष हो जाएगा। यह दरें हर पांच वर्ष में रिवाइस भी होंगी।
खुशीपुरा सबसे सस्ता, सिविल लाइन महंगा
नगर निगम के कर अधीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि नई दरों के हिसाब से महानगर के खुशीपुरा, तालपुरा, छनियापुरा, सैंयरगेट में सबसे कम हाउस टैक्स रहेगा। यहां एक रुपये प्रति वर्ग फीट प्रतिमाह की दर से टैक्स वसूला जाएगा। वहीं, सिविल लाइन, शिवाजी नगर, मेडिकल कॉलेज के पास वाले क्षेत्र में सर्वाधिक 1.90 रुपये प्रति प्रति वर्ग फीट प्रतिमाह की दर से टैक्स वसूला जाएगा।
गृहकर प्रणाली शासनादेशों के अनुसार चल रही है। दरों में वृद्धि मानकों के अनुसार होनी है। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि लोगों की जेब पर अनावश्यक बोझ न बढ़े।
किरन राजू बुकसेलर
महापौर, नगर निगम, झांसी।
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झांसी को वर्ष 2002 में नगर निगम का दर्जा मिला था। तब से अब तक महानगर वासियों से नगर पालिका के हिसाब से ही हाउस टैक्स वसूला जा रहा है।
निगम की आय बढ़ाने के लिए शासन ने गत वर्ष हाउस टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया था। शासन ने स्वकर प्रणाली लागू करते हुए लोगों को अपने टैक्स का निर्धारण स्वयं करने का मौका दिया था। करीब एक वर्ष की मशक्कत के बाद भी नगर निगम में स्वकर के तहत एक भी आवेदन टैक्स रिवाइस करने के लिए नहीं आया। ऐसे में नगर निगम ने अपने कर्मचारियों के माध्यम से महानगर में सर्वे का कार्य शुरू करा दिया है। नगर निगम के 25 बिल कलेक्टर व बाबू सर्वे के कार्य में लगे हुए हैं, जो सत्तर फीसदी पूरा हो गया है। शीघ्र ही सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
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टैक्स लागू होने के बाद लोगों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। आपत्तियों के निस्तारण के बाद नया टैक्स लागू हो जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वर्ष के अंत तक बढ़े हुए हाउस टैक्स का बोझ महानगर वासियों के जेब पर पड़ जाएगा।
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यह रहेंगी दरें
महानगर में एक रुपये प्रति वर्ग फीट से लेकर 1.90 रुपये वर्ग फीट प्रतिमाह की दर से हाउस टैक्स वसूला जाएगा। यदि आपका मकान 1000 वर्ग फीट में बना है तो आपका हाउस टैक्स कम से कम एक हजार रुपये प्रतिमाह व 12000 रुपये प्रति वर्ष हो जाएगा। यह दरें हर पांच वर्ष में रिवाइस भी होंगी।
खुशीपुरा सबसे सस्ता, सिविल लाइन महंगा
नगर निगम के कर अधीक्षक योगेंद्र सिंह ने बताया कि नई दरों के हिसाब से महानगर के खुशीपुरा, तालपुरा, छनियापुरा, सैंयरगेट में सबसे कम हाउस टैक्स रहेगा। यहां एक रुपये प्रति वर्ग फीट प्रतिमाह की दर से टैक्स वसूला जाएगा। वहीं, सिविल लाइन, शिवाजी नगर, मेडिकल कॉलेज के पास वाले क्षेत्र में सर्वाधिक 1.90 रुपये प्रति प्रति वर्ग फीट प्रतिमाह की दर से टैक्स वसूला जाएगा।
गृहकर प्रणाली शासनादेशों के अनुसार चल रही है। दरों में वृद्धि मानकों के अनुसार होनी है। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि लोगों की जेब पर अनावश्यक बोझ न बढ़े।
किरन राजू बुकसेलर
महापौर, नगर निगम, झांसी।