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बीयू: वेतन विसंगति दूर करने की उठाई आवाज
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (बीयू) के स्ववित्त पोषित योजना (एसएफएस) के कर्मियों ने मंगलवार को लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की मांग की। यही नहीं, बीयू प्रशासन पर दोहरा मानदंड अपनाने के आरोप लगाया।
दोपहर करीब दो बजे विवि के विभिन्न विभागों में कार्यरत एसएफएस कर्मी एकजुट होकर प्रशासनिक ब्लॉक पहुंचे। उन्होंने कुलपति को ज्ञापन सौंपने की मांग की मगर अनुमति नहीं मिली। इसके बाद वह कुलसचिव कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को रखा। कर्मियों ने बताया वह वर्ष 2000 से अल्प वेतन पर काम कर रहे हैं। उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो ही है। बीयू प्रशासन दोहरा मापदंड अपना रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में सीपीएफ कटौती को ईपीएफ में बदला जाए। जिन कर्मियों की ईपीएफ कटौती होती है, उनकी मूल वेतन के आधार पर वृद्धि की जाए। उन्हें दो वर्ष से वित्तीय हानि होने की वजह से मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया एसएफएस के अपनी मांगों को लेकर आए थे। ब्यूरो
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दोपहर करीब दो बजे विवि के विभिन्न विभागों में कार्यरत एसएफएस कर्मी एकजुट होकर प्रशासनिक ब्लॉक पहुंचे। उन्होंने कुलपति को ज्ञापन सौंपने की मांग की मगर अनुमति नहीं मिली। इसके बाद वह कुलसचिव कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी मांगों को रखा। कर्मियों ने बताया वह वर्ष 2000 से अल्प वेतन पर काम कर रहे हैं। उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हो ही है। बीयू प्रशासन दोहरा मापदंड अपना रहा है। उनकी प्रमुख मांगों में सीपीएफ कटौती को ईपीएफ में बदला जाए। जिन कर्मियों की ईपीएफ कटौती होती है, उनकी मूल वेतन के आधार पर वृद्धि की जाए। उन्हें दो वर्ष से वित्तीय हानि होने की वजह से मानसिक पीड़ा झेल रहे हैं। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया एसएफएस के अपनी मांगों को लेकर आए थे। ब्यूरो
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