{"_id":"6526ec6a566e8d549407f046","slug":"bu-7-lakh-boards-in-departments-no-emphasis-on-studies-jhansi-news-c-360-1-jh11002-823-2023-10-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीयू: विभागों में सात लाख के बोर्ड, पढ़ाई पर नहीं जोर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीयू: विभागों में सात लाख के बोर्ड, पढ़ाई पर नहीं जोर
Thu, 12 Oct 2023 12:11 AM IST
झांसी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Updated Thu, 12 Oct 2023 12:11 AM IST
विज्ञापन
- पढ़ाई न होने की आए दिन शिकायतें करते हैं छात्र
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बुंदेलखंड विवि में इन दिनों निर्माण और मरम्मत कामों पर जमकर पैसा बहाया जा रहा है। विवि में बने विभागों में सात लाख रुपये केवल नाम का बोर्ड लगाने पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन पढ़ाई और शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के नाम पर बजट का रोना रो दिया जाता है। शिक्षा गुणवत्ता के गिरते स्तर का आलम यह है कि विवि में चल रहे विभिन्न कोर्सों में विद्यार्थी प्रवेश ही नहीं ले रहे हैं। विवि कैंपस समेत कई कॉलेजों में कई चरण की प्रक्रिया के बाद भी सीटें खाली हैं।
बुंदेलखंड विवि में जल्द ही राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) की टीम निरीक्षण करने आने वाली है। यह टीम विवि में शिक्षा व्यवस्था, सफाई समेत अन्य बिंदुओं का निरीक्षण करके रैंक देगी। इस रैंक के आधार पर विवि में विद्यार्थियों के प्रवेश और बजट मिलता है। नैक की टीम को सब कुछ दुरुस्त मिले इसे लेकर बीयू प्रशासन इन दिनों निर्माण और मरम्मत कार्यों पर खूब पैसा खर्च कर रहा है। प्रशासनिक विभाग समेत विभागों में रंगाई-पुताई और मरम्मत के काम पर खूब खर्चा किया जा रहा है। आलम यह है कि बीयू के हर विभाग में सात लाख रुपये विभाग के नाम का एलईडी बोर्ड लगाया जा रहा है।
वहीं दूसरी ओर बीयू के विद्यार्थी लगातार शैक्षणिक गुणवत्ता खराब होने, विभागों में पढ़ाई न होने, प्रयोगशालाओं में प्रयोग न कराए जाने की शिकायत कर रहे हैं। विभागों के बाथरूम में टाइल्स लगाकर नया किया जा रहा है, जबकि नालियां चोक हैं। कुलसचिव विनय कुमार सिंह के अनुसार नैक के पैमानों के अनुसार बीयू को तैयार किया जा रहा है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और विभागों का नया बोर्ड तैयार हो गया है। बोर्ड की कीमत टेंडर प्रक्रिया के तहत तय की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बुंदेलखंड विवि में इन दिनों निर्माण और मरम्मत कामों पर जमकर पैसा बहाया जा रहा है। विवि में बने विभागों में सात लाख रुपये केवल नाम का बोर्ड लगाने पर खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन पढ़ाई और शैक्षिक गुणवत्ता को सुधारने के नाम पर बजट का रोना रो दिया जाता है। शिक्षा गुणवत्ता के गिरते स्तर का आलम यह है कि विवि में चल रहे विभिन्न कोर्सों में विद्यार्थी प्रवेश ही नहीं ले रहे हैं। विवि कैंपस समेत कई कॉलेजों में कई चरण की प्रक्रिया के बाद भी सीटें खाली हैं।
बुंदेलखंड विवि में जल्द ही राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक) की टीम निरीक्षण करने आने वाली है। यह टीम विवि में शिक्षा व्यवस्था, सफाई समेत अन्य बिंदुओं का निरीक्षण करके रैंक देगी। इस रैंक के आधार पर विवि में विद्यार्थियों के प्रवेश और बजट मिलता है। नैक की टीम को सब कुछ दुरुस्त मिले इसे लेकर बीयू प्रशासन इन दिनों निर्माण और मरम्मत कार्यों पर खूब पैसा खर्च कर रहा है। प्रशासनिक विभाग समेत विभागों में रंगाई-पुताई और मरम्मत के काम पर खूब खर्चा किया जा रहा है। आलम यह है कि बीयू के हर विभाग में सात लाख रुपये विभाग के नाम का एलईडी बोर्ड लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर बीयू के विद्यार्थी लगातार शैक्षणिक गुणवत्ता खराब होने, विभागों में पढ़ाई न होने, प्रयोगशालाओं में प्रयोग न कराए जाने की शिकायत कर रहे हैं। विभागों के बाथरूम में टाइल्स लगाकर नया किया जा रहा है, जबकि नालियां चोक हैं। कुलसचिव विनय कुमार सिंह के अनुसार नैक के पैमानों के अनुसार बीयू को तैयार किया जा रहा है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और विभागों का नया बोर्ड तैयार हो गया है। बोर्ड की कीमत टेंडर प्रक्रिया के तहत तय की गई है।
विज्ञापन