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Jhansi News: भारतीय ज्ञान परंपरा प्राचीनता और नवीनता का उत्कृष्ट संगम है बीएलएफ
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। तीन दिवसीय बुंदेलखंड साहित्य महोत्सव (बीएलएफ) का रविवार को झांसी किले की तलहटी स्थित शहीद बिपिन रावत पार्क में समापन हुआ। अंतिम दिन विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने डिजिटल सुरक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा, मीडिया की विश्वसनीयता, बुंदेलखंड की धरोहर आदि पर चर्चा की। पहले सत्र में भारत और भारतीय ज्ञान परंपरा पर प्रो. रंजन कुमार त्रिपाठी ने बातचीत की। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा को समझाते हुए राष्ट्रीय संस्कृति को समझने पर जोर दिया। इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उदाहरण दिया। दूसरे सत्र का विषय बुंदेली की बुलंद आवाज रहा। इसमें युवा लेखक अनमोल दुबे ने बुंदेली गायिका कविता शर्मा और कवि पंकज पंडित से बातचीत की। कविता शर्मा ने सांस्कृतिक धरोहरों, बुंदेली के अछूते गीतों को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने अपना चर्चित लोकगीत ‘आगड़ दम बागड़ दम’ सुनाया।
तीसरे सत्र में भारतीय ज्ञान परंपरा और हिंदी साहित्य विषय पर अध्यापक डॉ. विपुल सुनील, लेखक-अध्यापक डॉ. वेदवत्स और लेखिका वंदना यादव से साहित्य अध्येता वंदना यादव ने बातचीत की।
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चौथे सत्र में भय मुक्त ‘डिजिटल इंडिया’ विषय पर पत्रकार ऋतु भारद्वाज ने साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन से चर्चा की। टंडन ने कहा कि डिजिटल डाइट बच्चों की मेंटल हेल्थ और चरित्र पर प्रभाव डाल रहे हैं। कार्यक्रम परिसर में अथाई मंच के युवाओं ने कविता, गायन और नृत्य की प्रस्तुति देकर दर्शकों का मनमोह लिया। लोग प्रस्तुति को देखकर और गायन व कविताओं को सुना।
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