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बायोमेट्रिक पंच नहीं कर रहे बीयू कर्मी
jhansi
Updated Fri, 03 Feb 2017 12:51 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : demo pic
झांसी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से मिली राशि से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में लगी बायोमेट्रिक मशीनें उपयोग न होने से डब्बा हो गई हैं। कर्मचारी मशीन में पंच करने की बजाय रजिस्टर में हाजिरी दर्ज कर रहे हैं। इससे गायब रहने वालों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
बीयू में दो साल पहले यूजीसी के अनुदान से करीब 20 लाख रुपये खर्च करके बायोमेट्रिक मशीनें लगवाई गई थीं। इसके पीछे की सोच पारदर्शिता के साथ-साथ ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षक, कर्मचारियों पर लगाम लगाना था। मगर यह व्यवस्था बुरी तरह फेल हो गई। मौजूदा समय में बहुत कम स्टाफ इन मशीनों का उपयोग कर रहा है। कुछ तो शुरू से इनका इस्तेमाल कर रहे थे, मगर दूसरों की देखादेखी पंच करना बंद कर दिया। शिक्षक, कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर पर ही दर्ज हो रही है। ऐसे में ड्यूटी से गुल रहने वालों पर लगाम नहीं लग सकी है और तत्कालीन अधिकारियों की मंशा पर पानी फिर रहा है। इस संबंध में जब कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी शहर से बाहर हूं। शुक्रवार को इस मामले को दिखवाऊंगा।
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बीयू में दो साल पहले यूजीसी के अनुदान से करीब 20 लाख रुपये खर्च करके बायोमेट्रिक मशीनें लगवाई गई थीं। इसके पीछे की सोच पारदर्शिता के साथ-साथ ड्यूटी से गायब रहने वाले शिक्षक, कर्मचारियों पर लगाम लगाना था। मगर यह व्यवस्था बुरी तरह फेल हो गई। मौजूदा समय में बहुत कम स्टाफ इन मशीनों का उपयोग कर रहा है। कुछ तो शुरू से इनका इस्तेमाल कर रहे थे, मगर दूसरों की देखादेखी पंच करना बंद कर दिया। शिक्षक, कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर पर ही दर्ज हो रही है। ऐसे में ड्यूटी से गुल रहने वालों पर लगाम नहीं लग सकी है और तत्कालीन अधिकारियों की मंशा पर पानी फिर रहा है। इस संबंध में जब कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि अभी शहर से बाहर हूं। शुक्रवार को इस मामले को दिखवाऊंगा।
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