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परमात्मा से मिलन कराती है भागवत : देवकी नंदन
झांसी/ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2016 01:22 AM IST
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झांसी। देवकी नंदन ठाकुर ने कहा कि मानव का जीवन मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि आत्म रंजन के लिए है। भागवत कथा का श्रवण मानव को जीवन का रहस्य समझाता है और परमात्मा से आत्मा का मिलन कराता है। मानव मन सौंदर्य क ो निहारना चाहता है। अगर मानव सच्चे हृदय से श्याम सलोने कृष्ण के अनुपम सौंदर्य को निहारे तो वह समस्त कष्टों से मुक्त हो जाता है।
दुर्ग की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मैदान में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि भागवत में परमात्मा के 24 अवतारों का वर्णन है। अमृत पान से भी बड़ा है भागवत कथा का श्रवण करना। इंद्र सहित समस्त देवी देवता लालायित रहते हैं भागवत कथा को सुनने के लिए। जो भागवत है, वही साक्षात कृष्ण हैं और जो कृष्ण हैं, वही भागवत है।
विश्व शांति एवं मानव कल्याण की भावना को जागृत करते हुए उन्होंने कहा कि जियो तो देश के लिए और मरो तो देश के लिए। ब्रह्मांड का शाश्वत सत्य मौत जो प्रत्येक जीव की होती है,लेकिन मौत गौरवमयी होनी चाहिए। आज महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को हम स्मरण करते हैं।
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मृत्यु से पूर्व राजा परीक्षित द्वारा की गई भागवत भक्ति एवं उनके मोक्ष को स्मरण करते हैं। ऐसे ही प्रत्येक मानव को अपना जीवन राष्ट्र, धर्म व समाज के लिए अर्पित करना चाहिए। यही सच्ची अमरता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा जीवन में भक्ति के अलावा बलिदान, निर्भयता एवं अमरता प्रदान करती है।
वहीं श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व देवकी नंदन ठाकुर ने गणपति जी, हनुमान जी एवं भगवान श्री कृष्ण- राधे की वंदना की। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने भागवत पुराण की आरती की।
इस अवसर पर गीता, विनोद सोनी, अध्यक्ष अनिल सुडे़ेले, मीना, बंटू मिश्रा, शशि मिश्रा, पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह, रजनी, संजय वर्मा, इं. शशिकांत द्विवेदी, डा. सुनील मिश्रा, मैथली मुदगिल, राम बाबू यादव, एके सोनी, बलवंत सिंह, विवेक पाठक, राजेंद्र साहू,
जगदीश प्रसाद साहू, भुवनेश कुशवाहा, महावीर शरण भार्गव, विमल अग्रवाल, पुष्पेंद्र तोमर, कमलेश दुबे, मनोज गुप्ता, अनिल दुबे, सोनू गेड़ा, राजीव नगरिया, रानू देवलिया, राजीव सिंह पारीछा, सियाराम शरण चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
श्री राधे गोविंद भजमन श्री राधे पर झूमे लोग
श्रीमद् भागवत कथा अवसर पर सुर-मधुर भक्ति संगीत व भजनों पर लोग झूमते नजर आए, इनमें सबसे ज्यादा युवा वर्ग रहा। श्री देवकी नंदन ठाकुर द्वारा श्री राधे गोविंद भजमन श्री राधे --, दीजिए दया धर्म का दान के भजनों पर समूचा पंडाल परिसर एक स्वर में तालियों से गूंजता रहा।
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दुर्ग की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मैदान में श्रीमद् भागवत कथा के शुभारंभ पर उन्होंने कहा कि भागवत में परमात्मा के 24 अवतारों का वर्णन है। अमृत पान से भी बड़ा है भागवत कथा का श्रवण करना। इंद्र सहित समस्त देवी देवता लालायित रहते हैं भागवत कथा को सुनने के लिए। जो भागवत है, वही साक्षात कृष्ण हैं और जो कृष्ण हैं, वही भागवत है।
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विश्व शांति एवं मानव कल्याण की भावना को जागृत करते हुए उन्होंने कहा कि जियो तो देश के लिए और मरो तो देश के लिए। ब्रह्मांड का शाश्वत सत्य मौत जो प्रत्येक जीव की होती है,लेकिन मौत गौरवमयी होनी चाहिए। आज महारानी लक्ष्मीबाई के बलिदान को हम स्मरण करते हैं।
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मृत्यु से पूर्व राजा परीक्षित द्वारा की गई भागवत भक्ति एवं उनके मोक्ष को स्मरण करते हैं। ऐसे ही प्रत्येक मानव को अपना जीवन राष्ट्र, धर्म व समाज के लिए अर्पित करना चाहिए। यही सच्ची अमरता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा जीवन में भक्ति के अलावा बलिदान, निर्भयता एवं अमरता प्रदान करती है।
वहीं श्रीमद् भागवत कथा से पूर्व देवकी नंदन ठाकुर ने गणपति जी, हनुमान जी एवं भगवान श्री कृष्ण- राधे की वंदना की। तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने भागवत पुराण की आरती की।
इस अवसर पर गीता, विनोद सोनी, अध्यक्ष अनिल सुडे़ेले, मीना, बंटू मिश्रा, शशि मिश्रा, पूर्व एमएलसी श्याम सुंदर सिंह, रजनी, संजय वर्मा, इं. शशिकांत द्विवेदी, डा. सुनील मिश्रा, मैथली मुदगिल, राम बाबू यादव, एके सोनी, बलवंत सिंह, विवेक पाठक, राजेंद्र साहू,
जगदीश प्रसाद साहू, भुवनेश कुशवाहा, महावीर शरण भार्गव, विमल अग्रवाल, पुष्पेंद्र तोमर, कमलेश दुबे, मनोज गुप्ता, अनिल दुबे, सोनू गेड़ा, राजीव नगरिया, रानू देवलिया, राजीव सिंह पारीछा, सियाराम शरण चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
श्री राधे गोविंद भजमन श्री राधे पर झूमे लोग
श्रीमद् भागवत कथा अवसर पर सुर-मधुर भक्ति संगीत व भजनों पर लोग झूमते नजर आए, इनमें सबसे ज्यादा युवा वर्ग रहा। श्री देवकी नंदन ठाकुर द्वारा श्री राधे गोविंद भजमन श्री राधे --, दीजिए दया धर्म का दान के भजनों पर समूचा पंडाल परिसर एक स्वर में तालियों से गूंजता रहा।