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भदरवारा: काम हुआ पर कसर है अभी बाकी
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फोटो टंकी से गिरता पानीसड़क पर बहता पानीतालाब में लगे झाड़ झक्कड़
मऊरानीपुर। पिछले पांच सालों के दरम्यान ग्राम पंचायत भदरवारा में विकास के कई कार्य हुए, लेकिन अब भी कसर बाकी है। मसलन, जल जीवन मिशन के तहत घरों में नलों से पानी पहुंचाने के लिए पाइप लाइन तो डाली गई, परंतु इसका लाभ ग्राम पंचायत की आधी आबादी को ही मिल पा रहा है। यहां संचालित उच्च प्राथमिक विद्यालय को पीएमश्री का तमगा तो मिला, लेकिन आगे की पढ़ाई के लिए क्षेत्र के बच्चों को छह किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
ग्राम पंचायत भदरवारा मऊरानीपुर विकासखंड की प्रमुख ग्राम पंचायतों में से एक है। ब्लॉक और तहसील मुख्यालय से सटी होने की वजह से इस ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाएं शुरुआती दौर में ही दस्तक दे देती हैं। इसके बावजूद यहां समस्याओं की कमी नहीं है। पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा जैसी मूलभूत समस्याएं यहां ग्रामीणों के बीच अपनी जगह बनाए हुए हैं। साफ-सफाई के मामले में भी यह ग्राम पंचायत पिछड़ी हुई है। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं को शुरू करने के बाद उनकी सुध नहीं ली जाती। लगातार निगरानी किए जाने से ग्राम पंचायत विकसित रूप धारण कर लेगी। इसके अलावा योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी हासिल होगा।
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एक नजर में...
- ग्राम पंचायत का नाम - भदरवारा
- ग्राम पंचायत में शामिल गांव और मजरे - अटारन, भिटारन, ऊषरन, किटा, पड़ुआ, सिद्धपुरा, टपरन, सुरऊआ और डणवा।
- ग्राम पंचायत की आबादी- लगभग 10 हजार
- ग्राम पंचायतों में मतदाताओं की संख्या- 4,243
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समस्याएं...
- मजरा अटारन में पक्की सड़क नहीं है। भदरवारा में पूरन अहिरवार के मकान से अमर अहिरवार के मकान तक सड़क गंदगी से पटी पड़ी है।
- क्षेत्र में लगे 20 हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं।
- सामुदायिक शौचालय बना है, परंतु वह चालू नहीं है।
- तालाब सौंदर्यीकरण के लिए सात लाख मिलने के बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
- कचरा गाड़ी न चलने से जगह-जगह गंदगी के ढेर जमा हैं।
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बीते चार सालों की उपलब्धियां...
- ग्राम पंचायत भदरवारा में पिछले चार वर्षों में 12 सीसी सड़क और आठ एपेक्स सड़क का निर्माण किया गया।
- गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय का पीएमश्री विद्यालय योजना के तहत विकास किया गया। हाईस्कूल की मान्यता की प्रक्रिया भी जारी है।
- जल जीवन मिशन के तहत क्षेत्र के कई घरों में नलों से पानी पहुंचने लगा है।
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फोटो-- -31MRN_M_6_31052025_168.jpg
गांव में पाइप लाइन डाले जाने के बाद भी सभी को पानी नहीं मिल पा रहा है। नलों में टोंटियां तक नहीं लगाई गईं हैं। पानी की टंकी में लीकेज होने की वजह से पानी रिसता रहता है।
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- राजू पटेल, भदरवारा
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फोटो-- -31MRN_M_7_31052025_168.jpg
मैं दिव्यांग हूं। कम दिखाई देता है। चार माह पहले विशेष शौचालय के आवेदन किया था, परंतु अब तक बना नहीं। कच्चा रास्ता होने से आवागमन में भी परेशानी होती है।
- भगवान दास, ऊषरन खिरक
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फोटो-- -31MRN_M_8_31052025_168.jpg
दस हजार की आबादी होने के बाद भी कक्षा आठवीं तक का ही विद्यालय है। इसके बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे खासतौर पर बालिकाओं को परेशानी होती है।
- ठाकुरदास पटेल, पूर्व ग्राम प्रधान
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फोटो-- - 31MRN_M_9_31052025_168.jpg
गांव के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएमश्री विद्यालय के बाद अब इंटरमीडिएट की मान्यता की कार्यवाही की जा रही है। पानी की उपलब्धता सभी सुनिश्चित की गई है।
- रश्मि राजा, ग्राम प्रधान
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ग्राम पंचायत में जो भी समस्याएं हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। शौचालय समय न खोलने पर कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जाएगा। पेयजल की समस्या को दूर कर आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे।
- रविशंकर राजपूत, सचिव
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ग्राम पंचायत भदरवारा मऊरानीपुर विकासखंड की प्रमुख ग्राम पंचायतों में से एक है। ब्लॉक और तहसील मुख्यालय से सटी होने की वजह से इस ग्राम पंचायत में सरकारी योजनाएं शुरुआती दौर में ही दस्तक दे देती हैं। इसके बावजूद यहां समस्याओं की कमी नहीं है। पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा जैसी मूलभूत समस्याएं यहां ग्रामीणों के बीच अपनी जगह बनाए हुए हैं। साफ-सफाई के मामले में भी यह ग्राम पंचायत पिछड़ी हुई है। यहां के ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं को शुरू करने के बाद उनकी सुध नहीं ली जाती। लगातार निगरानी किए जाने से ग्राम पंचायत विकसित रूप धारण कर लेगी। इसके अलावा योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी हासिल होगा।
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एक नजर में...
- ग्राम पंचायत का नाम - भदरवारा
- ग्राम पंचायत में शामिल गांव और मजरे - अटारन, भिटारन, ऊषरन, किटा, पड़ुआ, सिद्धपुरा, टपरन, सुरऊआ और डणवा।
- ग्राम पंचायत की आबादी- लगभग 10 हजार
- ग्राम पंचायतों में मतदाताओं की संख्या- 4,243
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समस्याएं...
- मजरा अटारन में पक्की सड़क नहीं है। भदरवारा में पूरन अहिरवार के मकान से अमर अहिरवार के मकान तक सड़क गंदगी से पटी पड़ी है।
- क्षेत्र में लगे 20 हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं।
- सामुदायिक शौचालय बना है, परंतु वह चालू नहीं है।
- तालाब सौंदर्यीकरण के लिए सात लाख मिलने के बाद भी स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
- कचरा गाड़ी न चलने से जगह-जगह गंदगी के ढेर जमा हैं।
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बीते चार सालों की उपलब्धियां...
- ग्राम पंचायत भदरवारा में पिछले चार वर्षों में 12 सीसी सड़क और आठ एपेक्स सड़क का निर्माण किया गया।
- गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय का पीएमश्री विद्यालय योजना के तहत विकास किया गया। हाईस्कूल की मान्यता की प्रक्रिया भी जारी है।
- जल जीवन मिशन के तहत क्षेत्र के कई घरों में नलों से पानी पहुंचने लगा है।
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गांव में पाइप लाइन डाले जाने के बाद भी सभी को पानी नहीं मिल पा रहा है। नलों में टोंटियां तक नहीं लगाई गईं हैं। पानी की टंकी में लीकेज होने की वजह से पानी रिसता रहता है।
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- राजू पटेल, भदरवारा
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मैं दिव्यांग हूं। कम दिखाई देता है। चार माह पहले विशेष शौचालय के आवेदन किया था, परंतु अब तक बना नहीं। कच्चा रास्ता होने से आवागमन में भी परेशानी होती है।
- भगवान दास, ऊषरन खिरक
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दस हजार की आबादी होने के बाद भी कक्षा आठवीं तक का ही विद्यालय है। इसके बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए दूर जाना पड़ता है। इससे खासतौर पर बालिकाओं को परेशानी होती है।
- ठाकुरदास पटेल, पूर्व ग्राम प्रधान
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गांव के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। पीएमश्री विद्यालय के बाद अब इंटरमीडिएट की मान्यता की कार्यवाही की जा रही है। पानी की उपलब्धता सभी सुनिश्चित की गई है।
- रश्मि राजा, ग्राम प्रधान
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ग्राम पंचायत में जो भी समस्याएं हैं, उन्हें दूर किया जाएगा। शौचालय समय न खोलने पर कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जाएगा। पेयजल की समस्या को दूर कर आवश्यक विकास कार्य किए जाएंगे।
- रविशंकर राजपूत, सचिव