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दुकानों की नाप पूरी, अब गेंद एसडीएम के पाले में

Tue, 26 Jul 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 26 Jul 2016 12:59 AM IST
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sdm, jhansi hindi news - फोटो : demo
झांसी। चंद्रशेखर आजाद तिराहा से स्टेशन रोड जाने वाली सड़क पर बनी दुकानों की नाप पूरी हो गई। अब राजस्व विभाग रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंपेगा। उसके बाद अगली कार्रवाई होगी। राजस्व विभाग की टीम ने सोमवार को करीब चार घंटे कड़ी धूप में पसीना बहाया। नापजोख में पास में बने एक होटल की दुकानें भी अतिक्रमण की जद में आ गई हैं। यदि रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होती है तो चर्चा में आई इस सड़क का नक्शा ही बदल जाएगा।
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आयकर भवन के पीछे बन रही दुकानें नगर निगम के लिए नाक का सवाल बन गई हैं। इसकी नाप के लिए सोमवार को नायब तहसीलदार श्रीराम यादव के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम और नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। इसके  बाद नाप शुरू हुई। बंदोबस्ती नक्शा में चंद्रशेखर आजाद तिराहा से मेन स्टेशन रोड तिराहा तक की जमीन बीस मीटर चौड़ी है। इस पर जरीब डाली गई। नापजोख के दौरान तिराहा के पास होटल के किनारे की जमीन करीब 12.50 मीटर निकली। इसके बाद निर्माणाधीन दुकानों से एसपी रेलवे की बाउंड्रीवाल तक जरीब से नाप की गई, जिससे प्वांइट मिल गया। लेकिन, सड़क की चौड़ाई बीस मीटर नहीं मिली।
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एसपी रेलवे आवास की जमीन भी सही पाई गई। संतुष्टि के लिए सर्किट हाउस मोड़ से आजाद तिराहा तक फिर से जमीन की नाप की गई। यहां पर भी प्वाइंट सही मिला। बाद में चित्रा चौराहा स्थित प्वाइंट से आजाद तिराहा तक नाप की गई। यहां 48 जरीब की लंबाई पाई गई, जो सही थी। सभी प्वाइंट सही जगह पर पाए गए, जिससे नाप पूरी हो गई।
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क्या होगी कार्रवाई?
जमीन की नापजोख बंदोबस्ती नक्शा के आधार पर की गई है। इसमें अब नानुकर की कोई गुंजाइश नहीं बची है। सभी बिंदुओं से जमीन की नाप की जा चुकी है। नक्शे में सड़क की चौड़ाई बीस मीटर दर्ज है और मौके पर बीस मीटर नहीं पाई गई है। यदि कार्रवाई होती है तो होटल की दुकानें भी दायरे में आनी तय हैं, क्योंकि होटल के किनारे बीस मीटर की जगह करीब साढ़े सात मीटर अतिक्रमण पाया गया है।


चालीस साल से है अतिक्रमण
नाप के दौरान जो दुकानें अतिक्रमण की चपेट में आई हैं, उनका निर्माण करीब चालीस साल पहले हुआ था। यदि नाप नहीं होती तो दुकानों के अतिक्रमण के बारे में किसी को कुछ पता नहीं चलता। अब जबकि, नाप में अतिक्रमण की स्थिति साफ हो गई है। इससे तय है कि चालीस साल से नगर निगम की जमीन पर अवैध तरीके से दुकानें बनाकर पैसा कमाया जा रहा था। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम इन दुकानों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है।

नाप पूरी हो गई है। राजस्व विभाग रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंपेगा। इसके बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।
- केशव प्रसाद
अतिक्रमण प्रभारी
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