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Jhansi: आयुर्वेद कॉलेज के 60 आउटसोर्स कर्मियों की बेरौनक होगी दीपावली, चार माह से नहीं मिला मानदेय
Thu, 16 Oct 2025 08:51 PM IST
दीपक महाजन
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Thu, 16 Oct 2025 08:51 PM IST
सार
प्राचार्य डाॅ. रामकृष्ण राठौर ने बताया कि समय से मानदेय न देने की वजह से दो माह पहले एक कंपनी का ठेका खत्म कर दिया गया था। इसके चलते, दो माह का मानदेय नहीं दिया गया है।
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बुंदेलखण्ड आयुर्वेदिक कॉलेज, झांसी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजकीय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज के करीब 60 आउटसोर्स कर्मियों को चार माह से मानदेय नहीं मिला है। आर्थिक तंगी से जूझ रहे कर्मियों का कहना है कि अब परिवार के भरण-पोषण का संकट हो गया है। दो दुकानदारों ने उधारी देना भी बंद कर दिया है। ऐसे हालात में इनके परिवार की दीपावली बेरौनक हो जाएगी।
आयुर्वेद कॉलेज में वार्ड बॉय, म्युजियम कीपर व चतुर्थ श्रेणी पद पर करीब 60 कर्मी आउटसोर्स पर कार्य करते हैं। इन कर्मियों को चार माह से मानदेय नहीं मिला है, जिससे काफी परेशान हैं। वह कई बार प्राचार्य से मानदेय दिलवाने की मांग कर चुके हैं। इन कर्मियों ने बताया कि मानदेय न मिलने से परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट पैदा हो गया है। वहीं, प्राचार्य डाॅ. रामकृष्ण राठौर ने बताया कि समय से मानदेय न देने की वजह से दो माह पहले एक कंपनी का ठेका खत्म कर दिया गया था। इसके चलते, दो माह का मानदेय नहीं दिया गया है। लखनऊ की कंपनी को ठेका मिला है। महानिदेशक को पत्र भेजकर हकीकत से अवगत करा दिया गया है।
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आयुर्वेद कॉलेज में वार्ड बॉय, म्युजियम कीपर व चतुर्थ श्रेणी पद पर करीब 60 कर्मी आउटसोर्स पर कार्य करते हैं। इन कर्मियों को चार माह से मानदेय नहीं मिला है, जिससे काफी परेशान हैं। वह कई बार प्राचार्य से मानदेय दिलवाने की मांग कर चुके हैं। इन कर्मियों ने बताया कि मानदेय न मिलने से परिवार के भरण-पोषण का गंभीर संकट पैदा हो गया है। वहीं, प्राचार्य डाॅ. रामकृष्ण राठौर ने बताया कि समय से मानदेय न देने की वजह से दो माह पहले एक कंपनी का ठेका खत्म कर दिया गया था। इसके चलते, दो माह का मानदेय नहीं दिया गया है। लखनऊ की कंपनी को ठेका मिला है। महानिदेशक को पत्र भेजकर हकीकत से अवगत करा दिया गया है।
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