फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Agricultural University will prepare PhD scholars in four courses from this year

कृषि विवि चार कोर्सों में इसी साल से तैयार करेगा पीएचडी शोधार्थी

Sun, 13 Feb 2022 01:42 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 01:42 AM IST
विज्ञापन
Agricultural University will prepare PhD scholars in four courses from this year
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय इसी साल से चार कोर्सों में पीएचडी शोधार्थी तैयार करेगा। ये कोर्स एग्रोनॉमी, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, प्लांट पैथोलॉजी, एग्रोफॉरेस्ट्री हैं। फैकल्टी की कमी पूरी हो जाने से विश्वविद्यालय ने इसकी तैयारी कर ली है।
विज्ञापन

कृषि विश्वविद्यालय में 2017 से पहले बैच का प्रवेश हो गया था। मौजूदा समय में यहां पर फल विज्ञान, सब्जी विज्ञान, प्लांट पैथोलॉजी, मृदा विज्ञान, कीट विज्ञान, कृषि वानिकी, कृषि विज्ञान, आनुवंशिक और पादप प्रजनन कोर्स चल रहे हैं। अब तक दो बैच पढ़ाई पूरी करके पासआउट हो चुके हैं। पांच साल बाद इस सत्र से विश्वविद्यालय पीएचडी शुरू करने जा रहा है। ऑल इंडिया एंट्रेंस एग्जामिनेशन के जरिए पीएचडी में प्रवेश मिलेगा। शिक्षकों की संख्या के आधार पर किसी में दो, किसी में तीन तो किसी कोर्स में पीएचडी की चार सीटें होंगी। चूंकि, विश्वविद्यालय की तरफ से ग्रासलैंड और काफरी से भी अनुबंध किया गया है। ऐसे में यहां के शिक्षक से लेकर संसाधन तक का सहयोग विश्वविद्यालय ले सकेगा। जबकि, फल विज्ञान, सब्जी विज्ञान, मृदा विज्ञान और कीट विज्ञान में फैकल्टी पर्याप्त न होने की वजह से पीएचडी शुरू होने में कुछ साल और लग सकते हैं।
विज्ञापन

छह महीने का होगा कोर्स वर्क
केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार ने बताया कि पीएचडी के 25 क्रेडिट कोर्स वर्क और 75 क्रेडिट शोध कार्य करने पर मिलेंगे। शुरूआत में छह महीने का कोर्स वर्क होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed