10 दिन में उजड़ गई दुनिया: झांसी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड में मां ने पहले खोया बच्चा, अब पति भी छोड़ गया अकेला
बॉबी की मौत के बाद पत्नी काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। 10 दिन पहले ही काजल ने इकलौते मासूम बेटे को खोया। वह अभी संभल भी नहीं सकी थी। वह अपना दर्द भूलने की कोशिश कर रही थी, वह भी साथ छोड़ गया।
विस्तार
झांसी मेडिकल कॉलेज अग्निकांड में बचाए गए नवजात की मौत के बाद सोमवार तड़के बूढ़ा गांव के पास हुए हादसे में पिता की भी मौत हो गई। वह अपने दोस्त के साथ बाइक से निकला था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
थाना रक्सा के बाजना गांव निवासी बॉबी (25) पुत्र कल्लू मैरी गांव में काम करता था। सोमवार तड़के अपने दोस्त भीमा के साथ बाइक से मैरी जा रहा था। बाइक भीमा चला रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सीपरी बाजार के एक होटल से जैसे ही वह लोग बूढ़ा गांव के पास पहुंचे तभी उनकी बाइक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा भिड़ी। दोनों सड़क पर जा गिरे। बॉबी के सिर में गहरी चोट आ गई। अत्यधिक चोट आने से मौके पर उसकी मौत हो गई जबकि भीमा घायल हो गया। पुलिस ने घायल भीमा को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। उधर, हादसे की खबर मिलने पर परिजन रोते-बिलखते अस्पताल जा पहुंचे। सीपरी बाजार थाना प्रभारी अखिलेश द्विवेदी के मुताबिक डिवाइडर से बाइक टकराने पर बॉबी की मौत हुई है।
मेडिकल कॉलेज हादसे में चली गई थी बेटे की मौत
बॉबी की पत्नी काजल ने 13 नवंबर को जिला अस्पताल में बेटे को जन्म दिया था। हालत नाजुक होने पर उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। यहां से 15 नवंबर को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती करा दिया गया। उसी रात एसएनसीयू वार्ड में आग लग गई। हादसे में उनके बेटे को बाहर निकाल लिया गया। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन इस अफरातफरी में उसे बचाया नहीं जा सका। तीन दिन बाद उनके नवजात ने दम तोड़ दिया। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बताया था कि नवजात की मौत बीमारी से हुई। उसमें बर्न इंजरी नहीं पाई गई थी।
बेटे की मौत के 10 दिन बाद पति को खोया
बॉबी की मौत के बाद पत्नी काजल का रो-रोकर बुरा हाल है। 10 दिन पहले ही काजल ने इकलौते मासूम बेटे को खोया। वह अभी संभल भी नहीं सकी थी। वह अपना दर्द भूलने की कोशिश कर रही थी, वह भी साथ छोड़ गया। बॉबी के पिता भी बेटे की मौत से बदहवास हैं। परिवार में दो सप्ताह के भीतर दो मौत से वह सदमे में हैं।