{"_id":"24-30420","slug":"Jhansi-30420-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"मार्च में आएगी एमसीआई की टीम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मार्च में आएगी एमसीआई की टीम
Jhansi
Updated Wed, 27 Feb 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में संचालित एमबीबीएस की मान्यता के मानकों को परखने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की टीम मार्च माह में कभी भी आ सकती है। इसे देखते हुए कालेज प्रशासन ने तैयारियां कर ली हैं।
सन 2011 में केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की सीटों को दोगुना कर दिया था। इसी क्रम में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में संचालित एमबीबीएस की सीटें सौ कर दी गई थीं। मेडिकल कालेज में मानकों को परखने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) की टीम अगले माह झांसी आएगी।
टीम के सदस्य कालेज में उपलब्ध शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रों व शिक्षकों की संख्या, उनकी योग्यता, सेलेबस, परीक्षा पैटर्न, चिकित्सीय उपकरण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, ओपीडी संचालन, भर्ती मरीजों की संख्या, उनकी जांच, रिपोर्ट पर कार्रवाई व कालेज में पठन पाठन माहौल आदि बिंदुओं की जांच करेंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि यूं तो एमसीआई हर तीन साल में कालेज का निरीक्षण कर मानकों को परखती है, लेकिन नए एमबीबीएस कोर्स संचालन की स्थिति में पांच सालों तक हर साल कालेज का निरीक्षण किया जाना है। निरीक्षण के बाद अगले साल के लिए कोर्स संचालन की मान्यता प्रदान की जाएगी। यह निरीक्षण सन 2012-13 का प्रस्तावित है। कालेज प्राचार्य डा. ए के मल्होत्रा का कहना है कि एमसीआई की टीम कभी भी आ सकती है।
सन 2011 में केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की सीटों को दोगुना कर दिया था। इसी क्रम में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज में संचालित एमबीबीएस की सीटें सौ कर दी गई थीं। मेडिकल कालेज में मानकों को परखने के लिए मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) की टीम अगले माह झांसी आएगी।
विज्ञापन
टीम के सदस्य कालेज में उपलब्ध शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रों व शिक्षकों की संख्या, उनकी योग्यता, सेलेबस, परीक्षा पैटर्न, चिकित्सीय उपकरण, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, ओपीडी संचालन, भर्ती मरीजों की संख्या, उनकी जांच, रिपोर्ट पर कार्रवाई व कालेज में पठन पाठन माहौल आदि बिंदुओं की जांच करेंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि यूं तो एमसीआई हर तीन साल में कालेज का निरीक्षण कर मानकों को परखती है, लेकिन नए एमबीबीएस कोर्स संचालन की स्थिति में पांच सालों तक हर साल कालेज का निरीक्षण किया जाना है। निरीक्षण के बाद अगले साल के लिए कोर्स संचालन की मान्यता प्रदान की जाएगी। यह निरीक्षण सन 2012-13 का प्रस्तावित है। कालेज प्राचार्य डा. ए के मल्होत्रा का कहना है कि एमसीआई की टीम कभी भी आ सकती है।