{"_id":"24-26847","slug":"Jhansi-26847-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहरिया बस्ती का होगा कायाकल्प ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहरिया बस्ती का होगा कायाकल्प
Jhansi
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। शिवाजी नगर स्थित सहरिया बस्ती के कायाकल्प का खाका तैयार कर लिया गया है। यहां रहने वाले लोगों को जन सुविधाएं मुहैया कराने के लिए नगर निगम 25 लाख रुपये खर्च करेगा।
वार्ड नंबर 45 में शिवाजी नगर से नारायण बाग की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित नगर निगम की जमीन पर सहरिया परिवार रहते हैं। अधिकांश कच्चे और झोपड़ीनुमा घरों में रहने वाले यह लोग मजदूरी या छोटा मोटा काम करके गुजर बसर करते हैं। गत दिनों मंडलायुक्त सत्यजीत ठाकुर ने बस्ती का भ्रमण करके यहां के हालात देखे थे। यहां न तो पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न सड़कें हैं। यहां पर शौचालय तो है, लेकिन मेंटीनेंस के अभाव में उसका कोई उपयोग नहीं होता है। इस कारण लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। हालातों को देखते हुए मंडलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को बस्ती में विकास कार्य कराने के निर्देश दिए थे।
नगर निगम के जनकार्य विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर सड़क, शौचालय व हैंडपंप स्थापना का आगणन तैयार कर लिया है। करीब 15 लाख रुपये की लागत से दस शीटेड नया शौचालय बनाया जाएगा, तीन हैंडपंप की स्थापना पर डेढ़ लाख रुपये खर्च होंगे। गलियों में एपेक्स लगाने में करीब 08 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा पुराने शौचालय की भी मरम्मत कराई जाएगी। यह कार्य अवस्थापना निधि से कराए जाएंगे। अगले माह कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
शपथ पत्र पर बेची जा रही जमीन
झांसी। मंडलायुक्त की मंशा है कि सहरिया आदिवासियों को मुख्य धारा से जोड़ा जाए, इसलिए वहां विकास कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन, कुछ सहरिया मात्र शपथ पत्र पर जमीन बेच रहे हैं। यही वजह है कि यहां सहरियों के बीच में अन्य लोग भी रहने लगे हैं। बताते चलें कि तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष पं. रमेश शर्मा के कार्यकाल में यहां आदिवासियों को बसाया गया था। बस्ती में विकास कार्यों की भनक लगने से भूमाफिया सक्रिय हो गए हैं और सहरियों को सब्जबाग दिखाकर जमीन हथियाने के प्रयास में लग गए हैं।
विज्ञापन
वार्ड नंबर 45 में शिवाजी नगर से नारायण बाग की ओर जाने वाली सड़क पर स्थित नगर निगम की जमीन पर सहरिया परिवार रहते हैं। अधिकांश कच्चे और झोपड़ीनुमा घरों में रहने वाले यह लोग मजदूरी या छोटा मोटा काम करके गुजर बसर करते हैं। गत दिनों मंडलायुक्त सत्यजीत ठाकुर ने बस्ती का भ्रमण करके यहां के हालात देखे थे। यहां न तो पानी की पर्याप्त व्यवस्था है और न सड़कें हैं। यहां पर शौचालय तो है, लेकिन मेंटीनेंस के अभाव में उसका कोई उपयोग नहीं होता है। इस कारण लोग खुले में शौच करने को मजबूर हैं। हालातों को देखते हुए मंडलायुक्त ने नगर निगम के अधिकारियों को बस्ती में विकास कार्य कराने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
नगर निगम के जनकार्य विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना कर सड़क, शौचालय व हैंडपंप स्थापना का आगणन तैयार कर लिया है। करीब 15 लाख रुपये की लागत से दस शीटेड नया शौचालय बनाया जाएगा, तीन हैंडपंप की स्थापना पर डेढ़ लाख रुपये खर्च होंगे। गलियों में एपेक्स लगाने में करीब 08 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा पुराने शौचालय की भी मरम्मत कराई जाएगी। यह कार्य अवस्थापना निधि से कराए जाएंगे। अगले माह कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
शपथ पत्र पर बेची जा रही जमीन
झांसी। मंडलायुक्त की मंशा है कि सहरिया आदिवासियों को मुख्य धारा से जोड़ा जाए, इसलिए वहां विकास कार्यों पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन, कुछ सहरिया मात्र शपथ पत्र पर जमीन बेच रहे हैं। यही वजह है कि यहां सहरियों के बीच में अन्य लोग भी रहने लगे हैं। बताते चलें कि तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष पं. रमेश शर्मा के कार्यकाल में यहां आदिवासियों को बसाया गया था। बस्ती में विकास कार्यों की भनक लगने से भूमाफिया सक्रिय हो गए हैं और सहरियों को सब्जबाग दिखाकर जमीन हथियाने के प्रयास में लग गए हैं।