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87 हजार परिवारों के सामने पानी का संकट

Sat, 21 May 2016 11:53 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sat, 21 May 2016 11:53 PM IST
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87 thousand families facing water crisis
water problem, jhansi news - फोटो : demo
झांसी/ ललितपुर। सूर्य की बढ़ती तपिश से जमीन का पानी लोगों की पहुंच से दूर होता जा रहा है। जिन हैंडपंपों से कभी पानी की धार निकलती थी, अब उनमें हवा निकल रही है। अकेले ललितपुर जिले में 683 हैंडपंप पूरी तरह सूख गए हैं, तो 2,276 हैंडपंपों ने पानी देना लगभग बंद कर दिया है, जिससे 87,294 परिवारों के सामने टैंकर का पानी पीने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
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बुंदेलखंड में पीने के पानी से लेकर सिंचाई की समस्या सदैव बनी रहती है। इस साल सूखे ने इसे और गंभीर बना दिया है। गांव-गांव में जीवनदाता साबित हो रहे हैंडपंप, अब पेयजल के साधन नहीं रहे। विभिन्न ग्रामों में भूगर्भ जल स्तर नीचे खिसकने से हैंडपंप पूरी तरह सूख गए हैं। बड़ी संख्या में हैंडपंपों ने पानी देना कम कर दिया है। तमाम हैंडपंप तेजी से साथ छोड़ रहे हैं, जिससे जगह-जगह भीषण पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है।
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विभागीय आंकड़ों पर गौर करें तो ललितपुर जिले में 202 ग्रामों में 683 हैंडपंप रीबोर की स्थिति में आ गए हैं, इसके अलावा 2,276 हैंडपंप जमीन का पानी खींचने में नाकाम हो रहे हैं। कई हैंडपंप ऐसे हैं, जो चार छह बर्तन ही भर पा रहे हैं। ऐसेेेे में ग्रामीणों को हैंडपंप में पानी आने के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। कुछ हैंडपंप अनियमित हो गए हैं, जिनमें कभी- कभार पानी निकलता है।
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भूगर्भ जलस्तर के नीचे खिसकने से एक के बाद एक हैंडपंप साथ छोड़ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को पानी का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि, ग्राम पंचायतों ने समस्या से निपटने के लिए टैंकरों से जलापूर्ति शुरू की है, जो नाकाफी साबित हो रही है। इस समय जिले के 68 समस्याग्रस्त ग्रामों में 86 प्राइवेट एवं 15 सरकारी टैंकर चलाए जा रहे हैं। वहीं, अन्य 78 ग्रामों में 82 प्राइवेट एवं 10 सरकारी टैंकर जलापूर्ति कर रहे हैं। इस तरह जिले के चिह्नित ग्रामों में प्राइवेट व सरकारी टैंकर कुल 722 चक्कर लगाकर लोगों की प्यास बुझा रहे हैं।

बिरधा, जखौरा व बार सबसे ज्यादा प्रभावित
जिले में ब्लाक बिरधा, जखौरा व बार सबसे ज्यादा पेयजल समस्या से जूझ रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय द्वारा कराए गए सर्वे के अनुसार ब्लाक महरौनी में 890 परिवार के मध्य 69 हैंडपंप लगे हैं, इनमें से 41 का जलस्तर नीचे चला गया है तथा चार रीबोर की लाइन में हैं। ब्लाक बिरधा में 7,715 परिवारों के बीच 747 हैंडपंप लगाए गए हैं, इनमें 218 का जलस्तर खिसक गया है, तो 95 रिबोर की स्थिति में हैं।

ब्लाक जखौरा में 6,125 परिवार के मध्य 523 हैंडपंप लगे हैं, इनमें 147 का पानी नीचे चला गया है, तो 109 रीबोर की श्रेणी में हैं। ब्लाक बार में 8,234 परिवारों के बीच 872 हैंडपंप स्थापित हैं, इनमें 386 का पानी सरक गया है तो 89 रीबोर के इंतजार में हैं।


दो तरह से हुआ गांवों का चिन्हीकरण
जिले के पेयजल समस्याग्रस्त गांवों में उन्हें चिह्नित किया गया है, जहां पेयजल के हालात विकट हैं। इसके अलावा अन्य समस्याग्रस्त गांव भी चिह्नित हुए हैं। यह, वह गांव हैं जहां पेयजल समस्या ने दस्तक दे दी है। समस्याग्रस्त सूची में 124 गांव हैं तो अन्य समस्याग्रस्त गांव की सूची में 78 गांवों को शामिल किया गया है।
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