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दहेज उत्पीड़न में पांच को सजा
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दहेज उत्पीड़न में पांच को सजा
झांसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या एक लाल बहादुर गौड़ की अदालत ने दहेज उत्पीड़न के मामले में दोष सिद्ध होने पर ससुराल के पांच लोगों को सजा सुनाई है। सभी पर अदालत ने अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक अभियोजन अधिकारी सुधीर कुमार के अनुसार थाना सीपरी बाजार स्थित अंबावाय निवासी शमा बानो और उसकी छोटी बहन शबाना बानो की शादी 26 मार्च 2008 को थाना चिरगांव के मोड़कला में हुई थी। शादी में पिता ने सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था। शादी के कुछ समय बाद दहेज की मांग को लेकर एक लाख रुपये की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित कर मारपीट भी की गई। इसके बाद दोनों को ससुराल से निकाल दिया। घर आकर घटना की जानकारी दी। शिकायत पर पुलिस ने अकील, सगीर, मुन्नी, अमीना, रफीक, मुमताज, वकील उर्फ शकील पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। इसके बाद सभी अदालत मेें उपस्थित होकर जमानत करवाई। शुक्रवार को अदालत ने सुनवाई के बाद दोष सिद्घ होने पर अकील, सगीर खां, मुन्नी, अमीना, वकील उर्फ शकील को धारा 498 ए में दो वर्ष की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। धारा 323 में छह माह की सजा, एक - एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 में एक वर्ष की सजा, एक - एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा 3/4 अधिनियम दहेज प्रतिशेध अधिनियम में तीन वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड की धनराशि प्रत्येक दोषसिद्घ अभियुक्त से वसूली जाएगी। अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से पीड़िता शमा बानो व शबाना बानो को दस - दस हजार रुपये प्रतिकर के रूप में प्रदान किए जाने के भी आदेश दिए हैं।
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झांसी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या एक लाल बहादुर गौड़ की अदालत ने दहेज उत्पीड़न के मामले में दोष सिद्ध होने पर ससुराल के पांच लोगों को सजा सुनाई है। सभी पर अदालत ने अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे सहायक अभियोजन अधिकारी सुधीर कुमार के अनुसार थाना सीपरी बाजार स्थित अंबावाय निवासी शमा बानो और उसकी छोटी बहन शबाना बानो की शादी 26 मार्च 2008 को थाना चिरगांव के मोड़कला में हुई थी। शादी में पिता ने सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था। शादी के कुछ समय बाद दहेज की मांग को लेकर एक लाख रुपये की मांग की जाने लगी। मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित कर मारपीट भी की गई। इसके बाद दोनों को ससुराल से निकाल दिया। घर आकर घटना की जानकारी दी। शिकायत पर पुलिस ने अकील, सगीर, मुन्नी, अमीना, रफीक, मुमताज, वकील उर्फ शकील पर रिपोर्ट दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। इसके बाद सभी अदालत मेें उपस्थित होकर जमानत करवाई। शुक्रवार को अदालत ने सुनवाई के बाद दोष सिद्घ होने पर अकील, सगीर खां, मुन्नी, अमीना, वकील उर्फ शकील को धारा 498 ए में दो वर्ष की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। धारा 323 में छह माह की सजा, एक - एक हजार रुपये अर्थदंड, धारा 506 में एक वर्ष की सजा, एक - एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, धारा 3/4 अधिनियम दहेज प्रतिशेध अधिनियम में तीन वर्ष की सजा और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। अर्थदंड की धनराशि प्रत्येक दोषसिद्घ अभियुक्त से वसूली जाएगी। अदालत ने अर्थदंड की धनराशि में से पीड़िता शमा बानो व शबाना बानो को दस - दस हजार रुपये प्रतिकर के रूप में प्रदान किए जाने के भी आदेश दिए हैं।
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