शहजाद नदी में सूख रहा है पानी

Jhansi Bureau Updated Sat, 11 Nov 2017 03:30 AM IST
शहजाद नदी में सूख रहा है पानी
बांसी (ललितपुर)।
कस्बा से निकाली शहजाद नदी का पानी सूख गया है, यदि चार दिन के भीतर नदी में पानी नहीं आया तो कस्बा वासियों को एक-एक बूंद पानी के लिए संघर्ष करना होगा।
कस्बा बांसी की पेयजलापूर्ति कस्बा से निकाली शहजाद नदी से होती है, नदी का पानी सूख गया है। नदी के गड्ढों में ही पानी बचा है जो महज दो चार दिन ही चलेगा। कस्बावासियों को आशा है कि नहर का पानी नदी में आ गया तब ही कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है। क्योंकि कस्बा में पेयजलापूर्ति का एक मात्र साधन कस्बा से निकाली शहजाद नदी है, कस्बा की नदी सूखने के बाद बांसी बाशिंदों को एक-एक बूंद पानी को परेशान होना पड़ता है, क्योंकि यहां किसी प्रकार का कोई बोर सफल नहीं है। वर्ष 2014-15 में सूखा पड़ने से नवंबर 2015 से जून 2016 तक आठ माह तक कस्बा वासियों को टैंकरों के सहारे ही पेयजलापूर्ति की गई थी। टैंकरों से पानी वितरण को लेकर आए दिन विवाद होते थे। कस्बावासियों को घंटों टैंकरों का इंतजार करना पड़ता था और दो टंकी पानी ही नसीब होता था और वह भी गंदा मिलता था। इस बार भी इससे भयानक स्थिति बनती जा रही है। नदी का पानी सूख गया है नदी के गड्ढों में ही थोड़ा सा पानी बचा है, जिससे दो चार दिन ही नलों से पेयजलापूर्ति संभव है। गांववासियों को आशा है कि नहर खुल गई नदी में नहर का पानी आने की आशा लगाए है। यदि नदी में पानी नहीं आया तो कस्बावासियों को एक-एक बूंद पानी के लिए संघर्ष करना होगा, मवेशीयों को भी पीने का पानी नहीं मिल सकेगा। शासन प्रशासन से जनहित संघर्ष समिति बांसी ने मांग की है कि बांध के गेट खोलकर या फिर नहर से अधिक पानी छोड़कर नदी में पानी अधिक मात्रा में भेजा जाए तो कुछ दिन के लिए इस विकराल समस्या से कुछ दिन के लिए राहत मिल सकती है। शासन-प्रशासन से आगे आने वाली पेयजल समस्या के निदान के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था जाने की मांग की गई है और बांसी-हर्षपुर पेय जल योजना का कार्य शीघ्रता से कराए जाने की मांग की है। क्योंकि इस योजना को इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण होना था जो विभागीय लापरवाही के कारण पूरी नहीं हुई है यदि यह योजना पूरी हो जाती है तो बांसी में पेयजल की समस्या नहीं रहेगी, क्योंकि इस योजनांतर्गत शहजाद बांध से बांसी सहित दर्जनों गांवों की पेयजलापूर्ति की जानी है।

भेदभाव का आरोप
बांसी (ललितपुर)। ग्राम पंचायत बांसी की दलित बस्ती गोविंदपुरा के बाशिंदों ने डीएम को ज्ञापन भेजकर आरोप लगाया कि दलित बस्ती के साथ भेद भाव किया जा रहा है। अभी तक मुहल्ले में एक भी शौचालय नहीं बनाए गए है न ही नालियों का निर्माण कराया गया है। ज्ञापन के माध्यम से शौचालय एवं नाली निर्माण कराए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन पर भरत अहिरवार, वृंदावन अहिरवार ग्राम पंचायत सदस्य, संजीव कुमार, दीपचंद्र, मीरा, राजा सहित अनेकों के हस्ताक्षर अंगूठा निशानी अंकित है।

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