फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   सिविक एमीनिटीज: टिकट चेकिंग कर्मचारियों का कार्यक्रम-City

सिविक एमीनिटीज: टिकट चेकिंग कर्मचारियों का कार्यक्रम-City

Sat, 16 Sep 2017 07:19 PM IST
Updated Sat, 16 Sep 2017 07:19 PM IST
विज्ञापन
सिविक एमीनिटीज: टिकट चेकिंग कर्मचारियों का कार्यक्रम-City
फोटो
विज्ञापन

ट्वीटर से हो रही कर्मचारियों की फजीहत, नेताओं ने दी नसीहत
सब हेड: ‘बंधन’ समागम में टिकट चेकिंग स्टाफ ने कहा झूठी शिकायतों से हो रही परेशानी
क्रासर
जनप्रतिनिधि बोले, मृदुभाषी बनें और सेवाभाव से काम करें
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
‘पिछले एक साल में रेल यात्रा के दौरान ट्वीटर पर की गई नब्बे फीसदी शिकायतें गलत पायी गईं। जांच के बिना ही कर्मचारियों को दोषी ठहराने का प्रयास किया जाता है। अगर यही हाल बना रहा तो रेलवे गर्त में चली जाएगी।’ ऐसी ही तमाम पीड़ाओं को टिकट चेकिंग कर्मचारियों ने इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गनाइजेशन और मंडलीय टिकट चेकिंग कर्मचारियों के समागम कार्यक्रम ‘बंधन’ में रखा। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित समागम में जनप्रतिनिधियों ने कर्मचारियों को मृदुभाषी होने और सेवाभाव से काम करने की नसीहत दी। कार्यक्रम में झांसी मंडल के अलावा भुसावल, मुंबई, शोलापुर, बड़ोदरा, मैसूर, बंगलूरू, दिल्ली, नागपुर, जबलपुर, गुवाहाटी और दक्षिण भारत के अलग-अलग मंडलों के चेकिंग कर्मचारी शामिल हुए।
विधायक राजीव सिंह ने कहा कि चेकिंग कर्मचारी रेलवे के राजदूत है। वे जितने सरल होंगे, उतना उनको सम्मान मिलेगा। सफर खत्म होने के बाद भी यात्रियों में उनकी यादें बनी रहेगी। विधायक रवि शर्मा ने कहा कि यात्री सोशल मीडिया का लाभ लेने की जगह कुछ लोग अराजकता फैलाते हैं, जो निदंनीय है। उन्होंने कर्मचारियों की समस्याओं को जायज बताते हुए रेल मंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। सपा नेता आरपी निरंजन ने कहा कि नेता और अधिकारी केवल संदेश और आश्वासन देते हैं, अपनी मांगों को पूरा कराने के लिए संघर्ष करना होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि रेलवे देश की शान है। कर्मचारी समस्या मुक्त काम करेंगे तो परिणाम और बेहतर आएंगे। इंडियन रेलवे टिकट चेकिंग स्टाफ आर्गनाइजेशन के सहायक महासचिव डॉ. हेमंत सोनी ने कहा कि कर्मचारियों का मुख्य उद्देश्य प्रशासन से लड़ना नहीं, बल्कि सद्भाव से काम करना होना चाहिए।
विज्ञापन

समारोह में नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन के अध्यक्ष एचएस चौहान, मंडल सचिव आरएन यादव, नॉर्थ सेंट्रल रेलवे इंप्लाइज संघ के अध्यक्ष रामकुमार सिंह, मंडल सचिव वीजी गौतम, मनीष श्रंगीऋषि, पीएस चौहान, एएल राव, योगेश पंडित, शाजी जॉन ने भी विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता कार्यकारी अध्यक्ष संजय सिंह ने की। इस मौके पर निखिल खोटे, उमर खान, मनीष अड़जरिया, नीरज त्रिपाठी, सतीश गुप्ता, निखिल पांडे का सहयोग रहा। संचालन यशवंत सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीआरएम ने मांगों को जायज माना
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआरएम अशोक कुमार मिश्रा ने टिकट चेकिंग कर्मचारियों की समस्याओं को जायज माना। उन्होंने आश्वासन दिया कि वे एक-एक कर सभी समस्याओं का निस्तारण करने का प्रयास करेंगे। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक विपिन कुमार सिंह ने कहा कि मैं भी टिकट चेकिंग कर्मचारियों के परिवार का सदस्य हूं। उनकी हर परेशानी में सदैव उनके साथ हूं।

70 हजार चेकिंग कर्मचारियों की कमी
कार्यक्रम में बताया गया कि ट्रेनों की संख्या के हिसाब से भारतीय रेल में एक लाख टिकट चेकिंग कर्मचारियों की जरूरत हैं। जबकि 29684 ही कार्यरत हैं। एक कर्मचारी चार के बराबर काम कर रहा है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को नियम के हिसाब से ही काम करना चाहिए, चाहे गाड़ी खाली पड़ी रही।

ये हैं प्रमुख समस्याएं
- घटनाओं की जानकारी के लिए वाणिज्य नियंत्रक को जानकारी देने के लिए स्पेशल नंबर की व्यवस्था।
- टिकट चेकिंग कर्मचारियों के रिक्त पद भरे जाएं।
- प्राथमिक और पूरक आरक्षण चार्टों में होने वाले बदलावों की जानकारी तुरंत देने की व्यवस्था।
- जुर्माने भरने वाले यात्री झूठी शिकायत करते हैं, कर्मचारी का पक्ष सुनने के बाद ही अनुशासनात्मक कार्रवाई हो।
- चोरी जैसे मामलों में जीआरपी मौके पर ही रिपोर्ट दर्ज करने की कार्रवाई करें।
- लक्ष्य के नाम पर कर्मचारियों का उत्पीड़न न हो।
- सभी टिकट चेकिंग कार्यालयों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था।
- निशुल्क पार्किंग और सीयूजी सिम की व्यवस्था।
- प्रत्येक गाड़ी में सुरक्षा जवानों की तैनाती।
- चेकिंग कर्मचारियों को भी रनिंग स्टाफ माना जाए।
- कर्मचारियों को मानक के हिसाब से मिले सुविधाएं।

फोटो
सभी गाड़ियों में सुरक्षा की व्यवस्था
चलती गाड़ी में चोरी और लूटपाट की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। यात्री असुरक्षित महसूस करता है। इस कारण सभी गाड़ियों में सुरक्षा कर्मचारियों की तैनाती होनी चाहिए।
मनीष श्रृंगीऋषि, कार्यवाहक अध्यक्ष।

फोटो
यात्रियों पर भी हो कार्रवाई
सोशल मीडिया पर होने वाली शिकायतों ज्यादातर गलत साबित होती हैं। मेरा मानना है कि ऐसी स्थिति में झूठी शिकायत करने वाले यात्री के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए।

डॉ. हेमंत सोनी, सहायक महासचिव।

फोटो
रेस्ट हाउसों की स्थिति दयनीय
ड्यूटी के बाद उनको भी आराम की जरूरत रहती है। मगर, रेस्ट हाउसों की स्थिति दयनीय हैं। गंदगी और अन्य सुविधाओं के अभाव में आराम करना मुश्किल हो जाता है।
के शंकर, हैदराबाद ।

फोटो
खत्म होना चाहिए लक्ष्य का दबाव
टिकट चेकिंग कर्मचारियों पर लक्ष्य का दबाव बढ़ता जा रहा है। लक्ष्य को पूरा करने के लिए 12 से 16 घंटे तक काम करना पड़ता है। इस दबाव को खत्म होना चाहिए।
अभिनंदन, भोपाल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed