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अनुदान खर्च करने में दूसरे नंबर पर बीयू-City
Updated Sat, 04 Nov 2017 07:26 PM IST
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अनुदान खर्च करने में दूसरे नंबर पर बीयू
- शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक में सौंपे गए उपभोग प्रमाणपत्र
- जल्द पैसा खर्च करने के निर्देश वरना बंद होगा अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत विश्वविद्यालयों, कॉलेजों को मिलने वाले अनुदान को खर्च करने के मामले में प्रदेश में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय दूसरे नंबर पर है। हाल ही में रूसा अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए गए कि निर्धारित समय में पैसा खर्च नहीं किया गया, तो भविष्य में अनुदान नहीं दिया जाएगा।
शुक्रवार को वाराणसी में हुई रूसा की समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिव और कॉलेजों के प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में सभी ने रूसा के अनुदान का उपभोग प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। इससे पता चला कि अनुदान का पैसा खर्च करने में कानपुर विश्वविद्यालय पहले और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय दूसरे नंबर पर है। बैठक में विश्वविद्यालय और कॉलेजों अधिकारियों को विकास कार्य में अनुदान का पैसा जल्द खर्च करने के निर्देश दिए गए। ताकि, नई किस्त जारी की जा सके। कहा गया कि अनुदान का पैसा खर्च कराने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय स्तर पर कुलसचिव और कॉलेज स्तर पर उच्च शिक्षा अधिकारी की होगी। इस दौरान उनकी समस्याएं भी सुनी गईं।
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अनुदान खर्च करने में दूसरे नंबर पर बीयू
- शिक्षा अभियान की समीक्षा बैठक में सौंपे गए उपभोग प्रमाणपत्र
- जल्द पैसा खर्च करने के निर्देश वरना बंद होगा अनुदान
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा) के अंतर्गत विश्वविद्यालयों, कॉलेजों को मिलने वाले अनुदान को खर्च करने के मामले में प्रदेश में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय दूसरे नंबर पर है। हाल ही में रूसा अधिकारियों की बैठक में निर्देश दिए गए कि निर्धारित समय में पैसा खर्च नहीं किया गया, तो भविष्य में अनुदान नहीं दिया जाएगा।
शुक्रवार को वाराणसी में हुई रूसा की समीक्षा बैठक में प्रदेश के सभी राज्य विश्वविद्यालयों के कुलसचिव और कॉलेजों के प्राचार्यों ने हिस्सा लिया। बैठक में सभी ने रूसा के अनुदान का उपभोग प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया। इससे पता चला कि अनुदान का पैसा खर्च करने में कानपुर विश्वविद्यालय पहले और बुंदेलखंड विश्वविद्यालय दूसरे नंबर पर है। बैठक में विश्वविद्यालय और कॉलेजों अधिकारियों को विकास कार्य में अनुदान का पैसा जल्द खर्च करने के निर्देश दिए गए। ताकि, नई किस्त जारी की जा सके। कहा गया कि अनुदान का पैसा खर्च कराने की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय स्तर पर कुलसचिव और कॉलेज स्तर पर उच्च शिक्षा अधिकारी की होगी। इस दौरान उनकी समस्याएं भी सुनी गईं।
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