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31 मार्च तक एसआरएल लैब का अनुबंध बढ़ा-City
Updated Fri, 03 Nov 2017 08:50 PM IST
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जिला अस्पताल में दो घंटे ठप रहा जांच का काम
सब हेड... एसआरएल लैब से अनुबंध की अवधि बढ़ने पर फिर शुरू हुआ काम
- रोजाना सौ से अधिक मरीजों की होती है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अनुबंध खत्म होने की वजह से शुक्रवार को जिला अस्पताल में स्थित एसआरएल लैब का काम बंद हो गया था। लेकिन, 31 मार्च तक के लिए अनुबंध बढ़ने पर दुबारा काम एक बार फिर से शुरू हो गया है।
प्रदेश सरकार ने पीपीपी मॉडल पर दिसंबर 2015 को जिला अस्पताल में एसआरएल लैब खुलवाई थी। इसको खोलने का मुख्य उद्देश्य सुपर स्पेशियलिटी जांचों की सुविधा शहर में मुहैया कराना था। इस लैब में लगभग 150 प्रकार की जांचें शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिली। एचबीवी डीएनए क्वांटिटेटिव, ब्लीडिंग डिसऑर्डर पैनल, रैपिड ब्लड कल्चर जैसी पांच हजार या उससे अधिक रुपये में होने वाली जांचें एसआरएल लैब में नि:शुल्क होती हैं। एक नवंबर 2018 को लैब का कार्यकाल खत्म हो गया था। दो नवंबर तक मरीजों के लैब में सैंपल लिए गए। शुक्रवार को सैंपल लेना बंद कर दिया। इससे मरीज परेशान हो गए। चूंकि, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके गुप्ता पहले ही शासन को पत्र लिख चुके थे। इसलिए शुक्रवार को दोपहर 12:15 पर शासन ने एसआरएल लैब का अनुबंध बढ़ाने का पत्र भेज दिया है। पत्र में लिखा है कि 31 मार्च 2018 तक एसआरएल लैब या नई संस्था से करार होने तक अनुबंध बढ़ाया जाता है। पत्र प्राप्त होते ही लैब के कर्मचारियों ने मरीजों का सैंपल लेना शुरू कर दिया।
बॉक्स..
लैब के बारे में जानकारियां
- महीने में चार हजार से अधिक जांचें होतीं
- दस लाख रुपये हर माह जांच पर खर्च होते
- वर्ल्ड बैंक उठाती है जांचों का पूरा खर्च
- एक से तीन दिन में आती है जांच की रिपोर्ट
- आगरा, गुड़गांव भेजे जाते मरीजों के सैंपल
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जिला अस्पताल में दो घंटे ठप रहा जांच का काम
सब हेड... एसआरएल लैब से अनुबंध की अवधि बढ़ने पर फिर शुरू हुआ काम
- रोजाना सौ से अधिक मरीजों की होती है जांच
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अनुबंध खत्म होने की वजह से शुक्रवार को जिला अस्पताल में स्थित एसआरएल लैब का काम बंद हो गया था। लेकिन, 31 मार्च तक के लिए अनुबंध बढ़ने पर दुबारा काम एक बार फिर से शुरू हो गया है।
प्रदेश सरकार ने पीपीपी मॉडल पर दिसंबर 2015 को जिला अस्पताल में एसआरएल लैब खुलवाई थी। इसको खोलने का मुख्य उद्देश्य सुपर स्पेशियलिटी जांचों की सुविधा शहर में मुहैया कराना था। इस लैब में लगभग 150 प्रकार की जांचें शुरू होने से मरीजों को काफी राहत मिली। एचबीवी डीएनए क्वांटिटेटिव, ब्लीडिंग डिसऑर्डर पैनल, रैपिड ब्लड कल्चर जैसी पांच हजार या उससे अधिक रुपये में होने वाली जांचें एसआरएल लैब में नि:शुल्क होती हैं। एक नवंबर 2018 को लैब का कार्यकाल खत्म हो गया था। दो नवंबर तक मरीजों के लैब में सैंपल लिए गए। शुक्रवार को सैंपल लेना बंद कर दिया। इससे मरीज परेशान हो गए। चूंकि, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके गुप्ता पहले ही शासन को पत्र लिख चुके थे। इसलिए शुक्रवार को दोपहर 12:15 पर शासन ने एसआरएल लैब का अनुबंध बढ़ाने का पत्र भेज दिया है। पत्र में लिखा है कि 31 मार्च 2018 तक एसआरएल लैब या नई संस्था से करार होने तक अनुबंध बढ़ाया जाता है। पत्र प्राप्त होते ही लैब के कर्मचारियों ने मरीजों का सैंपल लेना शुरू कर दिया।
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लैब के बारे में जानकारियां
- महीने में चार हजार से अधिक जांचें होतीं
- दस लाख रुपये हर माह जांच पर खर्च होते
- वर्ल्ड बैंक उठाती है जांचों का पूरा खर्च
- एक से तीन दिन में आती है जांच की रिपोर्ट
- आगरा, गुड़गांव भेजे जाते मरीजों के सैंपल