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145 ‘महादानियों’ को सलाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2016 01:26 AM IST
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blood cemp, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। अमर उजाला फाउंडेशन के तत्वावधान में लगाए गए रक्तदान शिविरों में इस बार ‘महादानियों’ का जज्बा देखने लायक रहा। न सिर्फ ‘महादानियों’ ने बढ़ चढ़कर शिविर में हिस्सा लिया, बल्कि उनमें पहले रक्त देने की होड़ रही। दोनों शिविरों को मिलाकर ‘महादानियों’ ने रिकॉर्ड तोड़ 145 यूनिट रक्त दान किया। ‘महादानियों’ के इस जज्बे को अमर उजाला का सलाम।
मंगलवार को सामाजिक सरोकार से जुड़े इस पुनीत कार्य के लिए जिला अस्पताल और परख ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर लगाए गए। जिला अस्पताल में आयोजित शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा डॉ. आरके टंडन ने किया। बदायूं में तैनाती के दौरान का जिक्र करते हुए एडी ने कहा कि अमर उजाला हर शहर में बढ़ चढ़कर ऐसे समाज सेवा के कार्यों में भी हाथ बंटाता है और ऐसे कार्यों में हिस्सा लेता है।
एडी ने इच्छा जताई कि हर माह रक्तदान शिविरों का आयोजन होना चाहिए, ताकि ब्लड बैंक में रक्त की कमी न होने पाए। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर किसी प्रकार की भ्रांतियां नहीं होनी चाहिए। रक्तदान के तीन हफ्ते के अंदर दान किया हुआ रक्त वापस बन जाता है। उन्होंने अमर उजाला की पहल को सराहनीय बताते हुए रक्तदान शिविरों में लोगों से बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने अमर उजाला ने झांसी के लोगों को रक्तदान के लिए बहुत जागरूक किया है। अब कई लोग रक्तदान को आगे आने लगे हैं। विभिन्न संस्थाओं का योगदान भी बढ़ा है। रक्तदान से बीपी, डायबिटीज की बीमारियां होने की संभावना कम हो जाती है। रक्तदान से खून का रिश्ता और भाईचारा भी बढ़ता है, क्योंकि हमें पता नहीं होता कि हमारा रक्त किस व्यक्ति को चढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद को रात बिरात आने पर भी जिला अस्पताल द्वारा रक्त उपलब्ध कराना चाहिए। रक्त की कमी ब्लड बैंक में न हो पाए, इसलिए अधिक से अधिक लोगोंको रक्तदान करना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि अमर उजाला सिर्फ खबरों तक ही सीमित नहीं रहा। झांसी में रक्तदान शिविर को बढ़ावा देने का काम अमर उजाला ने ही किया है। उसी का परिणाम है कि आज झांसी के लोग रक्तदान को जागरूक हुए हैं। हर साल जिला अस्पताल में 14 जून को रक्तदान शिविर लगता है। जिला अस्पताल द्वारा जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आने वाली महिलाओं, कैंसर पीड़ितों, निर्धन मरीजों को नि:शुल्क में रक्त दिया जाता है। इं
डियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन आचार्य हरिओम पाठक ने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी युद्ध में घायलों की सहायता करती है। रक्तदान शिविर के लिए उन्होंने अमर उजाला को बधाई दी। चकबंदी अधिकारी राजीव भारद्वाज ने कहा कि रक्तदान से किसी को कोई कमजोरी नहीं आती है। उन्होंने खुद 50 बार रक्तदान करने का लक्ष्य रखा है। जेसीआई वीरांगना की अध्यक्ष अपर्णा दुबे ने कहा कि रक्त इंसान से ही इंसान को मिलता है। उनकी संस्था लगातार रक्तदान शिविर आयोजित कर जरूरतमंदों की मदद करती रहती है।
जिला अस्पताल में देर शाम तक चले रक्तदान शिविर में सभी वर्ग के 92 ‘महादानियों’ ने रक्तदान किया। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज गेट नंबर दो के सामने स्थित परख ब्लड बैंक में 53 ‘महादानियों’ ने रक्तदान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अतुल गुप्ता ने किया।
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मंगलवार को सामाजिक सरोकार से जुड़े इस पुनीत कार्य के लिए जिला अस्पताल और परख ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर लगाए गए। जिला अस्पताल में आयोजित शिविर का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा डॉ. आरके टंडन ने किया। बदायूं में तैनाती के दौरान का जिक्र करते हुए एडी ने कहा कि अमर उजाला हर शहर में बढ़ चढ़कर ऐसे समाज सेवा के कार्यों में भी हाथ बंटाता है और ऐसे कार्यों में हिस्सा लेता है।
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एडी ने इच्छा जताई कि हर माह रक्तदान शिविरों का आयोजन होना चाहिए, ताकि ब्लड बैंक में रक्त की कमी न होने पाए। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर किसी प्रकार की भ्रांतियां नहीं होनी चाहिए। रक्तदान के तीन हफ्ते के अंदर दान किया हुआ रक्त वापस बन जाता है। उन्होंने अमर उजाला की पहल को सराहनीय बताते हुए रक्तदान शिविरों में लोगों से बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद कुमार यादव ने अमर उजाला ने झांसी के लोगों को रक्तदान के लिए बहुत जागरूक किया है। अब कई लोग रक्तदान को आगे आने लगे हैं। विभिन्न संस्थाओं का योगदान भी बढ़ा है। रक्तदान से बीपी, डायबिटीज की बीमारियां होने की संभावना कम हो जाती है। रक्तदान से खून का रिश्ता और भाईचारा भी बढ़ता है, क्योंकि हमें पता नहीं होता कि हमारा रक्त किस व्यक्ति को चढ़ाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हर जरूरतमंद को रात बिरात आने पर भी जिला अस्पताल द्वारा रक्त उपलब्ध कराना चाहिए। रक्त की कमी ब्लड बैंक में न हो पाए, इसलिए अधिक से अधिक लोगोंको रक्तदान करना चाहिए।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा ने कहा कि अमर उजाला सिर्फ खबरों तक ही सीमित नहीं रहा। झांसी में रक्तदान शिविर को बढ़ावा देने का काम अमर उजाला ने ही किया है। उसी का परिणाम है कि आज झांसी के लोग रक्तदान को जागरूक हुए हैं। हर साल जिला अस्पताल में 14 जून को रक्तदान शिविर लगता है। जिला अस्पताल द्वारा जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आने वाली महिलाओं, कैंसर पीड़ितों, निर्धन मरीजों को नि:शुल्क में रक्त दिया जाता है। इं
डियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन आचार्य हरिओम पाठक ने कहा कि रेडक्रॉस सोसाइटी युद्ध में घायलों की सहायता करती है। रक्तदान शिविर के लिए उन्होंने अमर उजाला को बधाई दी। चकबंदी अधिकारी राजीव भारद्वाज ने कहा कि रक्तदान से किसी को कोई कमजोरी नहीं आती है। उन्होंने खुद 50 बार रक्तदान करने का लक्ष्य रखा है। जेसीआई वीरांगना की अध्यक्ष अपर्णा दुबे ने कहा कि रक्त इंसान से ही इंसान को मिलता है। उनकी संस्था लगातार रक्तदान शिविर आयोजित कर जरूरतमंदों की मदद करती रहती है।
जिला अस्पताल में देर शाम तक चले रक्तदान शिविर में सभी वर्ग के 92 ‘महादानियों’ ने रक्तदान किया। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज गेट नंबर दो के सामने स्थित परख ब्लड बैंक में 53 ‘महादानियों’ ने रक्तदान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अतुल गुप्ता ने किया।