जिपं अध्यक्ष चुनाव: जौनपुर में रोचक हुआ मुकाबला, सपा और अद प्रत्याशी के अलावा पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी ने भरा पर्चा
जौनपुर में सपा से निशी यादव, अपना दल (एस) से रीता पटेल, भाजपा की बागी नीलम के त्रिकोण के बीच चौथा कोण पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी बना रही हैं। सभी ने शनिवार को नामांकन कर दिया।
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उत्तर प्रदेश के जौनपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव बेहद रोचक होने वाला है। अन्य जिलों में मामला आमने-सामने या त्रिकोणीय है लेकिन यहां चतुष्कोणीय मुकाबले की संभावना बन रही है। शनिवार को सपा से निशी यादव, अपना दल (एस) की रीता पटेल के अलावा पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी और भाजपा की जिला पंचायत सदस्य नीलम सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना पर्चा भरा है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज नीलम सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरी हैं।
बता दें कि अपना दल (एस) से मैदान में उतर रहीं रीता पटेल पार्टी के जिला महासचिव राकेश पटेल की पत्नी हैं। नामांकन प्रक्रिया कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीएम कोर्ट में सुबह 11 बजे से शुरू हुई है, जो तीन बजे तक चलेगी। इधर, भाजपा के नाराज विधायकों ने डाक बंगले में होने वाली बैठक को फिलहाल स्थगित कर दिया है। खबर आ रही है कि वह रविवार को अपना दल (एस) के साथ होने वाली सामूहिक बैठक करेंगे। इस संबंध में भाजपा का कोई पदाधिकारी अभी बोलने को तैयार नहीं है।
बताते चलें कि अपना दल एस की ही जिला पंचायत सदस्य सुनीता वर्मा ने भी दो सेट में नामांकन फार्म खरीदा है। जिला निर्वाचन अधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि आज तीन बजे के बाद ही पर्चो की जांच की जाएगी। 29 जून को प्रत्याशी की नाम वापसी व तीन जुलाई को डीएम कोर्ट में मतदान व तीन बजे के बाद से मतगणना की जाएगी। सुरक्षा को लेकर कलेक्ट्रेट के पास वाले तिराहे-चौराहे पर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
सपा की प्रतिष्ठा से जुड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव
लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव से जिला पंचायत सदस्यों की मुलाकात के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव सपा की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है। पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर जिला पंचायत सदस्यों से मुलाकात के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जिले के तीनों विधायकों, पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेताओं के साथ अलग से बैठक कर सभी की जिम्मेदारी तय कर दी है। माना जा रहा है जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में सपा मुखिया की सीधी दखल के बाद भी अगर पार्टी को सफलता नहीं मिली तो जिले के नेताओं को इसके लिए राष्ट्रीय नेतृत्व जवाब देना भारी पड़ सकता है।
जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट पर तीन बार से लगातार सपा का कब्जा रहा है। पार्टी इस चुनाव में भी इस सीट को गंवाना नहीं चाहती। इसके पहले सपा के राजबहादुर यादव जिला पंचायत अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उनके पहले शारदा दिनेश चौधरी सपा के टिकट पर ही जिला पंचायत अध्यक्ष चुनी गई थी।