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Jaunpur News: तीन सालों में फिरौती और डकैती शून्य, हत्याओं का लगा अर्धशतक
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जौनपुर। पूर्वांचल में इमरती के लिए खास पहचान रखने वाले जौनपुर में आपराधिक घटनाओं ने जगह बना ली। वाराणसी परिक्षेत्र के चंदौली, गाजीपुर से कहीं ज्यादा जौनपुर में वारदातें हुईं। पिछले तीन साल में जौनपुर में फिरौती, डकैती जहां शून्य रहीं तो वहीं हत्याओं ने अर्द्धशतक लगाया। वाहन चोरी, चोरी और लूट का भी ग्राफ घटता गया। मड़ियाहू रोड स्थित निजी अस्पताल में पिछले हफ्ते डॉ. तिलकधारी सिंह की गोली मारकर हुई हत्या के बाद से जिले के चिकित्सक भी सहमे हैं।
वाराणसी परिक्षेत्र के आंकड़ों पर गौर करें तो जौनपुर ऐसा जिला है, जहां वर्ष 2021, 2022 और 2023 में सबसे अधिक हत्याएं हुईं। इतनी हत्याएं तो न चंदौली और न ही गाजीपुर में हुईं। वर्ष 2021 में 46 हत्या, 2022 में 47 और 2023 में अर्धशतक लगाते हुए 51 हत्याएं हुईं। नव वर्ष के तीन दिन के अंदर चिकित्सक तिलकधारी सिंह की जघन्य हत्या से शुरुआत हुईं। वहीं, जौनपुर के अन्य आपराधिक घटनाओं में जैसे लूट, वाहन चोरी, चोरी, फिरौती, डकैती का ग्राफ कम होता गया।
तीन साल में फिरौती एक भी नहीं, लूट और चोरी का घटा ग्राफ
वर्ष 2021 में 20 लूट, 2022 में 15 और 2023 में 11 लूट की घटनाएं हुईं। डकैती वर्ष 2021-2022 में एक-एक और 2023 में शून्य रहीं। जबकि तीन साल में जौनपुर में एक भी फिरौती की घटनाएं सामने नहीं आईं। तीन वर्ष में फिरौती शून्य है। वाहन चोरी की घटनाएं 2021 में 230, वर्ष 2022 में 295 और 2023 में 174 हुई हैं। चोरी की बात करें तो 2021 में 424, 2022 में 470 और 2023 में 370 घटनाएं हुईं। बलवा के मुकदमों में भी कमी आईं। 2021 में 55, 2022 में 49 और 2023 में 19 बलवा हुए।
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केराकत, खेतासराय और शाहगंज थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक घटनाएं
बाहरी जनपदों की सीमा से सटे खेतासराय, केराकत और शाहगंज थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक आपराधिक घटनाएं होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में लूट, हत्या, बलवा और चोरी की घटनाएं आम हैं।
चंदौली से ज्यादा गाजीपुर में हत्याएं
वाराणसी परिक्षेत्र के अंतर्गत चंदौली में वर्ष 2021 और 2022 में 24-24 हत्याएं और 2023 में छह हत्या हुईं। गाजीपुर में वर्ष 2021 में 45, 2022 में 40 और 2023 में 24 हत्याएं हुई हैं।
अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। अपराध नियंत्रण के लिए सभी राजपत्रित अधिकारियों और थानेदारों को निर्देशित किया गया है। चिकित्सक हत्याकांड में भी सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और पुलिस की तीन टीमें लगातार काम कर रही हैं।-- डॉ. अजय पाल शर्मा, एसपी, जौनपुर
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वाराणसी परिक्षेत्र के आंकड़ों पर गौर करें तो जौनपुर ऐसा जिला है, जहां वर्ष 2021, 2022 और 2023 में सबसे अधिक हत्याएं हुईं। इतनी हत्याएं तो न चंदौली और न ही गाजीपुर में हुईं। वर्ष 2021 में 46 हत्या, 2022 में 47 और 2023 में अर्धशतक लगाते हुए 51 हत्याएं हुईं। नव वर्ष के तीन दिन के अंदर चिकित्सक तिलकधारी सिंह की जघन्य हत्या से शुरुआत हुईं। वहीं, जौनपुर के अन्य आपराधिक घटनाओं में जैसे लूट, वाहन चोरी, चोरी, फिरौती, डकैती का ग्राफ कम होता गया।
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तीन साल में फिरौती एक भी नहीं, लूट और चोरी का घटा ग्राफ
वर्ष 2021 में 20 लूट, 2022 में 15 और 2023 में 11 लूट की घटनाएं हुईं। डकैती वर्ष 2021-2022 में एक-एक और 2023 में शून्य रहीं। जबकि तीन साल में जौनपुर में एक भी फिरौती की घटनाएं सामने नहीं आईं। तीन वर्ष में फिरौती शून्य है। वाहन चोरी की घटनाएं 2021 में 230, वर्ष 2022 में 295 और 2023 में 174 हुई हैं। चोरी की बात करें तो 2021 में 424, 2022 में 470 और 2023 में 370 घटनाएं हुईं। बलवा के मुकदमों में भी कमी आईं। 2021 में 55, 2022 में 49 और 2023 में 19 बलवा हुए।
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केराकत, खेतासराय और शाहगंज थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक घटनाएं
बाहरी जनपदों की सीमा से सटे खेतासराय, केराकत और शाहगंज थाना क्षेत्रों में सबसे अधिक आपराधिक घटनाएं होती हैं। इन थाना क्षेत्रों में लूट, हत्या, बलवा और चोरी की घटनाएं आम हैं।
चंदौली से ज्यादा गाजीपुर में हत्याएं
वाराणसी परिक्षेत्र के अंतर्गत चंदौली में वर्ष 2021 और 2022 में 24-24 हत्याएं और 2023 में छह हत्या हुईं। गाजीपुर में वर्ष 2021 में 45, 2022 में 40 और 2023 में 24 हत्याएं हुई हैं।
अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। अपराध नियंत्रण के लिए सभी राजपत्रित अधिकारियों और थानेदारों को निर्देशित किया गया है। चिकित्सक हत्याकांड में भी सर्विलांस, क्राइम ब्रांच और पुलिस की तीन टीमें लगातार काम कर रही हैं।