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एक्सईएन के पत्र ने खोली एसटीपी निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल

Mon, 10 Aug 2020 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 10 Aug 2020 11:51 PM IST
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XEN letter reveals corruption in STP construction
एक्सईएन के पत्र ने खोली एसटीपी निर्माण में भ्रष्टाचार की पोल
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- टेंडर और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन कर मानक के विपरीत काम कराने का आरोप
- जलनिगम के एक्सईएन ने तबादले से पूर्व निर्माण करा रही संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर को भेजा था पत्र
- जल्दबाजी में अप्रूवल कराने और घटिया काम कराने का लगाया है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। नमामि गंगे योजना के तहत शहर में बन रहा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट फिर चर्चा में है। कार्यदाई संस्था जलनिगम के तत्कालीन एक्सईएन के पत्र ने एसटीपी निर्माण में बरती जा रही अनियमितता की पोल खोली है। परियोजना प्रबंधक को लिखे इस पत्र में एक्सईएन ने मानक की जमकर अनदेखी का आरोप लगाते हुए साफ कहा है कि अगर तकनीकी खामियों में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में इस प्रोजेक्ट में होने वाली किसी भी गड़बड़ी के लिए परियोजना प्रबंधक और उनकी फर्म सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी। अपने तबादले से कुछ दिन पहले एक्सईएन की ओर से लिखा गया यह पत्र वायरल होने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया है। एसटीपी बना रही संस्था और इससे जुड़े विभागीय जिम्मेदारों की सांठ-गांठ भी उजागर हुई है। अब इसमें लीपापोती की तैयारी शुरू हो गई है।
गंगा की प्रमुख सहायक नदी गोमती को स्वच्छ बनाने और शहर के सभी छोटे-बड़े नालों का गंदा पानी उसमें गिरने से रोकने के लिए नमामि गंगे योजना के तहत पचहटिया मोहल्ले में सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदाई संस्था जलनिगम के माध्यम से एसपीएमएल और पुलकित प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड संयुक्त रुप से एसटीपी का निर्माण करा रही हैं। अक्टूबर 2019 से शुरू हुआ यह कार्य लगातार विवादों में है। कभी इसकी डिजाइन और ले आउट की खामियों पर सवाल उठाते जाते रहे हैं तो कभी इसकी कम क्षमता पर। हर बार जलनिगम के अधिकारी ही सब कुछ सही होने की दलील देकर सवालों को खारिज कर देते थे। अब खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहे जलनिगम के पूर्व एक्सईएन ने ही निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाया है।
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जिले में तैनात पूर्व एक्सईएन सुनील कुमार ने गत 14 मई को कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर और प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा था। पत्रांक संख्या 01/कैंप पचहटिया/01 के नंबर से जारी इस पत्र में एक्सईएन ने अनुबंध की शर्तों का हवाला देते हुए मानक के अनुरूप कार्य न करने की बात कही है। पत्र के मुताबिक एसटीपी के लिए संपूर्ण वाटर रिटेनिंग स्ट्रक्चर की जो डिजाइन और ड्राइंग प्रस्तुत की गई है, उसमें टेंडर में दिए गए विशिष्टियों की अनदेखी की गई है। अनुबंध की शर्तों के अनुसार सभी वाटर रिटेनिंग स्ट्रक्चर की पीसीसी की मोटाई 150 एमएम व एम-20 ग्रेड की कंक्रीट होनी चाहिए, मगर इसे क्रमश: 100 एमएम औ ए-10 ग्रेड कंक्रीट दिया जा रहा है। स्ट्रक्टचर के बेस स्लैब की मोटाई 350 एमएम के स्थान पर मात्र 150 एमएम रखा गया है। दीवाल की मोटाई भी मानक के अनुरुप नहीं है। लिहाजा इसमें संशोधन कर ही निर्माण कराया जाना उचित होगा, ताकि भविष्य में होने वाली कठिनाइयों से बचा जा सके। पत्र में एक्सईएन ने यह भी कहा है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में एसटीपी के संचालन में दिक्कतें तय है। ऐसी दशा में पूरी जिम्मेदारी कंपनी की होगी। काबिलेगौर है कि कंपनी ने इस पत्र का संज्ञान लेते हुए सुधार तो नहीं किया अलबत्ता इसके कुछ दिनों बाद ही सवाल उठाने वाले एक्सईएन का लखनऊ मुख्यालय में तबादला कर दिया गया। अब उनका पत्र सोशल मीडिया में आने के बाद महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जिम्मेदार इस पूरे मामले को निपटाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं।
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पूर्व सांसद ने भी एसटीपी की गुणवत्ता पर उठाया था सवाल
पचहटिया में निर्माणाधीन एसटीपी की गुणवत्ता पर बाहुबली पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने भी सवाल उठाया था। प्रोजेक्ट मैनेजर से रंगदारी और अपहरण के मामले में 10 मई की रात अपने आवास से गिरफ्तारी के बाद कोर्ट में पेशी के लिए ले जाते वक्त धनंजय ने मीडिया से बातचीत में विवाद को एसटीपी की गुणवत्ता से जोड़कर बताया था। उन्होंने एक जनप्रतिनिधि का नाम लेते हुए यह आरोप भी लगाया था कि एसटीपी के निर्माण में भारी धांधली हो रही है, जिसका विरोध करने पर उन्हें साजिश का हिस्सा बनाया जा रहा है। यह संयोग ही है कि गुणवत्ता से संबंधित यह पत्र भी एक्सईएन ने धनंजय की गिरफ्तारी के चार दिन बाद लिखा गया था।
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भ्रष्टाचार की बुनियाद पर बन रहा एसटीपी, हो निष्पक्ष जांच
जौनपुर। जलनिगम के तत्कालीन एक्सईएन का पत्र सामने आने के बाद एसटीपी निर्माण में शुरू से ही गड़बड़ी का आरोप लगा रही संस्था स्वच्छ गोमती अभियान ने भी जिम्मेदारों की मंशा पर सवाल उठाया है। अध्यक्ष गौतम गुप्ता ने कहा कि संस्था ने पहले ही इस प्रोजेक्ट में अनियमितता का मामला उठाया था। कोर्ट में भी इसकी याचिका दायर की गई, मगर जलनिगम के अफसर झूठे शपथ पत्र देकर कोर्ट को भी गुमराह करते रहे। अब खुद एक्सईएन के पत्र ने एसटीपी निर्माण कार्य में की गई जल्दबाजी और मानक के विरुद्ध कार्य को स्वीकार किया है। प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता है। इसकी महत्ता को देखते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए। जनता से छल करने वाले चेहरों को बेनकाब करने की जरुरत है। संस्था इसके लिए पुरजोर लड़ाई लड़ेगी।
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मैंने एक माह पहले ही यहां कार्यभार संभाला है। लिहाजा यह पत्र मेरे संज्ञान में नहीं है। इसकी वास्तविकता में बारे में पता करा रहे हैं। वैसे मेेरे आने के बाद से काम मानक के अनुसार ही हो रहा है। प्रोजेक्ट में गुणवत्ता पर पूरा फोकस है। इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा। -संजय कुमार गुप्ता, एक्सईएन जलनिगम।

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जिस पत्र का उल्लेख किया जा रहा है, वह 14 मई का है और तब मैं छुट्टी पर था। यह पत्र मेरे सामने नहीं आया है। अगर कार्यालय में आया भी होगा तो मैंने उसे नहीं नहीं देखा है। एक्सईएन ने यह पत्र क्यों और क्या लिखा है, इस बारे में फिलहाल कुछ भी नहीं बता सकता। -अभिनव सिंघल, प्रोजेक्ट मैनेजर एसटीपी।
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हाईलाइटर:::
* 30 एमएलडी क्षमता का बन रहा सीवर ट्रीटमेंट प्लांट।
* 206 करोड़ की लागत से हो रहा निर्माण।
* 235 करोड़ रुपये सीवर लाइन बिछाने में होंगे खर्च।
* 2021 के अक्टूबर तक पूरा करना है प्रोजेक्ट।
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