{"_id":"6a494a3f7e8de1fec2077040","slug":"women-from-the-group-will-increase-their-income-through-goat-rearing-jaunpur-news-c-193-1-jon1002-158339-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jaunpur News: बकरी पालन कर आमदनी बढ़ाएंगी समूह की महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jaunpur News: बकरी पालन कर आमदनी बढ़ाएंगी समूह की महिलाएं
विज्ञापन
जौनपुर। समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एनआरएलएम विभाग की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। अब बकरी पालन को बढ़ावा देने व महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पशु चिकित्सा विभाग सहयोग करेगा और चयनित महिलाओं को पांच बकरी व एक बकरा 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराएगा।
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 19 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी दो लाख से अधिक महिलाएं खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को साथ में जोड़कर उन्हें भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। विभाग अब नए स्कीम के तहत समूह की महिलाओं को बकरी पालन करने के तरीके सिखाए हैं। इन्हें बकरी पालन की वैज्ञानिक तकनीकी, राशन बैलेंसिंग, बकरियों को होने वाले रोग और उनकी रोकथाम, टीकाकरण की जानकारी दी गई है। साथ ही कारोबार शुरू करने में समस्या न हो, इसके लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को योजना के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त स्वरोजगार जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की तरफ से योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर बकरी पालन के लाभार्थियों का चयन किया जाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में बैठक कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आवेदन मांगे जाएंगे। इसमें कुशल बकरी पालकों को वरीयता दी जानी हैं। हालांकि बीते तीन वर्षों में योजना का लाभ ले चुकी महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी। आवेदनों का सत्यापन कर पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जमा किया जाएगा। इसमें महिलाओं को आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, बकरी पालन प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र व बकरी इकाई को न्यूनतम तीन वर्ष तक संचालित किए जाने का शपथ पत्र 10 रुपये के स्टांप पेपर पर देना होगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
............................
ऐसे मिलेगा अनुदान
बकरी पालन में एक इकाई स्थापित करने वाली महिला को एक नर व पांच मादा की इकाई को स्थापित करना होगा। इसमें प्रत्येक इकाई पर 60 हजार रुपये की लागत आएगी। इसमें 90 प्रतिशत की धनराशि शासन से दी जाएगी, जबकि 10 प्रतिशत की धनराशि को लाभार्थी को जमा करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत जिले में 19 हजार स्वयं सहायता समूह संचालित हैं। इनसे जुड़ी दो लाख से अधिक महिलाएं खुद का कारोबार कर रही हैं। साथ ही अन्य महिलाओं को साथ में जोड़कर उन्हें भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। विभाग अब नए स्कीम के तहत समूह की महिलाओं को बकरी पालन करने के तरीके सिखाए हैं। इन्हें बकरी पालन की वैज्ञानिक तकनीकी, राशन बैलेंसिंग, बकरियों को होने वाले रोग और उनकी रोकथाम, टीकाकरण की जानकारी दी गई है। साथ ही कारोबार शुरू करने में समस्या न हो, इसके लिए आवेदन करने वाली महिलाओं को योजना के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उपायुक्त स्वरोजगार जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पशु चिकित्सा विभाग की तरफ से योजना के तहत ग्रामीण स्तर पर बकरी पालन के लाभार्थियों का चयन किया जाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों में बैठक कर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से आवेदन मांगे जाएंगे। इसमें कुशल बकरी पालकों को वरीयता दी जानी हैं। हालांकि बीते तीन वर्षों में योजना का लाभ ले चुकी महिलाएं शामिल नहीं की जाएंगी। आवेदनों का सत्यापन कर पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में जमा किया जाएगा। इसमें महिलाओं को आधार कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, बकरी पालन प्रशिक्षण का प्रमाण पत्र व बकरी इकाई को न्यूनतम तीन वर्ष तक संचालित किए जाने का शपथ पत्र 10 रुपये के स्टांप पेपर पर देना होगा। इसका उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।
विज्ञापन
............................
ऐसे मिलेगा अनुदान
बकरी पालन में एक इकाई स्थापित करने वाली महिला को एक नर व पांच मादा की इकाई को स्थापित करना होगा। इसमें प्रत्येक इकाई पर 60 हजार रुपये की लागत आएगी। इसमें 90 प्रतिशत की धनराशि शासन से दी जाएगी, जबकि 10 प्रतिशत की धनराशि को लाभार्थी को जमा करना होगा।
विज्ञापन