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Jaunpur News: हाइटेक नर्सरी और उद्यान विभाग के सहयोग से किसान बन रहे आत्मनिर्भर

Sun, 24 May 2026 11:46 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 11:46 PM IST
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With the help of hi-tech nurseries and the horticulture department, farmers are becoming self-reliant.
भिंड़ी की फसल देखते किसान। सूचना विभाग
जौनपुर। हाइटेक नर्सरी और उद्यान विभाग के सहयोग से किसान आत्मनिर्भर बन रहे हैं। जलालपुर विकास खंड के ग्राम आदत शाहपुर कलान निवासी किसान बृजेश कुमार पटेल ने यह साबित कर दिया है कि यदि किसान आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक सोच और विभागीय सहयोग के साथ खेती करें, तो कम भूमि से भी बड़ी सफलता प्राप्त की जा सकती है। सीमित संसाधनों और छोटी जोत के बावजूद उन्होंने उद्यानिकी खेती अपनाकर अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार किया। आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं। प्रगतिशील किसान बृजेश कुमार पटेल इंटरमीडिएट शिक्षित हैं और उनके पास कुल 0.506 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे परंपरागत रूप से धान एवं गेहूं की खेती करते थे, इससे सीमित आय ही प्राप्त हो पाती थी। खेती में बढ़ती लागत और घटती आमदनी उनके सामने बड़ी चुनौती थी। बृजेश पटेल ने बताया कि खेती के शुरुआती दौर में सबसे बड़ी समस्या सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था और आधुनिक तकनीकी जानकारी का अभाव था। कम भूमि होने के कारण यह समझना कठिन था कि ऐसी कौन-सी फसल उगाई जाए जिससे पूरे वर्ष परिवार की आजीविका सुचारु रूप से चल सके। परिवर्तन तब आया जब उन्होंने अपने पिता के मार्गदर्शन में उद्यान विभाग से संपर्क किया। जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा ने संचालित हाइटेक नर्सरी एवं उन्नत बीज वितरण योजनाओं की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाया। हाइटेक नर्सरी से प्राप्त उन्नत पौधों एवं प्रशिक्षण ने उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और उन्होंने भिंडी की व्यावसायिक खेती करने का निर्णय लिया। साथ ही कद्दू, टमाटर, करेला एवं बैंगन जैसी संकर शाकभाजी फसलों की खेती भी शुरू की। 10 बिस्वा भूमि पर 8 हजार की लागत लगाकर 60 दिनों में लगभग 60,000 का शुद्ध लाभ अर्जित किया। भिंडी की तुड़ाई से उन्हें लगभग 20 हजार अतिरिक्त शुद्ध लाभ मिलने की संभावना है। हाइटेक नर्सरी कृषि विज्ञान केन्द्र बक्शा से प्राप्त कद्दू, टमाटर, करेला एवं बैंगन के पौधों की खेती से उन्हें 20 हजार का अतिरिक्त लाभ हुआ।
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