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किसे पड़ा वोट वीवी पैट मशीन बताएगी
jaunpur
Updated Tue, 10 Jan 2017 01:26 AM IST
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कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आरओ, एआरओ को प्रशिक्षण देते जिला निर्वाचन अधिकारी भानुचंद्र गोस्वामी।
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इस बार के विधानसभा चुनाव में इस्तेमाल की जाने वाली वीवीपीएटी( वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट टेऊल, इलेक्ट्रॅानिक वोटिंग मशीन) ऐसे लोगों की आशंकाओं समाधान करेगी जो मतदान के बाद इस संदेह में रहते हैं कि उनका मत उनके पसंदीदा प्रत्याशी को ही गया या किसी और को।
मतदान के बाद इस मशीन से परची निकलेगी जो बताएगी कि उनका मत किसे पड़ा है। सोमवार को जिले के सभी अधिकारियों को वीवीपीएटी मशीन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। फिलहाल संभावना है कि इस मशीन का अबकी चुनाव में किसी एक ही विधानसभा में इस्तेमाल हो सकता है।
वाराणसी से वीवीपीएटी मशीन की ट्रेनिंग लेकर आए जिला पंचायत राज अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव, पालीटेक्निक प्रधानाचार्य राकेश वर्मा, आई टी.आई प्रधानाचार्य शिवबालक राम वर्मा ने अधिकारियों को विधिवत प्रशिक्षण दिया।
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इस दौरान अधिकारियों ने भी मशीन से जुड़े तमाम सवाल किए। जिला निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में यह प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित था। प्रशिक्षकों ने बताया कि मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के साथ वीवीपीएटी नामक प्रिंटर मशीन जोड़ी जाएगी।
वोट डालने के साथ ही स्क्रीन पर एक पर्ची सात सेकेंड के लिए डिस्प्ले होगी जिसमें प्रत्याशी का क्रमांक और उसका निशान छपा होगा। प्रिंटर से यह पर्ची निकलकर एक बाक्स में चली जाएगी। जिसे ईवीएम के साथ सील कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वीवीपीएटी मशीन वोटर के बटन दबाने के बाद दो इंच लम्बी पेपर की एक स्लीप देता है जिसे बैलेट स्लीप कहते है। वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट टेऊल, इलेक्ट्रॅानिक वोटिंग मशीन के साथ सम्बंद्ध एक स्वतंत्र प्रणाली है जिससे मतदाता यह सत्यापित कर सकते है उनके मत उनके मनपसंद प्रत्याशी को गया है या
नहीं। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी उमाकान्त त्रिपाठी, आरओ. रत्नाकर मिश्र, सहदेव मिश्रा, रामसकल मौर्या, आरके पटेल, सतेन्द्र कुमार, ममता मालवीय, जगदम्बा सिंह, शशिकान्त शुक्ला, संजय राय, सहायक निर्वाचन अधिकारी रमाकान्त राम आदि रहे।
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मतदान के बाद इस मशीन से परची निकलेगी जो बताएगी कि उनका मत किसे पड़ा है। सोमवार को जिले के सभी अधिकारियों को वीवीपीएटी मशीन के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। फिलहाल संभावना है कि इस मशीन का अबकी चुनाव में किसी एक ही विधानसभा में इस्तेमाल हो सकता है।
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वाराणसी से वीवीपीएटी मशीन की ट्रेनिंग लेकर आए जिला पंचायत राज अधिकारी सुधीर कुमार श्रीवास्तव, पालीटेक्निक प्रधानाचार्य राकेश वर्मा, आई टी.आई प्रधानाचार्य शिवबालक राम वर्मा ने अधिकारियों को विधिवत प्रशिक्षण दिया।
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इस दौरान अधिकारियों ने भी मशीन से जुड़े तमाम सवाल किए। जिला निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में यह प्रशिक्षण कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित था। प्रशिक्षकों ने बताया कि मतदान केंद्र पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के साथ वीवीपीएटी नामक प्रिंटर मशीन जोड़ी जाएगी।
वोट डालने के साथ ही स्क्रीन पर एक पर्ची सात सेकेंड के लिए डिस्प्ले होगी जिसमें प्रत्याशी का क्रमांक और उसका निशान छपा होगा। प्रिंटर से यह पर्ची निकलकर एक बाक्स में चली जाएगी। जिसे ईवीएम के साथ सील कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वीवीपीएटी मशीन वोटर के बटन दबाने के बाद दो इंच लम्बी पेपर की एक स्लीप देता है जिसे बैलेट स्लीप कहते है। वोटर वेरिफायबल पेपर ऑडिट टेऊल, इलेक्ट्रॅानिक वोटिंग मशीन के साथ सम्बंद्ध एक स्वतंत्र प्रणाली है जिससे मतदाता यह सत्यापित कर सकते है उनके मत उनके मनपसंद प्रत्याशी को गया है या
नहीं। इस अवसर पर उप जिला निर्वाचन अधिकारी उमाकान्त त्रिपाठी, आरओ. रत्नाकर मिश्र, सहदेव मिश्रा, रामसकल मौर्या, आरके पटेल, सतेन्द्र कुमार, ममता मालवीय, जगदम्बा सिंह, शशिकान्त शुक्ला, संजय राय, सहायक निर्वाचन अधिकारी रमाकान्त राम आदि रहे।