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बाढ़ आने पर 144 गांवों में मड़राने लगता है खतरा 18-43-09
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बारिश शुरू हो चुकी है, जल्द ही सारी नदियां उफान पर होंगी। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने की तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि तटवर्ती इलाकों में होने वाले नुकसान को रोका जा सके। बदलापुर और चंदवक क्षेत्र करीब 144 गांवों ऐसे हैं, जो नदियों के आसपास बसे हैं और निचले इलाके में हैं। जहां अत्यधिक बारिश होने पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है।
जिले से होकर गोमती, सई, पीली, बसुई व वरूणा नदियां गुजरी हैं। बारिश के दिनों में इन नदियों का जल स्तर बढ़ जाता है, जिससे नदी के समीप निचले गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। जिले के चंदवक और बदलापुर क्षेत्र में कई गांव पानी से घिर जाते हैं। इनमें चंदवक, बंबावन, हरिहरपुर, भैंसा, बरहपुर, बलरामपुर,घुड़दौर, पोखरा, केवटली, तुरकौली, देवरहा, सराय पड़री, फत्तुपुर व मोलनापुर आदि ज्यादा प्रभावित होते हैं। हालांकि इस बार जिला प्रशासन ने इन गांवों में बाढ़ से निबटने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए जिले में 47 गोताखोर व 127 नाविकों को तैनात किए गए हैं। वहीं बाढ़ चौकी बनाने के लिए 88 स्थानों का चयन किया गया है, ताकि बाढ़ आने पर प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
तहसील - बाढ़ चौकी - गोताखोर - नाविक
सदर - 20 - 12 - 56
मछलीशहर - 12 - 4 - 11
मड़ियाहूं -13 - 11 - 13
शाहगंज - 24 - 5 - 7
केराकत - 7 - 3 - 25
बदलापुर - 12 - 12 - 15
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बाढ़ आई तो होगा 6326 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित
जौनपुर। जिले में मौजूद पांच नदियों में अगर बाढ़ आई तो तकरीबन 6326हेक्टेयर क्षेत्रफल का भाग प्रभावित होगा। वर्ष 1980 में आई बाढ़ में करीब इतना ही क्षेत्रफल प्रभावित हुआ था, जिसे आज भी लक्ष्य बनाकर बाढ़ से निपटने की तैयारी प्रशासन करता है।
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वर्जन...
- बाढ़ से निबटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। गोताखोरों व नाविकों को तैनात कर दिया गया है। बाढ़ चौकी भी खोलने के लिए स्थानों का चयन कर लिया गया है, ताकि बाढ़ आने पर लोगों के जान माल की सुरक्षा की जा सके। राम प्रकाश, एडीएम
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जिले से होकर गोमती, सई, पीली, बसुई व वरूणा नदियां गुजरी हैं। बारिश के दिनों में इन नदियों का जल स्तर बढ़ जाता है, जिससे नदी के समीप निचले गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगता है। जिले के चंदवक और बदलापुर क्षेत्र में कई गांव पानी से घिर जाते हैं। इनमें चंदवक, बंबावन, हरिहरपुर, भैंसा, बरहपुर, बलरामपुर,घुड़दौर, पोखरा, केवटली, तुरकौली, देवरहा, सराय पड़री, फत्तुपुर व मोलनापुर आदि ज्यादा प्रभावित होते हैं। हालांकि इस बार जिला प्रशासन ने इन गांवों में बाढ़ से निबटने की पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए जिले में 47 गोताखोर व 127 नाविकों को तैनात किए गए हैं। वहीं बाढ़ चौकी बनाने के लिए 88 स्थानों का चयन किया गया है, ताकि बाढ़ आने पर प्रभावित इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके।
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तहसील - बाढ़ चौकी - गोताखोर - नाविक
सदर - 20 - 12 - 56
मछलीशहर - 12 - 4 - 11
मड़ियाहूं -13 - 11 - 13
शाहगंज - 24 - 5 - 7
केराकत - 7 - 3 - 25
बदलापुर - 12 - 12 - 15
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बाढ़ आई तो होगा 6326 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रभावित
जौनपुर। जिले में मौजूद पांच नदियों में अगर बाढ़ आई तो तकरीबन 6326हेक्टेयर क्षेत्रफल का भाग प्रभावित होगा। वर्ष 1980 में आई बाढ़ में करीब इतना ही क्षेत्रफल प्रभावित हुआ था, जिसे आज भी लक्ष्य बनाकर बाढ़ से निपटने की तैयारी प्रशासन करता है।
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वर्जन...
- बाढ़ से निबटने की तैयारी पूरी कर ली गई है। गोताखोरों व नाविकों को तैनात कर दिया गया है। बाढ़ चौकी भी खोलने के लिए स्थानों का चयन कर लिया गया है, ताकि बाढ़ आने पर लोगों के जान माल की सुरक्षा की जा सके। राम प्रकाश, एडीएम