फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Were laborers, bosses made owners

मजदूर थे, हौसलों ने मालिक बना दिया

Thu, 14 Jan 2021 11:41 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jan 2021 11:41 PM IST
विज्ञापन
Were laborers, bosses made owners
मजदूर वाली खबर के लिए सिलाइ मशीन के साथ अरविन्द राजभर की फोटो। - फोटो : JAUNPUR
जौनपुर। आरा गांव निवासी अरविंद राजभर कुछ माह पहले लुधियाना की एक कपड़ा फैक्ट्री में मजदूरी करते थे। दिनभर की मेहनत के बाद भी वह रोजाना 350-400 रुपये कमा पाते थे। लॉकडाउन में घर आ गए। इसके बाद हौसले और हुनर से अब वह खुद घर बैठे न सिर्फ 25 हजार कमा रहे हैं बल्कि आसपास के गांव के 20 अन्य युवकों को भी रोजगार दे रहे हैं।
विज्ञापन

अपने हुनर के दम पर सफलता की नई कहानी गढ़ने वाले 35 वर्षीय अरविंद राजभर के मजदूर से मालिक बनने का सफर आसान नहीं था। राह में कई मुश्किलें आई, लेकिन वह डटकर खड़े रहे। सबसे बड़ी बाधा पूंजी की थी। अरविंद बताते हैं कि पिछले कई वर्षों से लुधियाना की विभिन्न कंपनियों में काम किया। इस दौरान सुबह से शाम तक घंटों सिलाई के बाद उन्हें मजदूरी के रूप में कभी 300 तो कभी 400 रुपये मिलते थे। इसी से घर और परदेश में चूल्हा भी जलता था। वर्ष 2017 में जब घर आए तो यहीं रुककर कुछ करने का फैसला लिया। सिलाई मशीन खरीदकर शुरुआत भी की, लेकिन पूंजी के अभाव में हालात अनुकूल नहीं हो पाए। लिहाजा फिर से परदेश की राह पकड़नी पड़ी।
विज्ञापन

पिछले वर्ष लॉकडाउन में अन्य लोगों के साथ ही वह भी घर लौट आए। इस दौरान हुई दुश्वारियों से उन्होंने प्रण लिया कि अब दोबारा परदेश का रुख नहीं करेंगे। अपने सपने को पूरा करने के लिए फिर एक बार कमर कसी। उद्योग विभाग से संपर्क किया। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से दस लाख रुपये का ऋण लेकर अगस्त से गांव में ही कारोबार की शुरुआत की। सिलाई की 15 मशीनें खरीदीं और अन्य संसाधन जुटाए। अब वह जैकेट, स्वेटर, टोपी आदि तैयार कर रहे है। इतना ही नहीं आसपास के 20 अन्य युवक जो लॉकडाउन में परदेश से घर लौटे थे, को अपने साथ जोड़ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक के लिए बना रहे स्वेटर, जेल से भी मिला आर्डर
अरविंद इन दिनों अपनी टीम के साथ स्वेटर बनाने में जुटे हैं। यह काम उन्हें यूनियन बैंक की ओर से मिला है। कर्मचारियों में वितरण के लिए बैंक ने 850 स्वेटर के आर्डर दिए हैं, जिसके पहले चरण में 400 की आपूर्ति देनी है। इसके अलावा उन्हें जेल के बंदियों के लिए 1700 शर्ट, टी-शर्ट और टोपी बनाने का आर्डर मिला है। इससे पहले वह 9000 मास्क भी बना चुके हैं।
फिलहाल 20 लोग कर रहे काम
रीता इंटरप्राइजेज के नाम से संचालित अरविंद की फैक्ट्री में अभी 20 लोग काम कर रहे हैं। इसमें 15 मशीन चलाते हैं और अन्य दूसरे काम करते हैं। अभी आर्डर का माल तैयार हो रहा है। इसके बाद अतिरिक्त माल बनाकर स्थानीय बाजारों में बिक्री करने की भी योजना है। अरविंद का कहना है कि जब हम अपने हुनर से दूसरों को आगे बढ़ा सकते हैं तो खुद को क्यों नहीं। बस इसी सोच ने हमें अपना काम करने के लिए प्रेरित किया। इस शुरुआत में जफराबाद विधायक डॉ. हरेंद्र प्रताप सिंह ने भी काफी प्रोत्साहन दिया।
अरविंद अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। अपनी मेहनत, लगन और हुनर के दम पर उन्होंने अच्छी शुरुआत की है। अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। उनकी योजना अच्छी थी। इसलिए विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल के बाद आवेदन स्वीकृत कराते हुए ऋण उपलब्ध कराने में मदद की गई। उम्मीद है कि अन्य युवक भी इससे प्रेरणा लेंगे।
-एसएस रावत, उपायुक्त, उद्यम एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र, जौनपुर।
पहले मैं मुंबई रहता था और वहीं सिलाई का काम करता था। लॉक डाउन में गांव आया। संयोगवश गांव में ही काम मिल गया। अब परदेश जाने का इरादा बदल गया। यहीं रहकर रोजी-रोटी कमाऊंगा। अपने परिवार और गांव को आगे बढ़ाऊंगा। -अमित राजभर।

---
परदेश में कमरे का किराया, खाना आदि सब महंगा था। अब गांव में रोजगार मिलने से गांव छोड़ना नहीं है। वैसे भी परदेश के हालात ठीक नहीं है। कब कौन सी समस्या बताकर बाहर कर दिया जाए कोई भरोसा नहीं। इस पहल से कई अन्य परिवार को भी रोजगार मिल जाएगा। -रवींद्र कुमार।

मजदूरों की खबर के लिए सिलाई मशीनों की फोटो।

मजदूरों की खबर के लिए सिलाई मशीनों की फोटो।- फोटो : JAUNPUR

मजदूर वाली खबर के लिए सिलाई करते मजदूर की फोटो।

मजदूर वाली खबर के लिए सिलाई करते मजदूर की फोटो।- फोटो : JAUNPUR

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed