Jaunpur: मांगलिक कार्यक्रम के बीच दो घरों में छाया मातम, तिलक के दौरान मां की मौत, करंट की चपेट में आया युवक
सरपतहाप थाना क्षेत्र के वासुपुर गांव में द्वारचार के दौरान टेंट लगाने वालों की एक छोटी सी लापरवाही ने मातम का माहौल कर दिया। वहां स्वागत द्वार की ऊंचाई कम होने के कारण डीजे को पार कराने के लिए कुछ युवक स्वागत गेट में लगे खंभों को हाथ से उठा रहे थे। इसी दौरान ऊपर से गुजरे तार से छू गया और करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई।
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जिले के दो अलग-अलग स्थानों पर बुधवार की रात में मांगलिक कार्यक्रमों के बीच एक ऐसी खबर आई की खुशहाली को सन्नाटे में तब्दील कर दिया। सिंगरामऊ बाजार में स्थित तिलक समारोह के दौरान दूल्हे की मां को अचानक हार्ट अटैक आया और उनकी मौत हो गई। वहीं सरपतहाप थाना क्षेत्र के वासुपुर गांव में द्वारचार के दौरान टेंट लगाने वालों की एक छोटी सी लापरवाही ने मातम का माहौल कर दिया। वहां स्वागत द्वार की ऊंचाई कम होने के कारण डीजे को पार कराने के लिए कुछ युवक स्वागत गेट में लगे खंभों को हाथ से उठा रहे थे। इसी दौरान ऊपर से गुजरे तार से छू गया और करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई।
दवा व्यवसायी के घर छा गया मातम
सिंगरामऊ कस्बा निवासी दवा व्यवसायी दिनेश चंद्र बरनवाल के पुत्र निक्कू बरनवाल का बुधवार को बदलापुर स्तिथ एक मैरेज हाल में तिलक होना था। कार्यक्रम की सारी तैयारी पूरी कर ली गई थी। जैसे ही तिलक का कार्यक्रम शुरू हुआ मां मोनिका देवी (50) को हार्ट अटैक आ गया। आनन फानन में परिजन बदलापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बदलापुर ले गए। स्तिथि गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जौनपुर के लिए रेफर कर दिया। लेकिन जौनपुर पहुंचने के पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। मौत की खबर लगते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
सरपतहां थाना क्षेत्र के बासूपुर गांव में वैवाहिक कार्यक्रम में द्वारचार के समय करंट की चपेट में आने से बघरवारा निवासी राम भुवन यादव (36) की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पल भर में ही खुशियों का माहौल मातम में बदल गया। बासूपुर गांव निवासी अजय रजक के घर उनकी बहन की शादी थी। बारात द्वारचार के लिए जा रही थी। लड़की पक्ष के घर के पहले स्वागत गेट बनाया गया था। जिसकी ऊंचाई कम थी और डीजे उसमें फंस रहा था। इसके बाद कुछ युवकों ने गेट को उठाने का निर्णय लिया, किंतु वे भूल गए कि ऊपर से बिजली का तार गुजरा हुआ है। जैसे ही गेट उठाया गया लोहे की पाइप ऊपर बिजली के तार में छू गई और राम भुवन करंट की चपेट में आ गया।