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आरओ प्लांट का लेंगे सर्विलांस नमूना
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 30 Apr 2016 11:47 PM IST
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पुलिस का आरओ संयंत्र
- फोटो : अमर उजाला
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दो आरओ प्लांटों का नमूना फेल होने के मामले को डीएम ने गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर जिले के सभी आरओ प्लांटों का सर्विलांस नमूना खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा लिया जाएगा। नमूने को मेरठ और लखनऊ की प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जाएगा। पानी की गुणवत्ता खराब मिलने पर ऐसे प्लांट संचालकों पर विधिक कार्यवाही होगी। डीएम भानुचंद्र गोस्वामी ने कहा है कि उनका उद्देश्य गुणवत्ता युक्त पानी लोगों को पिलाना है।
जिले में 60 से अधिक आरओ प्लांट लगाए गए हैं। इनके द्वारा लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के नाम पर लाखों की कमाई की जा रही है। बावजूद अधिकतर प्लांटों के पानी का टीडीएस मानक से अधिक है। इसका खुलासा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के जांच में भी हो चुका है। आरओ प्लांट द्वारा प्रदूषित पानी पिलाने का मामला अमर उजाला ने 17 अप्रैल के अंक में उठाया था।
जिसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने आरओ प्लांटों की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि जांच में देखें कि सामान्य गुणवत्ता का पीने योग्य पानी है कि नहीं। जल स्वास्थ्य के लिए कहीं हानिकारक तो नहीं है। इसके बाद शनिवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आरओ प्लांट संचालकों की एक बैठक की। जिसमें मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने कहा कि उनका मकसद प्लांटों को बंद करना नहीं है बल्कि पीने योग्य पानी लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है कि नहीं यह देखना है।
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जिले में 60 से अधिक आरओ प्लांट लगाए गए हैं। इनके द्वारा लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति के नाम पर लाखों की कमाई की जा रही है। बावजूद अधिकतर प्लांटों के पानी का टीडीएस मानक से अधिक है। इसका खुलासा खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के जांच में भी हो चुका है। आरओ प्लांट द्वारा प्रदूषित पानी पिलाने का मामला अमर उजाला ने 17 अप्रैल के अंक में उठाया था।
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जिसे गंभीरता से लेते हुए डीएम ने आरओ प्लांटों की जांच करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि जांच में देखें कि सामान्य गुणवत्ता का पीने योग्य पानी है कि नहीं। जल स्वास्थ्य के लिए कहीं हानिकारक तो नहीं है। इसके बाद शनिवार को खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने आरओ प्लांट संचालकों की एक बैठक की। जिसमें मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी वीपी सिंह ने कहा कि उनका मकसद प्लांटों को बंद करना नहीं है बल्कि पीने योग्य पानी लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा है कि नहीं यह देखना है।
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