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Jaunpur News: पूर्वांचल विवि में एक करोड़ से बनेगा यूपी का पहला जल अनुसंधान संस्थान
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चंद्रेश कुमार यादव
करंजाकला। जौनपुर की उपलब्धियों में जल्द ही एक और उपलब्धि शामिल होने वाली है। जिले में स्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में जल्द ही एक करोड़ रुपये की लागत से नया शोध केंद्र खुलेगा। इसमें जल के साथ ही पौधों और मिट्टी पर भी शोध हो सकेगा। एक साथ तीन शोध करने वाला यह केंद्र उत्तर प्रदेश का पहला शोध केंद्र होगा। इसके लिए पूर्वांचल विवि और पीपुल्स वर्ल्ड कमीशन ऑन ड्राउट एंड फ्लड के बीच एमओयू पर भी हस्ताक्षर हो गया है।
9 नवंबर 2023 को पांच वर्षों के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इस एमओयू के तहत पूर्वांचल विवि अपने परिसर में ‘जल अनुसंधान संस्थान’ की स्थापना करेगा। यह जल शोध केंद्र अगले साल 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस शोध केंद्र में जहां आधुनिक मशीनरी लगेगी। वहीं कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। इस संस्थान के माध्यम से विवि आस-पास के क्षेत्रों विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में जल और मिट्टी से संबंधित विभिन्न अनुसंधान, शैक्षणिक गतिविधियों और जल कायाकल्प/जीर्णोद्धार, जलवायु परिवर्तन, जल विज्ञान, जल अभियांत्रिकी और जल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से संबंधित शोध परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसका लाभ विवि को क्षेत्र में होने वाले विभिन्न गतिविधियों में प्राप्त होगा। इसके अलावा यह संस्थान जल संरक्षण और प्रबंधन से संबंधित विभिन्न शोध परियोजनाओं एवं गतिविधियों (शिक्षण-प्रशिक्षण, सम्मेलन, कार्यशाला) में कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने, जल शोध संस्थान के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से शोध में नवाचार और परस्पर सहयोग, विशेषज्ञों को उपलब्ध कराने में पूर्वांचल विवि का मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेगा।
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क्या है पीपुल्स वर्ल्ड कमीशन ऑन ड्राउट एंड फ्लड
यह एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो सूखा और बाढ़ से संबंधित मुद्दों से संबंधित विषयों पर कार्य करती है। यह केंद्र एक करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक मशीनों से लैस होगा। स्थापना पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में नए भवन में होगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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वरुणा, असि और अन्य नदियों के पानी को साफ करने में मदद
स्वीडन की पीपुल्स वर्ल्ड कमीशन ऑन ड्राउट एंड फ्लड संस्था से पूर्वांचल विवि का एमओयू चुका है। इसके लिए पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में हो रही जल समस्याओं के लिए शोध केंद्र की स्थापना परिसर में की जा रही है। काशी में बहने वाली वरुणा, असि व अन्य जिलों में स्थित नदियों के जल का शोध कर उन्हें स्वच्छ करने में भी यह शोध केंद्र उपयोगी साबित होगा।
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वर्जन
जल शोध केंद्र बनाने के लिए एमओयू हस्ताक्षर करा लिया गया है। दोनों संस्थानों द्वारा इस पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू होगा।
- प्रो.वंदना सिंह, कुलपति, पूर्वांचल विवि, जौनपुर।
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करंजाकला। जौनपुर की उपलब्धियों में जल्द ही एक और उपलब्धि शामिल होने वाली है। जिले में स्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में जल्द ही एक करोड़ रुपये की लागत से नया शोध केंद्र खुलेगा। इसमें जल के साथ ही पौधों और मिट्टी पर भी शोध हो सकेगा। एक साथ तीन शोध करने वाला यह केंद्र उत्तर प्रदेश का पहला शोध केंद्र होगा। इसके लिए पूर्वांचल विवि और पीपुल्स वर्ल्ड कमीशन ऑन ड्राउट एंड फ्लड के बीच एमओयू पर भी हस्ताक्षर हो गया है।
9 नवंबर 2023 को पांच वर्षों के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। इस एमओयू के तहत पूर्वांचल विवि अपने परिसर में ‘जल अनुसंधान संस्थान’ की स्थापना करेगा। यह जल शोध केंद्र अगले साल 2025 तक बनकर तैयार हो जाएगा। इस शोध केंद्र में जहां आधुनिक मशीनरी लगेगी। वहीं कर्मचारियों की नियुक्ति भी की जाएगी। इस संस्थान के माध्यम से विवि आस-पास के क्षेत्रों विशेषकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में जल और मिट्टी से संबंधित विभिन्न अनुसंधान, शैक्षणिक गतिविधियों और जल कायाकल्प/जीर्णोद्धार, जलवायु परिवर्तन, जल विज्ञान, जल अभियांत्रिकी और जल प्रौद्योगिकी के क्षेत्र से संबंधित शोध परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेगी। इसका लाभ विवि को क्षेत्र में होने वाले विभिन्न गतिविधियों में प्राप्त होगा। इसके अलावा यह संस्थान जल संरक्षण और प्रबंधन से संबंधित विभिन्न शोध परियोजनाओं एवं गतिविधियों (शिक्षण-प्रशिक्षण, सम्मेलन, कार्यशाला) में कई सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं से वित्तीय सहयोग प्राप्त करने, जल शोध संस्थान के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों से शोध में नवाचार और परस्पर सहयोग, विशेषज्ञों को उपलब्ध कराने में पूर्वांचल विवि का मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करेगा।
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क्या है पीपुल्स वर्ल्ड कमीशन ऑन ड्राउट एंड फ्लड
यह एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो सूखा और बाढ़ से संबंधित मुद्दों से संबंधित विषयों पर कार्य करती है। यह केंद्र एक करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक मशीनों से लैस होगा। स्थापना पूर्वांचल विश्वविद्यालय परिसर में नए भवन में होगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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वरुणा, असि और अन्य नदियों के पानी को साफ करने में मदद
स्वीडन की पीपुल्स वर्ल्ड कमीशन ऑन ड्राउट एंड फ्लड संस्था से पूर्वांचल विवि का एमओयू चुका है। इसके लिए पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों में हो रही जल समस्याओं के लिए शोध केंद्र की स्थापना परिसर में की जा रही है। काशी में बहने वाली वरुणा, असि व अन्य जिलों में स्थित नदियों के जल का शोध कर उन्हें स्वच्छ करने में भी यह शोध केंद्र उपयोगी साबित होगा।
वर्जन
जल शोध केंद्र बनाने के लिए एमओयू हस्ताक्षर करा लिया गया है। दोनों संस्थानों द्वारा इस पर काम किया जा रहा है। जल्द ही इसका निर्माण शुरू होगा।
- प्रो.वंदना सिंह, कुलपति, पूर्वांचल विवि, जौनपुर।