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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jaunpur News ›   Two killed, including a young woman arriving to take the TET exam; motorcycle collided with a stationary truck.

Jaunpur News: टीईटी परीक्षा देने आ रही युवती समेत दो की मौत, खड़े ट्रक से टकराई बाइक

Thu, 02 Jul 2026 01:55 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jul 2026 01:55 AM IST
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Two killed, including a young woman arriving to take the TET exam; motorcycle collided with a stationary truck.
दुर्घटना में मृतक गौरव वर्मा फाइल फोटो। स्रोत-परिजन
सुइथाकला। सरपतहा थाना क्षेत्र के लखनऊ-बलिया राजमार्ग पर पिपरौल गांव के पास बुधवार की दोपहर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार गौरव वर्मा (20) और नेहा वर्मा (24) की मौत हो गई। अनियंत्रित बाइक सड़क किनारे खड़े ट्रक से पीछे से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि गौरव ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, नेहा टीईटी परीक्षा देने के लिए सुल्तानपुर से आई थी। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया।
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थानाध्यक्ष यजुवेंद्र सिंह ने बताया कि गंगौली गांव निवासी गौरव वर्मा अपनी बाइक से सुल्तानपुर के लंभुआ थाना क्षेत्र के करनपुर गांव निवासी नेहा वर्मा को लेकर अपने गांव लौट रहा था। नेहा, गौरव की बहन की ननद थी और टीईटी परीक्षा देने आई थी। पिपरौल गांव के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से उनकी बाइक पीछे से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
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स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुइथाकला ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने गौरव को मृत घोषित कर दिया। नेहा की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उसने भी दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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इकलौते बेटे की मौत से बिखर गया परिवार
गौरव वर्मा अपने पिता सियाराम वर्मा का इकलौता बेटा था। उसकी बड़ी बहन अमृता है। गौरव के बचपन में ही उसकी मां मीनू का निधन हो गया था। पत्नी की मृत्यु के बाद सियाराम वर्मा ने दूसरी शादी की, लेकिन दूसरी पत्नी से कोई संतान नहीं हुई। ऐसे में गौरव ही परिवार की उम्मीदों का एकमात्र सहारा था। उसकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

संघर्ष से बेटे को बड़ा किया, अब सहारा भी छिन गया
ग्रामीणों के अनुसार, पत्नी के निधन के बाद सियाराम वर्मा ने कठिन परिस्थितियों में बच्चों का पालन-पोषण किया और गौरव को कभी मां की कमी महसूस नहीं होने दी। इकलौते बेटे की मौत ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और हर कोई इस हृदयविदारक हादसे से स्तब्ध है।
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