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दो दवा व्यापार संगठन आमने-सामने
जौनपुर ब्यूराे
Updated Thu, 15 Oct 2015 12:44 AM IST
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दो दवा संगठन बुधवार को उस समय आमने-सामने आ गए जब आन लाइन व्यापार लागू करने के विरोध में एक दूकान बंद करवा रहा था तो दूसरा नियम को सही कहते हुए दूकान को खुलवाने का कार्य कर रहा था।
आल इंडिया केमिस्ट एंड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन ने आल इंडिया आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन का पुतला दहन किया।
आन लाइन व्यापार लागू होने से नाराज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने थोक व फुटकर दवाओं की दूकानों को बंद करा रहा था। वे आन लाइन व्यापार नियम लागू नहीं होने के विरोध में दूकान बंद कराने का कार्य कर रहे थे।
उनकी मानें तो आन लाइन व्यापार नियम लागू होने से लगभग 60 हजार दूकानें के बंद होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। जबकि दवा व्यवसाय में शेड्यूल एच की औषधियों के विक्रय के लिए फार्मासिस्ट की आवश्यकता होती है।
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अन्य दवाएं सामान्य व्यक्ति के द्वारा भी बेची जा सकती हैं। उन्होंने आनलाइन व्यापार की अनुमति नहीं दिए जाने, प्रदेश सरकार की ओर से फुटकर दवा व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने, नए लाइसेेंस निर्गत करते समय समस्त
वैधानिक औपचारिकताएं गंभीरता के साथ पूरी कराए जाने और तीन या छह माह की ट्रेनिंग कराए जाने की मांग की है। उधर केमिस्ट एंड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन दूकानें खुलवाने का कार्य कर रहा था।
उनकी मानें तो आन लाइन व्यापार लागू होना सही है। वे नियम को लागू करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान पदाधिकारियों ने एआईओसीडी का पुतला दहन किया।
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आल इंडिया केमिस्ट एंड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन ने आल इंडिया आर्गेनाइजेशन आफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन का पुतला दहन किया।
आन लाइन व्यापार लागू होने से नाराज केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन ने थोक व फुटकर दवाओं की दूकानों को बंद करा रहा था। वे आन लाइन व्यापार नियम लागू नहीं होने के विरोध में दूकान बंद कराने का कार्य कर रहे थे।
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उनकी मानें तो आन लाइन व्यापार नियम लागू होने से लगभग 60 हजार दूकानें के बंद होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। जबकि दवा व्यवसाय में शेड्यूल एच की औषधियों के विक्रय के लिए फार्मासिस्ट की आवश्यकता होती है।
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अन्य दवाएं सामान्य व्यक्ति के द्वारा भी बेची जा सकती हैं। उन्होंने आनलाइन व्यापार की अनुमति नहीं दिए जाने, प्रदेश सरकार की ओर से फुटकर दवा व्यापारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करने, नए लाइसेेंस निर्गत करते समय समस्त
वैधानिक औपचारिकताएं गंभीरता के साथ पूरी कराए जाने और तीन या छह माह की ट्रेनिंग कराए जाने की मांग की है। उधर केमिस्ट एंड कास्मेटिक वेलफेयर एसोसिएशन दूकानें खुलवाने का कार्य कर रहा था।
उनकी मानें तो आन लाइन व्यापार लागू होना सही है। वे नियम को लागू करने की मांग कर रहे थे। इस दौरान पदाधिकारियों ने एआईओसीडी का पुतला दहन किया।