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Jaunpur: बयान से मुकरी दुष्कर्म पीड़िता, DNA जांच व पहले बयान के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा
Thu, 18 Jan 2024 11:42 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 18 Jan 2024 11:42 AM IST
सार
किशोरी से दुष्कर्म की घटना के छह महीने के अंदर अदालत ने फैसला सुनाया। किशोरी और उसकी मां ने बयान बदल दिया था। कोर्ट ने डीएनए जांच और पहले बयान के आधार पर आरोपी राहुल गौतम को 20 वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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आरोपी को सजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अपर सत्र न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रथम काशी प्रसाद सिंह यादव ने सरायख्वाजा थाना क्षेत्र में दुष्कर्म के मामले में पीड़िता व उसकी मां के घटना से मुकर जाने के बावजूद डीएनए जांच के आधार पर सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी राहुल गौतम को 20 वर्ष की सजा व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। घटना के छह माह के अंदर फैसला सुनाया गया।
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ये है पूरा मामला
घटना की प्राथमिकी पीड़िता की मां ने नौ जुलाई 2023 को सरायख्वाजा थाने में दर्ज कराई थी। वादिनी के अनुसार उसकी 17 वर्षीय पुत्री को आरोपी राहुल गौतम शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर घर से ही भगा ले गया और बाद में गांव के बाहर लाकर छोड़ दिया। पीड़िता का चिकित्सीय परीक्षण हुआ। पुलिस व मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान दिया कि राहुल गौतम उसके पीछे पड़ा था। कहता था कि बात करो नहीं तो छत से कूदकर अपनी जान दे दूंगा। शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया। आठ जुलाई 2023 को उसके साथ जबरन दुराचार किया।
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पुलिस ने विवेचना के दौरान पीड़िता के बताने पर उसके कपड़े कब्जे में लिए। डीएनए जांच के लिए पीड़िता की प्रोफाइल बनाई गई। आरोपी का भी चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। दोनों का डीएनए प्रोफाइल विधि विज्ञान प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस डायरी दाखिल की। पीड़िता व उसकी मां कोर्ट में घटना से मुकर गईं।
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पीड़िता ने दुष्कर्म की बात से इनकार किया। जिस पर कोर्ट ने दोनों को पक्षद्रोही घोषित किया। अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील राजेश कुमार उपाध्याय व कमलेश राय ने मुकदमे की प्रभावी पैरवी की। कोर्ट ने डीएनए की जांच व पीड़िता द्वारा पूर्व में दिए गए मजिस्ट्रेट के समक्ष बयान को साक्ष्य माना। पत्रावली में उपलब्ध समस्त साक्ष्यों का परिशीलन करने के बाद कोर्ट ने दोषी राहुल गौतम को 20 वर्ष की सजा सुनाई।