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जोखिम भरा है लिंक मार्गों पर सफर
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Tue, 19 Jul 2016 01:15 AM IST
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सिकरारा सुजानगंज मार्ग पर रीठी गांव के पास जलमग्न हुई सड़क।
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मुख्य मार्गों की मरम्मत भले ही करा दी गई है पर ग्रामीण इलाकों में बने तमाम लिंक मार्ग जर्जर हो गए हैं। वर्षों से उनकी मरम्मत नहीं हुई है। इन सड़कों पर सफर करना खतरे से खाली नहीं है। बारिश के मौसम में इन सड़कों की दशा और भी खराब हो गई है। सड़क पर बने गड्ढों में बानी जमा हो गया है। इसपर चलने वालों को पता नहीं चलता कि कहां गड्ढा है।
लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में कई लिंक मार्ग ऐसे हैं जिसकी 10 से 15 साल में एक बार भी मरम्मत नहीं की गई। जबकि लोक निर्माण विभाग का मानक है कि इन सड़कों की लाइफ आठ साल होती है।
यानी पूरी गुणवत्तवा के साथ सड़क का निर्माण हो तो आठ साल चल सकती है घटिया निर्माण के बाद भी वर्षों से सड़कों को वैसे ही छोड़ दिया गया है। कोईरीडीहा-इटौरी जमुआही मार्ग भी दुदर्शा का शिकार है। राजेपुर निवासी दयानंद कहते हैं कि उन्हें याद नहीं है कि इस सड़क की मरम्मत कब कराई गई थी।
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जबकि यह सड़क आजमगढ़ की सीमा से जुड़ती है।सिकरारा बरई पार मार्ग, लालाबाजार शिवगुलामगंज मार्ग गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। भीलमपुर-शेरवा मार्ग , सिकरारा-देहजुरी मार्ग, फतेहगंज-लखौआ मार्ग की स्थिति बहुत ही खराब है । सिंगरामऊ दयालापुर मार्ग पर जिसमें सिंघावल , लच्छीपट्टी, रघुनाथपुर, दयालापुर, भूला गांव जुड़े है की हालत बहुत
दयनीय है । सिंगरामऊ- बहरीपुर मार्ग की भी दशा जर्जर हो चुकी है। इस मार्ग से मिश्रौली, नकहरा, बर्रैंया, सरदार नगर, देउरा , मल्लूपुर आदि गांव जुड़ते है ।सड़क में गड्ढा होगया है गिट्टियां उखड़ गई है । सुजानगंज से हिम्मतनगर संपर्क मार्ग का निर्माण करीब पंद्रह वर्ष पूर्व कराया गया था लेकिन फिर से मरम्मत नहीं कराई गई।
सड़क टूटकर गड्ढो में तब्दील हो गयी । सुजानगंज से सबेली, नारीपुर होते हुए हिम्मतनगर को जोड़ने वाली सड़क लगभग पांच किलोमीटर की गड्ढे में तब्दील हो गई है। बारिश में सड़क कई जगह धंस गई है। बारिश की मौसम में सड़क पर हुए गड्ढों में पानी भर जाता है । बरसठी: निगोह बाजार के कूसा रोड पर सरोज बस्ती के पास घुटने भर पानी जमा हो गया है।
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लोग गड्ढों में गिरकर चोटिल भी हो जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में कई लिंक मार्ग ऐसे हैं जिसकी 10 से 15 साल में एक बार भी मरम्मत नहीं की गई। जबकि लोक निर्माण विभाग का मानक है कि इन सड़कों की लाइफ आठ साल होती है।
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यानी पूरी गुणवत्तवा के साथ सड़क का निर्माण हो तो आठ साल चल सकती है घटिया निर्माण के बाद भी वर्षों से सड़कों को वैसे ही छोड़ दिया गया है। कोईरीडीहा-इटौरी जमुआही मार्ग भी दुदर्शा का शिकार है। राजेपुर निवासी दयानंद कहते हैं कि उन्हें याद नहीं है कि इस सड़क की मरम्मत कब कराई गई थी।
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जबकि यह सड़क आजमगढ़ की सीमा से जुड़ती है।सिकरारा बरई पार मार्ग, लालाबाजार शिवगुलामगंज मार्ग गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। भीलमपुर-शेरवा मार्ग , सिकरारा-देहजुरी मार्ग, फतेहगंज-लखौआ मार्ग की स्थिति बहुत ही खराब है । सिंगरामऊ दयालापुर मार्ग पर जिसमें सिंघावल , लच्छीपट्टी, रघुनाथपुर, दयालापुर, भूला गांव जुड़े है की हालत बहुत
दयनीय है । सिंगरामऊ- बहरीपुर मार्ग की भी दशा जर्जर हो चुकी है। इस मार्ग से मिश्रौली, नकहरा, बर्रैंया, सरदार नगर, देउरा , मल्लूपुर आदि गांव जुड़ते है ।सड़क में गड्ढा होगया है गिट्टियां उखड़ गई है । सुजानगंज से हिम्मतनगर संपर्क मार्ग का निर्माण करीब पंद्रह वर्ष पूर्व कराया गया था लेकिन फिर से मरम्मत नहीं कराई गई।
सड़क टूटकर गड्ढो में तब्दील हो गयी । सुजानगंज से सबेली, नारीपुर होते हुए हिम्मतनगर को जोड़ने वाली सड़क लगभग पांच किलोमीटर की गड्ढे में तब्दील हो गई है। बारिश में सड़क कई जगह धंस गई है। बारिश की मौसम में सड़क पर हुए गड्ढों में पानी भर जाता है । बरसठी: निगोह बाजार के कूसा रोड पर सरोज बस्ती के पास घुटने भर पानी जमा हो गया है।