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...आखिर कब मिलेगी जाम से मुक्ति
ब्यूरो, अमर उजाला, जौनपुर
Updated Sat, 19 Mar 2016 12:51 AM IST
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रामपुर बाजार में सड़क पर ट्रक खड़ाकर सामान उतारने से लगे जाम में फंसे लोग।
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हाल के 15 वर्षों में गाड़ियां तकरीबन 10 गुना बढ़ गई हैं, लेकिन जाम से निपटने का कोई प्लान प्रशासन नहीं तैयार कर सका। जो ट्रैफिक कंट्रोल 15 वर्ष पहले था वही आज भी है। जौनपुर नगर में न तो ट्रैफिक सिगनल है और न ही कोई सिस्टम ही काम कर रहा है। ट्रैफिक के नाम पर कुछ सिपाही और होमगार्ड जरूर लगाए गए हैं, लेकिन वह दिन भर चेकिंग और वसूली में ही व्यस्त देखे जाते हैं। जाम का सबसे बड़ा कारण नियमों का पालन नही करना और मनमानी पार्किंग भी है।
कमोवेश यही स्थिति गौराबादशाहपुर, मुंगराबादशाहपुर, मड़ियाहूं, खेतासराय, शाहगंज, चंदवक, केराकत, जफराबाद, रामपुर आदि का भी है। शहर में सड़कें काफी सकरीं हैं यहां ओलंगदंज, कोतवाली, सुतहट्टी, नवाब युसूफ रोड, मल्हनी पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव, सिपाह, जेसीज, रोडवेज तिराहा, लाइनबाजार, रासमंडल चौक, पालीटेक्निक, चहारसू, नखास, कलेक्ट्रेट सहित तमाम स्थानों पर हर रोज जाम लगता है।
जाम में फंसकर स्कूली बच्चे, महिलाएं, मरीज और नौकरी पेशा लोग परेशान होते हैं। लेकिन जाम से निपटने का कोई इंतजाम नही किया जा सका है। कहने को होमगार्ड और ट्रैफिक सिपाही लगाए हैं लेकिन वह दो पहिया वाहनों के कागजात चेक करने में ही जुटे रहते हैं। ट्रैफिक से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उनकी मजबूरी है कि 50 हजार रुपये प्रति माह चालान काटना पड़ रहा है।
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ट्रैफिक सिपाहियों की भी कमी है। गौराबादशाहपुर: जौनपुर-आजमगढ़ हाईवे पर लोगों का यात्रा करना दुश्वार हो गया है। लोग दिन भर में दर्जन भर से अधिक बार जाम में फंसकर परेशान होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण अतिक्रमण और वाहनों को सड़क पर खड़ा करना है। नवागत इंस्पेक्टर रंजना सचान ने कस्बे में दुकानदारों को नोटिस दिया है कि अगर कोई वाहन सड़क पर खड़ा मिला तो चालान काट दिया जाएगा।
लेकिन असर नही दिखा।शाहगंज: जौनपुर मार्ग स्थित पेट्रोल पंप से लेकर फैजाबाद मार्ग के हिंद सिनेमा, आजमगढ़ मार्ग के भादी चुंगी से लगाए सुरापुर स्टैंड तक दिन भर जाम से लोग जूझते हैं। एक बार जाम लगा तो तीन घंटे से पहले समाप्त नही होता है। वहीं रामलीला भवन, चौक, लोहा मंडी, कोतवाली चौक, डाकघर तिराहा, घास मंडी चौक, कलेक्टर गंज, रामपुर रोड पर दुकानदार ट्रकाें से दिन में ही माल उतरवाते हैं जिससे जाम लगा रहता है। एसडीएम ने दुकानदारों को चेतावनी भी दी, असर नहीं दिखा।
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कमोवेश यही स्थिति गौराबादशाहपुर, मुंगराबादशाहपुर, मड़ियाहूं, खेतासराय, शाहगंज, चंदवक, केराकत, जफराबाद, रामपुर आदि का भी है। शहर में सड़कें काफी सकरीं हैं यहां ओलंगदंज, कोतवाली, सुतहट्टी, नवाब युसूफ रोड, मल्हनी पड़ाव, मछलीशहर पड़ाव, सिपाह, जेसीज, रोडवेज तिराहा, लाइनबाजार, रासमंडल चौक, पालीटेक्निक, चहारसू, नखास, कलेक्ट्रेट सहित तमाम स्थानों पर हर रोज जाम लगता है।
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जाम में फंसकर स्कूली बच्चे, महिलाएं, मरीज और नौकरी पेशा लोग परेशान होते हैं। लेकिन जाम से निपटने का कोई इंतजाम नही किया जा सका है। कहने को होमगार्ड और ट्रैफिक सिपाही लगाए हैं लेकिन वह दो पहिया वाहनों के कागजात चेक करने में ही जुटे रहते हैं। ट्रैफिक से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उनकी मजबूरी है कि 50 हजार रुपये प्रति माह चालान काटना पड़ रहा है।
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ट्रैफिक सिपाहियों की भी कमी है। गौराबादशाहपुर: जौनपुर-आजमगढ़ हाईवे पर लोगों का यात्रा करना दुश्वार हो गया है। लोग दिन भर में दर्जन भर से अधिक बार जाम में फंसकर परेशान होते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण अतिक्रमण और वाहनों को सड़क पर खड़ा करना है। नवागत इंस्पेक्टर रंजना सचान ने कस्बे में दुकानदारों को नोटिस दिया है कि अगर कोई वाहन सड़क पर खड़ा मिला तो चालान काट दिया जाएगा।
लेकिन असर नही दिखा।शाहगंज: जौनपुर मार्ग स्थित पेट्रोल पंप से लेकर फैजाबाद मार्ग के हिंद सिनेमा, आजमगढ़ मार्ग के भादी चुंगी से लगाए सुरापुर स्टैंड तक दिन भर जाम से लोग जूझते हैं। एक बार जाम लगा तो तीन घंटे से पहले समाप्त नही होता है। वहीं रामलीला भवन, चौक, लोहा मंडी, कोतवाली चौक, डाकघर तिराहा, घास मंडी चौक, कलेक्टर गंज, रामपुर रोड पर दुकानदार ट्रकाें से दिन में ही माल उतरवाते हैं जिससे जाम लगा रहता है। एसडीएम ने दुकानदारों को चेतावनी भी दी, असर नहीं दिखा।